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पेट भर खाना खाकर भी कैसे हो सकते हैं पतले, बता रहीं हैं 22 किलो वजन कम करने वाली इरा

वजन घटाने की यात्रा में, कई ऐसे दिन भी थे जब उन्हें लगता था कि जो वह कर रही हैं उसका सही परिणाम नहीं मिल रहा है। तब वह खुद से कहती थीं कि वह कुछ भी कर सकती हैं।

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आज की तारीख में हर कोई स्लिम-ट्रिम दिखना चाहता है। वज़न कम करने के लिए लोग कई तरह के नुस्खे अपना रहे हैं। ऐसे कई तरह के डायट, ड्रिंक्स और पिल्स उपलब्ध हैं जो जल्द से जल्द वज़न कम करने का दावा करते हैं। लेकिन ये तरीके किसी को लंबे समय तक फायदा नहीं पहुँचाते हैं। इसके अलावा, कई लोग जो मानसिक और शारीरिक रुप से फिट नहीं हैं, उनके लिए भी इस तरह के ड्रिंक्स और पिल्स बहुत ज़्यादा फायदेमंद साबित नहीं होते हैं।

वज़न कम करने के संबंध में इरावती कोरे की कहानी काफी दिलचस्प और प्रेरणादायक है। 23 वर्षीय इरावती बैंकर हैं और पुणे में रहती हैं। दो साल पहले इरावती भी उन लोगों में से एक थी जो जल्द से जल्द वज़न कम करना चाहती थी। इरावती के बढ़ते वज़न का कारण उनकी खराब जीवनशैली थी। देर से सोना, अक्सर रेस्तरां में खाना खाने और घर के बने खाना से मुँह फेरने के कारण वह 90 किलो से ज़्यादा की हो गईं थीं।

इरावती कहती हैं उन्हें अपने वज़न बढ़ने का अहसास तब हुआ जब उनके वार्डरोब की कोई भी ड्रेस उन्हें फिट नहीं आने लगी। वह बताती हैं कि अक्सर उनके आस-पास के लोग पूछने लगे कि उनका वज़न क्यों इतना बढ़ रहा है। वह आगे कहती हैं, “मैं उस मोड़ तक पहुँच गई थी जहाँ मैं आईने या कैमरे के सामने जाना नहीं चाहती थी। वज़न कम करने के संबंध में मैंने ऑनलाइन काफी रिसर्च किया और मुझे फौरन वज़न घटाने वाले कुछ टिप्स भी मिले लेकिन मैंने टिप्स को ज़्यादा गंभीरता से नहीं लिया क्योंकि मैंने कई ऐसी कहानियाँ भी पढ़ी थी जिनमें बताया गया था कि ये लंबे समय के लिए फायदेमंद नहीं होते हैं।”

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वजन कम करने से पहले इरावती

आज की तारीख में इरावती बिना किसी सख्त डायट या एक्सर्साइज़ के 22 किलो वज़न कम कर चुकी हैं।

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वजन कम करने के बाद इरावती

जानना चाहेंगे कैसे? आइए बताते हैं –

बाधाओं को अवसर की तरह देखना

2018 में, बढ़ते वज़न के कारण कुछ महीने के लिए इरा के पीरियड्स अनियमित हो गए। तब उन्होंने एक स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क किया जहाँ उन्हें पीसीओडी और माइल्ड हाइपोथायरायडिज्म होने का पता चला। डॉक्टर ने भी उनसे कहा कि वज़न कम करना उनके लिए काफी मुश्किल होगा क्योंकि पीसीओडी से ग्रसित लोगों में तेज़ी से वज़न बढ़ने की संभवाना होती है।

डॉक्टर ने उन्हें नियमित रुप से कसरत करने और सख्त डायट की सलाह दी। लेकिन इरा जानती थी कि उन्हें खाने से प्रेम है और उनके लिए दूसरों द्वारा बताए गए फूड पैटर्न पर ज़्यादा दिनों तक चलना मुश्किल होगा।

