in

नियमित योग और हेल्दी डायट के बावजूद 33 की उम्र में मुझे हार्ट अटैक हुआ, जानते हैं क्यों?

16 दिसंबर 2019 को मुझे दिल का दौरा पड़ा। तब मैं 33 साल का था और निश्चित रुप से यह ऐसी उम्र नहीं होती जब किसी को दिल का दौरा पड़ने की संभावना होती है। मेरा नाम राम है और इस लेख के माध्यम से मैं आपको बताने जा रहा हूँ कि जब मुझे दिल का दौरा पड़ा, तब मेरी स्थिति कैसी थी।

Heart Attack Symptoms

मेरा नाम राम है, पेशे से मैं इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़ा हुआ हूँ और एक एमएनसी के साथ काम करता हूँ। मुझसे अक्सर एक सवाल पूछा जाता है कि क्या मेरा काम तनावपूर्ण है। हार्ट-अटैक का सामना करने के बाद मैंने लंबे समय तक यह जानने और समझने की कोशिश कि क्या मैं अपने काम को तनावपूर्ण कह सकता हूँ या नहीं। मैं एक सामान्य कॉर्पोरेट नौकरी में हूँ और नौकरी के साथ थोड़ा-बहुत तनाव जुड़ा रहता ही है लेकिन व्यक्तिगत रूप से मैं नहीं समझता कि मुझे इससे कभी परेशानी हुई।

हार्ट अटैक से एक हफ्ते पहले की तस्वीर

2019 वह साल था जब मेरे जीवन में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए थे। उसी साल मैं पिता बना था। मुझे याद है कि कई लोग मुझसे कहते थे कि बच्चे के जन्म के बाद रूटीन में कई बदलाव करने होते हैं और यह जीवन का हिस्सा होता है। यही वजह है कि मैं खुद के साथ हो रहे बदलाव के साथ आगे बढ़ता गया।

उन दिनों मैं लगातार बेचैन और सुस्त महसूस कर रहा था। मेरी एनर्जी लगातार कम हो रही थी। मुझे लगा कि इसकी वजह नींद की कमी है जो कि घर में नवजात बच्चे के कारण पूरी नहीं हो पा रही थी। मैं एक बार भी यह नहीं सोच पाया कि मेरे शरीर के भीतर हो रहे बदलाव का कारण कुछ और भी हो सकता है।

जिस दिन मुझे दिल का दौरा पड़ा

वह सोमवार का दिन था। अपनी पत्नी और बच्चे के साथ एक अच्छा वीकेंड गुज़ारने के बाद मैं एक नए सप्ताह के लिए तैयार था। मैं रोज की तरह सुबह लगभग 6.00 बजे उठा और सुबह 7.30 बजे तक मैं काम पर जाने के लिए तैयार हो गया। 9.30 बजे तक मैंने नाश्ता किया। नाश्ते में मैंने दलिया खाई थी जो मैं अक्सर खाता हूँ। आधे घंटे के बाद मैं अपने दफ्तर पहुँच गया।

वह भोपाल की एक ठंडी सुबह थी। जब मैंने अपनी कार ऑफिस की पार्किंग में खड़ी की और बिल्डिंग की ओर चलने लगा तो मुझे बहुत बेचैनी महसूस हुई। मेरी सांस फूलने लगी। मैं अपनी सीट पर बैठ गया और काम करने के लिए अपना लैपटॉप खोल लिया। ये सब करते हुए भी मेरी सांस फूल रही थी और फिर मैं अपनी कुर्सी पर टिक कर बैठ गया और ज़ोर-ज़ोर से, ज़्यादा सांस लेने की कोशिश करने लगा। लेकिन कुछ काम नहीं आया।

