जानिए कैसे पॉलिथीन बैग से बना सकते हैं घर के लिए टेबल मैट या कारपेट

हम सभी जानते हैं कि प्लास्टिक पर्यावरण के लिए हानिकारक है, लेकिन यह भी सच है कि हम सभी के घर में प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद नहीं हुआ है। हालांकि अब बहुत से लोग प्लास्टिक को काफी समझदारी से इस्तेमाल करने लगे हैं। पहली कोशिश तो सबकी यही रहती है कि जहाँ भी हो सके प्लास्टिक से बचा जाए। लेकिन हम सब जानते हैं कि प्लास्टिक को एक झटके में अपने जीवन से बाहर कर देना मुमकिन नहीं है। लेकिन ऐसे बहुत से विकल्प हैं जिनसे आप प्लास्टिक को लैंड फिल और पानी के स्रोतों में जाने से रोक सकते हैं, जैसा कि केरल की यह महिला कर रहीं हैं। 

हम बात कर रहे हैं केरल के पतनमतिट्टा में रहने वाली अम्बिलि प्रसन्नकुमार की। उन्होंने द बेटर इंडिया को बताया, “ऐसा कोई दिन नहीं है जब आपका प्लास्टिक की चीज़ों से सामना न हो। दूध के पैकेट, फ़ूड पैकेज, कंटेनर, पानी की बोतलें, हाइजीन प्रोडक्ट्स, और भी न जाने क्या-क्या, सब कुछ प्लास्टिक का है।” 

अपने घर से निकलने वाले प्लास्टिक के इस कचरे को देखते हुए, उन्होंने इसे फिर से उपयोग में लाने के विकल्प तलाशने शुरू किए। फिर कहते हैं ना कि ‘जहाँ चाह, वहाँ राह’! उन्होंने बताया, “अपनी हर रोज़ की ज़िंदगी में आप भले ही कितनी कोशिश करो पर कहीं न कहीं आपको प्लास्टिक दिखता ही है। मैंने घर में पॉलिथीन की जगह कपड़े के बैग का इस्तेमाल करना शुरू किया लेकिन फिर भी कई बार प्लास्टिक कवर आ ही जाते। इसके बाद ही मैंने सोचा कि क्यों न इन प्लास्टिक कवर का ऐसा कुछ किया जाए जिससे कि पर्यावरण को नुकसान न पहुँचे।” 

अम्बिलि ने प्लास्टिक के इन कवर्स/पॉलिथीन से टेबल मैट या प्लास्टिक कारपेट बनाने की सोची। इससे गर्म खाने के बर्तन रखने से मेज भी बची रहेगी और प्लास्टिक का अच्छा इस्तेमाल भी हो जाएगा।

Table Mat
Table Mat

 

उन्होंने लॉकडाउन के दौरान ये मैट बनाना शुरू किया और अब वह बाहर से मैट या कारपेट नहीं खरीदती हैं क्योंकि उनके बनाये मैट कई साल तक चल सकते हैं। इन्हें गंदा होने पर धोया भी जा सकता है। 

इसके अलावा, अम्बिलि अपना केडी थ्रेड हाउस चलाती हैं और फैब्रिक का ही काम करतीं हैं। उनके बनाये मैट दूसरों को भी काफी पसंद आए लेकिन वह इनके लिए कोई आर्डर नहीं लेती हैं। लेकिन अगर कोई उनसे यह बनाना सीखना चाहे तो सीख सकता है। 

“हर कोई ये मैट के बारे में पूछता है लेकिन यह ऐसी कोई चीज़ नहीं जिसे बेचकर आप पैसा कमा सकते हैं। मुझे जब भी कोई कॉल करता है तो मैं उनकी मदद करतीं हूँ। उन्हें समझाती हूँ कि आप कैसे आसानी से इन्हें घर पर बना सकते हैं और बिना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना प्लास्टिक का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन मैट को बनाने के पीछे का यही उद्देश्य है,” उन्होंने आगे कहा। 44 वर्षीया अम्बिलि आगे अब प्लास्टिक से फलों की टोकरी को ढकने के लिए कवर बनाना चाहती हैं। 

Reuse Plastic Bags

जानिए पॉलिथीन से मैट तैयार करने की विधि:

  • मैट बनाने के लिए कैंची, कपड़े के दो टुकड़े, सुई, धागा, लैस और प्लास्टिक कवर्स चाहिए। आप पहले प्लास्टिक कवर्स को धोकर सुखा लें। 
  • सबसे पहले प्लास्टिक कवर्स को अपनी ज़रूरत के हिसाब से किसी भी आकार में काट लें, गोलाकार या चौकोर। 
  • इसके बाद, कपड़े को भी इसके बराबर के आकार में काट लें। 
  • अब प्लास्टिक कवर को कपड़ों के बीच में रखें और इसे चारों तरफ से सुई-धागे से सिल दें। 
  • आप यह सिलाई मशीन से भी कर सकते हैं। 
  • अब आप चाहें तो इसके चारों तरफ लैस भी लगा सकते हैं। 
  • आपका प्लास्टिक मैट तैयार हैं। 

है न प्लास्टिक मैट तैयार करना बेहद आसान। तो देर किस बात की, आप भी घर में मौजूद प्लास्टिक पॉलिथिन का इस्तेमाल मैट बनाने में करें और पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर बनाने में योगदान दें।

मूल लेख: संजना संतोष

संपादन – जी. एन झा

यह भी पढ़ें: झारखंड: इस IFS अधिकारी ने अपने प्रयासों से 5000 हेक्टेयर के वन क्षेत्र को दिया नया जीवन!

यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है, या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ साझा करना चाहते हो, तो हमें hindi@thebetterindia.com पर लिखें, या Facebook और Twitter पर संपर्क करें।

Reuse Plastic Bags, Reuse Plastic Bags, Reuse Plastic Bags

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.
Posts created 1453

Related Posts

Begin typing your search term above and press enter to search. Press ESC to cancel.

Back To Top
सब्सक्राइब करिए और पाइए ये मुफ्त उपहार
  • देश भर से जुड़ी अच्छी ख़बरें सीधे आपके ईमेल में
  • देश में हो रहे अच्छे बदलावों की खबर सबसे पहले आप तक पहुंचेगी
  • जुड़िए उन हज़ारों भारतीयों से, जो रख रहे हैं बदलाव की नींव