ऑफर सिर्फ पाठकों के लिए: पाएं रू. 200 की अतिरिक्त छूट ' द बेटर होम ' पावरफुल नेचुरल क्लीनर्स पे।अभी खरीदें
X
आलू पूरी और कढ़ी चावल : दिल्लीवासियों को सिर्फ 10 रुपये में मिलेगा भर पेट खाना!

आलू पूरी और कढ़ी चावल : दिल्लीवासियों को सिर्फ 10 रुपये में मिलेगा भर पेट खाना!

दिल्ली के शालीमार बाग में पिछले साल उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने 10 रूपये थाली कियोस्क की शुरुआत की थी। खबरे आ रहीं हैं कि वे इस साल के आखिर तक ऐसे 500 और फ़ूड कियोस्क खोलने की योजना पर काम कर रहे हैं।

नगरपालिका अधिकारी तिलक राज कटारिया ने कहा, “सभी पार्षदों को अपने क्षेत्र में ऐसी जगह तलाशने के लिए कहा गया जहां पर ऐसे पांच कियोस्क खोले जा सकें। यह तय किया गया है कि दिसंबर 2018 तक 105 नगरपालिका क्षेत्रों में 500 कियोस्क खोले जायेंगें।”

इसी तरह का प्रोजेक्ट साउथ दिल्ली नगर पालिका द्वारा भी 4 जगहों पर लांच किया गया है।

यह थाली प्रोजेक्ट पिछले साल अटल विहारी वाजपेयी के जन्मदिन (25 दिसम्बर) पर दीन दयाल उपाध्याय अन्तोदय योजना के अंतर्गत शुरू किया गया था।

“हमने शालीमार बाग़ में प्रारम्भिक तौर पर इसे शुरू किया था। यह थाली केवल 10 रूपये में उपलब्ध कराई जाएगी। हमने मेन्यू में पूरी-सब्ज़ी व कढ़ी-चावल रखने का फैसला किया है। हमने विक्रेता को एडवरटाइजिंग करने की छूट दी है ताकी स्कीम से कभी कुछ कम पड़े तो एडवरटाइजिंग से उसकी भरपाई हो जाये। यह सुविधा सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक खुली रहेगी,” कटारिया ने बताया

इस स्कीम का उद्देश्य गरीबों को कम से कम पैसे में भरपेट भोजन उपलब्ध कराना है। साउथ दिल्ली में एम्स, निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, द्वारका और नजफगढ़ में यह योजना शुरू की गयी है।


यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ बांटना चाहते हो तो हमें hindi@thebetterindia.com पर लिखे, या Facebook और Twitter पर संपर्क करे।

 

निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.
Let’s be friends :)
सब्सक्राइब करिए और पाइए ये मुफ्त उपहार
  • देश भर से जुड़ी अच्छी ख़बरें सीधे आपके ईमेल में
  • देश में हो रहे अच्छे बदलावों की खबर सबसे पहले आप तक पहुंचेगी
  • जुड़िए उन हज़ारों भारतीयों से, जो रख रहे हैं बदलाव की नींव