मेरे बाएं हाथ की घड़ी भारी लगने लगी

मेरा बायाँ हाथ, जिस पर मैंने घड़ी पहनी हुई थी, भारी लगने लगा। इसके तुरंत बाद, मुझे महसूस होने लगा कि जैसे कोई बाएं हाथ में पिन और सुई चुभो रहा है। ऐसा लग रहा था कि मेरी उंगलियां जम गई हैं और मैं उन्हें हिलाने में भी सक्षम नहीं था।

मेरे सहयोगियों का ध्यान मुझ पर गया और उन्होंने देखा कि मैं बेचैन लग रहा हूँ। दफ्तर के डॉक्टर को बुलाया गया और उन्होंने मेरे साथियों से मुझे अस्पताल ले जाने के लिए कहा, क्योंकि मेरा पल्स रेट गिर रहा था। मुझे व्हीलचेयर पर बैठाया गया।

अस्पताल लगभग पंद्रह मिनट की दूरी पर था और वह अवधि मेरे लिए बेहद असहज थी। मैं बेहोशी और चेतना के बीच झूल रहा था लेकिन इस बीच मैं खुद को लंबी-लंबी सांस लेने के लिए कहता रहा।

इमरजेंसी रूम तक

मैं उन अधिकांश सवालों के जवाब देने में सक्षम था जो डॉक्टर मुझसे पूछ रहे थे। यहाँ तक ​​कि मैंने अपने एक सहयोगी को अपना फोन पासकोड भी बताया, ताकि वह मेरी पत्नी को मेरी स्थिति के बारे में बता सकें। सबसे पहले ईसीजी की जाँच हुई और तब पता चला कि मुझे दिल का दौरा पड़ा है।

मुझे ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया और एक इमर्जेंसी सर्जरी की गई। दर्द जो मेरे बाएं हाथ से शुरू हुआ था, अब मेरे पूरे शरीर में फैल गया था और मुझे लगा जैसे मुझे बिजली का झटका दिया गया हो। शरीर में तीन सबसे महत्वपूर्ण कोरोनरी आर्टरी माने जाने वाले में से एक, LAD आर्टरी पूरी तरह से ब्लॉक हो गया था और डॉक्टरों ने सर्जरी के बाद बताया कि जिससे मैं अभी गुज़रा हूँ वह एक बड़ा दिल का दौरा (हार्ट अटैक) था।

दर्द से भरी सर्जरी

सर्जरी के दौरान जो दर्द मैंने महसूस किया, वह कुछ ऐसा है जिसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता हूँ। सर्जरी के एक-दो घंटे बाद ही मुझे दर्द से थोड़ी राहत मिली। दो स्टंट थे जिन्हें एलएडी आर्टरी में रखा गया था।

जब एंजियोग्राफी की गई तो अन्य ब्लॉकेज भी पाए गए। अन्य आर्टरी में करीब 95 प्रतिशत ब्लॉकेज थी और इसलिए मुझे उन ब्लॉकेज को ठीक करने के लिए जल्द से जल्द एक और एंजियोप्लास्टी कराने की सलाह दी गई।

सर्जरी के बाद मुझे कई तरह की दवाएं दी गई और अब मैं एक दिन में करीब दस गोलियां खाता हूँ। ब्लड प्रेशर के लिए दवाओं से लेकर कोलेस्ट्रॉल और ब्लड थिनर तक, मुझे कई तरह की दवाएं लेनी पड़ती हैं। सर्जरी से पहले मैं इनमें से कोई भी दवा नहीं लेता था। 

मैं काफी फिट था

Heart Attack Symptoms
33वें जन्मदिन की फोटो

मेरा वज़न ज़्यादा नहीं था, मैं हमेशा दुबला रहा और यहाँ तक कि दिल का दौरा पड़ने के समय मेरा बीएमआई 25 पर था, जो चिंताजनक नहीं है। मुझे देखने वाला कोई भी व्यक्ति मुझे अनफिट या ऐसा शख्स नहीं समझता था, जिसे हार्ट अटैक होने की संभावना हो।

