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मोबाइल एप बनाना सीख सकते हैं स्कूली छात्र, नीति आयोग ने शुरू किया मुफ्त ऑनलाइन कोर्स!

जानिए कैसे कर सकते हैं इस कोर्स के लिए रजिस्टर!

नीति आयोग ने अटल इनोवेशन मिशन के तहत आने वाले स्कूलों के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन कोर्स शुरू किया है, जिसके ज़रिए छात्र मोबाइल एप्लीकेशन बनाना सीख सकते हैं। कोर्स का नाम, ATL एप डेवलपमेंट मोड्यूल है और अच्छी बात यह है कि ऑनलाइन होने के साथ-साथ यह बिल्कुल मुफ्त है। आपको इस कोर्स के लिए कोई फीस नहीं देनी है।

इस कोर्स के ज़रिए नीति आयोग का उद्देश्य भारत के छात्रों को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने और काम करने के लिए प्रेरित करना है। वह चाहते हैं कि इस सेक्टर में भी भारत अन्य तकनीकी देशों की तरह आगे बढ़े। इस कोर्स को भारतीय स्टार्टअप प्लेज़्मो के साथ मिलकर लॉन्च किया गया है।

आपका स्कूल अटल टिंकरिंग लैब के लिए सेलेक्ट किया गया है या नहीं, यह जानने के लिए यहाँ पर क्लिक करें: https://schoolgis.nic.in/

नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने इस बारे में कहा, “आदरणीय प्रधानमंत्री नागरिकों को तकनीक का इस्तेमाल करते हुए आत्मनिर्भर भारत के लिए इनोवेट करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ऐसे में, बहुत ज़रूरी है कि भारत के बच्चे कम उम्र में ही ज़रूरी गुर और हुनर सीखें ताकि आने वाले कल में वह तकनीकी लीडर बन सकें। नीति आयोग को गर्व है कि उन्होंने बच्चों के लिए ऐसा कुछ लॉन्च किया।”

इस कोर्स के लिए अप्लाई करने के लिए यहाँ पर क्लिक करें: https://appcourse.plezmo.com/

कैसे करें अप्लाई:

NITI Aayog

स्टेप 1: सबसे पहले बच्चों को अपना अकाउंट रजिस्टर करना होगा। इसके लिए आपको अपनी एक ईमेल आईडी चाहिए। अगर आपकी पहले से ईमेल आईडी है तो आप उसे इस्तेमाल कर सकते हैं। यहाँ पर पूछी गई सभी जानकारी भरकर रजिस्टर करें।

स्टेप 2: रजिस्टर करने के बाद आपको ‘My Account’ पेज पर जाना है और फिर यहाँ पर आप कोर्स 1 से शुरू कर सकते हैं। इस कोर्स में 6 मोड्यूल हैं जो आपको एक-एक करके पूरे करने हैं। यह आप पर निर्भर करता है कि आप कितने समय में अपने मोड्यूल पूरे करते हैं। आपकी सभी प्रोग्रेस अकाउंट में सुरक्षित रहेगी। आप कभी भी कोर्स में लॉग इन या लॉगआउट कर सकते हैं।

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स्टेप 3: हर एक कोर्स को पूरा करने के बाद आपको एक बैज मिलेगा। आपने कितने बैज जीते हैं और अभी कितने बाकी हैं, यह सब आपको माय अकाउंट पेज पर पता चलता रहेगा।

स्टेप 4: आपको अपने 4 कोर्स मोड्यूल पूरे करने के बाद ‘मोबाइल एप डेवलपमेंट’ का सर्टिफिकेट मिलेगा और कोर्स मोड्यूल 6 पूरा करने के बाद, ‘वेब एप डेवलपमेंट’ सर्टिफिकेट से नवाज़ा जाएगा। माय अकाउंट पेज से आप अपने सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं।

स्टेप 5: अगर आपको कोर्स के दौरान कोई भी परेशानी होती है तो आप मेनू में ‘हेल्प’ पर क्लिक करके अपनी परेशानी बता सकते हैं।

तो आज ही इस कोर्स के लिए अप्लाई करें और सीखिए खुद मोबाइल एप बनाना। आप अपने मन-मुताबिक कोई गेम या फिर कोई दूसरी ज़रूरी एप्लीकेशन भी बना सकते हैं। देश की आने वाली पीढ़ी को को एप यूजर से एप मेकर बनाने की यह पहल काबिल-ए-तारीफ है। क्या पता इनमें से ही किसी एक छात्र की मोबाइल एप्लीकेशन भारत की आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखे।

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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.

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