इरा बताती हैं कि डॉक्टर से मिलने के बाद उन्होंने इंटरनेट पर अपनी मेडिकल स्थिति के बारे में काफी पढ़ा। उन्होंने वज़न घटाने के संबंध अन्य कई लोगों की प्रेरणादायक कहानियाँ पढ़ी। वज़न कम करने के लिए, हर किसी का अपना अलग तरीका था। इरा ने लगातार रिसर्च जारी रखी और रूजुता दिवेकर द्वारा लिखी प्रेरणादायक किताबें जैसे कि ‘द डोंट लूज़ आउट, वर्क आउट’, या ‘डोंट लूज़ योर माइंड, लूज़ योर वेट’, पढ़ी और उन्होंने खुद से वादा किया कि वह वजन कम करने की कोशिश नहीं बल्कि स्वास्थ ठीक करने की कोशिश करेंगी।

सकारात्मक बने रहना

वज़न घटाने की यात्रा में इरा के लिए सबसे पहला कदम नकारात्मक विचारों पर काबू पाना था। उन्होंने खुद को समझाया कि उनकी स्थिति में वज़न कम करना आसान नहीं है, लेकिन साथ ही यह भी आश्वस्त किया कि वज़न कम करना असंभव भी नहीं है।

इरा बताती हैं कि उन्होंने कभी डायटिशियन या न्यूट्रिशनिस्ट से संपर्क नहीं किया। वह बताती हैं, “मैं बुनियादी चीज़ों पर लौट कर आई जैसे कि पारंपरिक घर का पकाया भोजन। मैं ध्यान देने लगी कि मैं क्या खा रही हूँ। मैंने खुद से कहा कि ‘आप वही हैं जो आप खाते हैं’। इसी विचार के साथ मैंने अपने खाने में पोषण वाली चीज़ें शामिल करना शुरु किया जैसे कि गेहूँ, रागी, ज्यादा फल और सब्जियाँ। स्नैक्स के लिए पारंपरिक भारतीय खाना शामिल किया जैसे कि चकली, बेसन के लड्डू, और ड्राई फ्रूट्स।”

इरा कहती हैं कि उन्होंने खाने की मात्रा पर कभी ध्यान नहीं दिया और हमेशा पेट भर कर खाया।
ज्यादातर उनके दिन का भोजन कुछ इस प्रकार होता था

नाश्ता – घर का बना खाना जैसे खिचड़ी, उपमा या पराठा

मिड स्नैक – फल या ड्राई फ्रूट्स

दोपहर का भोजन – रोटी और सब्जी

शाम का नाश्ता – ताजा जूस, बेसन के लड्डू या घर का बना स्नैक्स जैसे चकली या चिवड़ा

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रात का खाना – दाल-चावल, दूध या करी।

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डाइट का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है

इरा कहती हैं, “कभी-कभी मुझे पेस्ट्री, पिज्जा या तेल में छना-भुना खाना खाने की बहुत तलब होती थी और ऐसे खाने से भी मैंने खुद को कभी नहीं रोका। मैंने हर तरह के भोजन का आनंद लिया, लेकिन मैंने ध्यान रखा की देर से या फिर खाना खाने के बाद कुछ ना खाऊँ।”

जीवनशैली में बदलाव

इरा के सामने एक और बाधा थी, नींद की कमी। इंटीरियर डिजाइन की छात्रा होने के कारण, उनके कॉलेज के काम और आर्ट और पढ़ने जैसे शौक के कारण वह देर रात तक जागती थी और करीब छह घंटे की ही नींद ले पाती थी।

इरा कहती हैं, “मैं अपने शौक या कॉलेज के काम को बंद नहीं कर सकती थी और साथ ही मुझे उन गतिविधियों पर ध्यान देने की ज़रूरत थी जो मुझे आगे बढ़ने में मदद करे। मैंने भरतनाट्यम व  योगा क्लास में दाखिला लिया और साथ ही जिम की भी शुरुआत की। एक बार इन क्लास को पूरा करने के बाद मैं अपने कॉलेज के काम पर ध्यान केंद्रित करती थी। इन सबके बाद, मुझे सोना पड़ता था क्योंकि मेरे शरीर के इसकी ज़रुरत थी। हर हफ्ते में से पांच दिन, मैं इन गतिविधियों में से किसी एक पर समय देती थी और बाकि के दो दिन मैंने खुद के आराम के लिए रखा था।”