हार्ट अटैक होने से एक साल पहले तक मैं नियमित रुप से जिम जाता था,  ट्रेडमिल पर दौड़ने में सक्षम था और यहाँ तक कि मेरा स्टामिना स्तर बहुत अच्छा था। दरअसल हार्ट अटैक से कुछ महीने पहले भी मैं आराम से बिना किसी परेशानी के छह मंजिल तक सीढ़ियों से चढ़ सकता था।

हार्ट अटैक होने के दो महीने पहले तक मुझे किसी भी तरह के शारीरिक लक्षण, विशेष रुप से सांस लेने या कसरत करने की क्षमता में कमी महसूस नहीं हुई। मैंने स्टरेंथ ट्रेनिंग, वेट और कार्डियो व्यायाम के ज़रिए अच्छा-खासा वज़न कम कर लिया था।

हार्ट अटैक से दो महीने पहले

Heart Attack Symptoms

अगर मैं अभी सोचता हूँ तो लगता है कि शरीर कुछ इशारा ज़रुर दे रहा था। छोटे-मोटे काम करने के बाद ही मैं काफी थक जाता था, जैसे कि अपनी कार से निकलने और दफ्तर की ओर चल कर जाने में हीं मैं काफी थक जाता था।

Promotion
Banner

हालांकि, ज़्यादा चलना नहीं पड़ता था, इसलिए मैंने इस तरफ बहुत ध्यान नहीं दिया। उस समय को अभी मैं याद करता हूँ तो लगता है कि मैं कई बार फूला हुआ महसूस करता था और उस दौरान की तस्वीरों में भी यह साफ देखा जा सकता है।

उस समय के दौरान मेरे आंखों के नीचे काफी काला घेरा जमा होने लगा था। तीन महीने से सिर में दर्द भी रहा करता था। हालांकि, इन सारे लक्षणों का कारण नया-नया पिता बनना बताया जा सकता है और यह पर्याप्त आराम नहीं मिलने और असमय जागने का भी एक दुष्प्रभाव हो सकता है।

लगभग सात वर्षों से मैं एसिडिटी से पीड़ित रहा और इस चीज़ ने सुनिश्चित किया कि मैं स्वस्थ भोजन खाऊं और ज़्यादातर भोजन मैं घर पर ही करता था। एसिडिटी की परेशानी से बचने के लिए मैं सुनिश्चित करता था कि एक भी समय का खाना ना छोड़ना पड़े और खाना हमेशा समय पर ही खाऊं। मैंने एक डॉक्टर से परामर्श किया और और मुझे एक गैस्ट्रिक संबंधित समस्या, जीईआरडी होने का पता चला जिसमें पेट जरूरत से ज्यादा एसिड का उत्पादन करता है। दवाओं के साथ लक्षण कम हो जाते हैं लेकिन यह कुछ ऐसा था जो बार-बार होता था।

बाद में, हार्ट अटैक होने के बाद, डॉक्टरों ने कहा कि मैं शायद एनजाइना के दर्द को एसिडिटी समझने की भूल कर रहा था।

सबसे बड़ा सबक

Heart Attack Symptoms
हार्ट अटैक के 6 महीने बाद की तस्वीर

इस पूरे प्रकरण से एक बात मेरी समझ में आई है कि हम अपने शरीर को हल्के में ले लेते हैं। सामान्य रुप से हमारी ऐसी धारणा होती है कि जब तक हम 40-45 साल के नहीं हो जाते हैं तब तक हम मेडिकल परेशानियों का सामना नहीं करेंगे और विशेष रुप से हृदय संबंधी परेशानियों का तो बिल्कुल भी नहीं। मैं वर्कआउट करने, सही खाने और फिट रहने के लिए सब कुछ करने के बारे में सचेत था और फिर भी मुझे दिल का दौरा पड़ा।

