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लोग मूक दर्शक बने देखते रहे; इस छोटे से बच्चे ने बचाई पीड़ित की जान!

क्सर किसी भी सड़क दुर्घटना के दौरान बहुत से लोग सिर्फ खड़े होकर तमाशा देखते हैं, या फिर अपने स्मार्टफोन में वीडियो बनाते हैं। पर यदि यही लोग पीड़ित की समय रहते ज़रा सी मदद कर दें, उनके लिए एम्बुलेंस बुला दें, या उन्हें अस्पताल पहुंचा दें, तो कई ज़िंदगियाँ बच सकती हैं! दुर्घटना के मूक दर्शक न बनकर यदि लोग रक्षक बन जाएँ तो दुर्घटनाओं में मरनेवाले लोगों की संख्या में खासी कमी आ सकती है!

ऐसा ही हुआ जब केनियाम्बल चेम्मान्नुर रॉय के लिए 13 वर्षीय स्कूल छात्र कन्नन उनके रक्षक बनकर आये। केरल के कुन्नमकुलम में सकतम थंपुरन बस स्टैंड के पास एक दुर्घटना में रॉय घायल सड़क पर पड़े थे। उनके इर्द गिर्द ज्यादातर लोग मूक दर्शक बने खड़े थे, लेकिन कन्नन ने बिना एक पल गवाएं रॉय की मदद की और पास के अस्पताल में भर्ती कराया।

मनोरमा के मुताबिक बस-टर्मिनस से निकलने वाली एक बस को रास्ता देते वक़्त रॉय ने अपना संतुलन खो दिया और गिर गए। उन्हें पैर और सिर में चोट आयी।

दुर्भाग्यवश उनकी मदद करने के लिए तो कोई आगे नहीं आया पर कई लोग अपने मोबाइल पर घटना को रिकॉर्ड करने में लग गए थे।

लेकिन होली क्रॉस सीबीएसई सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 8 के छात्र कन्नन, पीड़ित रॉय को देखते ही, उनकी मदद के लिए आगे आये। अपना स्कूटर पास में खड़ा करके कन्नन ऑटोवालों से मदद मांगने लगा। लेकिन घटना से घबराकर कोई ऑटोवाला उनकी मदद के लिए नहीं रुका।

आख़िरकार शहर के एक निजी अस्पताल में नर्स के रूप में काम करने वाली महिला की मदद से रॉय को पास के तालूक अस्पताल में पहुंचाया जा सका।

रॉय के परिवार को उनके किसी जानकार ने सूचित किया। जिसके बाद वे अस्पताल पहुंचें। उनके परिवार के अस्पताल आने पर कन्नन अपने स्कूल चले गए। अपने देर से आने के बारे में पूछे जाने पर, कन्नन ने अपने शिक्षक को इस घटना के बारे में बताया। इसके बाद स्कूल में एक विशेष असेंबली बुलाकर कन्नन को उनके इस काम के लिए सराहा गया और एक पैरेंट-टीचर मीटिंग भी रखी गयी।

कन्नन की मदद के कारण रॉय को वक़्त रहते अस्पताल पहुंचाया जा सका, जिससे उनकी जान बच गयी। अपना स्कूल खत्म होने के बाद कन्नन रॉय से मिलने उनके घर भी गए।

हम कन्नन के इस हौंसले की सराहना करते हैं और उम्मीद करते हैं बहुत से लोग इससे प्रेरणा लेंगें।

( संपादन – मानबी कटोच )


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Written by निशा डागर

Blessed with a talkative nature, Nisha has done her masters with the specialization in Communication Research. Interested in Development Communication and Rural development, she loves to learn new things. She loves to write feature stories and poetry. One can visit https://kahakasha.blogspot.com/ to read her poems.

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