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सुबह से शाम तक खुद को सक्रिय रखने से न केवल उसे मेटाबोलिज़्म सुधारने में मदद मिली बल्कि इससे उसकी नींद भी बेहतर हुई।

इरावती आगे कहती हैं कि, थोड़े ही समय में उन्होंने ध्यान दिया कि फास्ट-फूड खाने की लालसा कम हो रही है। वह बताती हैं, “मुझे पारंपरिक व्यंजनों की खोज करने में ज़्यादा दिलचस्पी होने लगी थी जैसे कि साबुत गेहूँ से बनी खीर या बेसन के आटे से बने चीले। मुझे एहसास हुआ कि मैं जो कर रही थी वह मेरी दिनचर्या का हिस्सा बन गया था और मैं पहले की तरह अब योजना नहीं बना रही थी।”

वजन घटाने की यात्रा में, कई ऐसे दिन भी थे जब उन्हें लगता था कि जो वह कर रही हैं उसका सही परिणाम नहीं मिल रहा है। तब वह खुद से कहती थी कि वह कुछ भी कर सकती हैं। वह खुद को भी विश्वास दिलाती थी जो उन्होंने प्राप्त किया है वह बेहतर स्वास्थ्य है।

इरावती बताती हैं कि, 2019 के बीच में, वह एक दोस्त के साथ बाहर गई थीं और उनकी दोस्त ने एक तस्वीर क्लिक की। तब उन्होंने ध्यान दिया कि वह पहले से ज्यादा पतली लग रही थी। यहाँ तक कि जब उनके रिश्तेदार उनसे मिलते थे तो उन्हें देखते ही पूछते कि उसने कैसे वज़न कम किया। फिर इरावती ने एक वजन मापने वाली मशीन से अपना वज़न मापा और देखा कि उन्होंने 18 किलो वज़न कम किया है और वह पहले से काफी ज्यादा स्वस्थ महसूस कर रही थी।

कॉलेज के समय की एक दोस्त, अमूल्य कल्याण कहती हैं कि इरावती का मन बहुत मजबूत है, वह जो ठान लेती है, वही करती है।

कल्याण कहती हैं, “जब स्वास्थ्य कारणों से इरा का वज़न काफी ज़्यादा बढ़ गया, तो कुछ दोस्तों और उनके परिवार ने उनकी बहुत आलोचना की। लेकिन वह सकारात्मक रही, उसने अपनी दूरदर्शिता पर ध्यान केंद्रित किया और वह हासिल किया जो वह चाहती थी। उसने मुझे विश्वास दिलाया कि आप चाहें तो अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त कर सकते हैं जो अंततः आपके द्वारा किए जाने वाले हर काम को प्रभावित करती है।”

आज की तारीख में , इरा 22 किलो वजन कम कर चुकी है, लेकिन फिट रहने की उसकी यात्रा समाप्त नहीं होती है क्योंकि अब यह उनकी जीवन शैली है।

यदि आप इरा की यात्रा के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो आप उनका ब्लॉग पढ़ सकते हैं या koreirawati@gmail.com पर उनसे संपर्क किया जा सकता है।

मूल लेख- Roshini Muthukumar

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Written by पूजा दास

पूजा दास पिछले दस वर्षों से मीडिया से जुड़ी हैं। स्वास्थ्य और फैशन से जुड़े मुद्दों पर नियमित तौर पर लिखती रही हैं। पूजा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है और नेकवर्क 18 के हिंदी चैनल, आईबीएन7, प्रज्ञा टीवी, इंडियास्पेंड.कॉम में सक्रिय योगदान दिया है। लेखन के अलावा पूजा की दिलचस्पी यात्रा करने और खाना बनाने में है।

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