हमें नहीं पता कि हमारे शरीर के भीतर क्या चल रहा है और मैंने जैसे सीखा है, वह कठिन तरीका है। उम्र कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे दिल के दौरे से जोड़ा जा सकता है। इसमें कई सारे कारक भूमिका निभाते हैं, जिसमें जीवनशैली और जेनिटिक शामिल हैं। यह एक टाइम-बम पर बैठे होने जैसा है और इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका समय-समय पर स्वास्थ्य जाँच कराना और सभी स्वास्थ्य मापदंडों की निगरानी करना है।

-राम (द बेटर इंडिया से बातचीत के दौरान)

डॉक्टर की सलाह

चेन्नई के वेंकटेश्वर अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ सुभाष चंद्र (एमडी) (डीएम) हमें यह समझाने में मदद करते हैं कि दिल का दौरा क्या है और हम कैसे सचेत रह सकते हैं। वह कहते हैं, “दिल का दौरा पड़ने के दौरान, रोगी का दिल केवल आंशिक रूप से रक्त पंप करने की क्षमता खो देता है और कम दक्षता के साथ जारी रहता है और फौरन मेडिकल सहायता से स्थिति पर काबू पाया जा सकता है। हालांकि, कार्डियाक अरेस्ट के दौरान दिल काम करना बंद कर देता है।”

क्या हैं लक्षण:

अत्यधिक थकान

सांस लेने में कठिनाई

तेजी से दिल धड़कना

उल्टी

जी मिचलाना

सिर चकराना

पसीना आना

बेचैनी का अहसास

गुरुग्राम के सीटीवीएस, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक और प्रमुख, डॉ उडगेथ धीर का कहना है –

हृदय संबधी परेशानियों का सामना करने वाले दूसरे लोगों के लिए राम ने एक ग्रुप बनाया है, जिसका नाम इंडिया: हार्ट अटैक एंड हार्ट डीजिज सपोर्ट ग्रुप है। आप भी इस ग्रुप से जुड़ सकते हैं।

मूल लेख- VIDYA RAJA

यह भी पढ़ें- कुलथी दाल: धरती पर उपलब्ध सबसे पौष्टिक दाल, वजन घटाने और डाइबिटीज में है सहायक 

यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है, या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ साझा करना चाहते हो, तो हमें hindi@thebetterindia.com पर लिखें, या Facebook और Twitter पर संपर्क करें। आप हमें किसी भी प्रेरणात्मक ख़बर का वीडियो 7337854222 पर व्हाट्सएप कर सकते हैं।

Promotion
Banner

देश में हो रही हर अच्छी ख़बर को द बेटर इंडिया आप तक पहुँचाना चाहता है। सकारात्मक पत्रकारिता के ज़रिए हम भारत को बेहतर बनाना चाहते हैं, जो आपके साथ के बिना मुमकिन नहीं है। यदि आप द बेटर इंडिया पर छपी इन अच्छी ख़बरों को पढ़ते हैं, पसंद करते हैं और इन्हें पढ़कर अपने देश पर गर्व महसूस करते हैं, तो इस मुहिम को आगे बढ़ाने में हमारा साथ दें। नीचे दिए बटन पर क्लिक करें -

₹   999 ₹   2999
mm

Written by पूजा दास

पूजा दास पिछले दस वर्षों से मीडिया से जुड़ी हैं। स्वास्थ्य और फैशन से जुड़े मुद्दों पर नियमित तौर पर लिखती रही हैं। पूजा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है और नेकवर्क 18 के हिंदी चैनल, आईबीएन7, प्रज्ञा टीवी, इंडियास्पेंड.कॉम में सक्रिय योगदान दिया है। लेखन के अलावा पूजा की दिलचस्पी यात्रा करने और खाना बनाने में है।

जानिए कैसे घर से शुरू कर सकते हैं बेकरी बिज़नेस

Organic Farmer Earns Lakhs

महाराष्ट्र: पपीता-तरबूज की खेती कर लाखों कमाता है यह किसान, 50 अन्य को किया प्रेरित