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पटना में ‘सुपर 30’ से 26 विद्यार्थियों ने मारी बाजी, पास की IIT-JEE की परीक्षा

फोटो: एनडीटीवी

स रविवार को आईआईटी-जेईई मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ। पटना के ‘सुपर 30’ के 26 विद्यार्थियों ने इस साल भी परीक्षा में सफलता हासिल की है। आनंद कुमार ने 2002 में इस संस्थान की शुरुआत की थी। इसमें जेईई परीक्षा के लिए गरीब और कमजोर तबके के 30 प्रतिभाशाली छात्रों को शिक्षा दी जाती है।

आनंद ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया को बताया, “यह देख कर अच्छा लगा कि दूरदराज के छात्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया है, जहां अब तक विकास की हवा भी नहीं पहुंची है और जीवन अभी भी संघर्षमय है।”

बहुत साधारण परिवार से आने वाले ओनिरजीत गोस्वामी, सूरज कुमार, यश कुमार और सूर्यकांत दास समेत अन्य ने इस साल संस्थान से जेईई परीक्षा पास की है। ओनिरजीत के पिता कानपूर में एक छोटी सी कंपनी में काम करते हैं। ओनिरजीत ने बताया कि वह हमेशा से ज़िन्दगी में कुछ अच्छा करना चाहता था पर जेईई पास करना सपने से कम नहीं।

झारखंड में गिरिडीह के निवासी सूरज कुमार के अभिभावक कभी स्कूल नहीं गए। उनके पिता भूमिहीन किसान और बेटे के परीक्षा में उतीर्ण होने से वह बहुत खुश हैं। ये सभी विद्यार्थी अपनी इस सफलता का श्रेय अपने गुरु आनंद कुमार को देते हैं।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक, पिछले 16 साल में संस्थान के करीब 500 छात्रों ने आईआईटी के लिए परीक्षा में सफलता हासिल की है। प्रशिक्षण प्रक्रिया के दौरान, आनद साल भर, सभी 30 छात्रों को भोजन और आवास प्रदान करते हैं। उनके परिवार के सदस्य भी हर तरह से उनका समर्थन करते हैं।

आनंद कुमार अपने अभियान को देश भर में छात्रों तक ले जाना चाहते हैं। आनंद कुमार ने कहा, ‘मैं ‘सुपर 30’ का विस्तार करना चाहता हूं, लेकिन कुछ समस्याएं हैं। देश में इसी तरह की पहल की मांग बढी है और अधिक से अधिक छात्रों तक पहुंचने के लिए कोई तो रास्ता तलाशना होगा। ‘सुपर 30’ एकेडमी जल्द ही स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित करेगी और संस्थान की वेबसाइट पर सूचनाएं डाली जाएँगी।

‘सुपर 30’ ने न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी अपनी पहचान बनाई है। न्यूज वीक पत्रिका ने इस संस्थान को दुनिया के चार सबसे नवीन स्कूलों की सूची में शामिल किया है।

आनंद कुमार और उनकी इस पहल ‘सुपर 30’ पर फिल्म भी बन रही है। जिसमे ऋतिक रोशन मुख्य भूमिका में हैं और उम्मीद है कि अगले साल तक फिल्म सिनेमाघरों में आ जाएगी।

इस संस्थान के बारे में जानने के लिए क्लिक करें


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Written by निशा डागर

Blessed with a talkative nature, Nisha has done her masters with the specialization in Communication Research. Interested in Development Communication and Rural development, she loves to learn new things. She loves to write feature stories and poetry. One can visit https://kahakasha.blogspot.com/ to read her poems.

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