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नारियल किसानों के लिए आय का नया जुगाड़, बनाई एक मिनट में पानी ठंडा करने वाली सस्ती मशीन!

विनोद के इस आविष्कार के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

किसी ने ठीक ही कहा है कि आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है। इस वाक्य को हू-ब-हू चरितार्थ कर रहे हैं कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू के रहने वाले विनोद महादेवैया, जोकि नारियल के पानी से लेकर उससे बनने वाले खाद्य पदार्थों की दुकान चला रहे हैं। ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई करने वाले विनोद ने एक ऐसी मशीन का आविष्कार किया है, जिससे एक मिनट में ही नारियल का पानी ठंडा हो जाता है। उन्हें उनके आविष्कार के लिए दो-दो बार राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है।

विनोद ने नारियल को तोड़ने से लेकर उसे तुरंत ठंडा करने वाली मशीन विकसित की है, जिसका लाभ अब स्थानीय किसानों को भी मिल रहा है। उन्होंने नारियल के पारंपरिक व्यवसाय के बजाय इस नए तरीके को अपनाने के लिए किसानों भी को प्रेरित किया है। विनोद का कहना है कि उनका यह आविष्कार किसानों की आमदनी बढ़ाने में कारगर है।

विनोद नारियल आधारित खाद्य उत्पादों जैसे कि ठंडा नारियल पानी, नारियल आइसक्रीम, नारियल जेली बेचते हैं। इसके लिए उन्होंने नारियल को तोड़ने और तत्काल नारियल पानी को ठंडा करने की मशीन विकसित की। यह कूलर किसानों को तुरंत ठंडा पानी बेचने में मदद करता है, जिससे अच्छी कीमत मिलती है।

विनोद महादेवैया

दो साल की मेहनत से बना यह हाइड्रोलिक मशीन

विनोद ने द बेटर इंडिया को बताया, “मैंने इस हाइड्रोलिक मशीन बनाने की शुरुआत 2010 में की थी और 2012 में इसे बना लिया। नारियल का जो पारंपरिक व्यवसाय है वह काफी समय लेता है और आमदनी भी उतनी नहीं होती है। नारियल को सुखा कर बेचने से उतना फायदा नहीं है, जितना उसके पानी और कच्चे नारियल से बने अन्य खाद्य पदार्थों को बेचने में है। नारियल को सुखाकर बेचने में काफी वक्त भी लगता है और उसके लिए सभी के पास बाजार का विकल्प भी मौजूद नहीं है।”

विनोद ने बताया कि नारियल को तोड़ने से लेकर उसके पानी को ठंडा करने वाली इस मशीन की लागत करीब 55 हजार रुपए आती है। इसमें स्टेनलेस स्टील का प्रयोग किया जाता है। अभी तक उन्होंने दस लोगों को मशीन बनाकर दिया है। इस मशीन की मदद से नारियल के कई खाद्य पदार्थ भी बनाए जा सकते हैं।

विनोद ने बताया कि पानी वाला एक नारियल 12 से 13 रुपए में बिकता है। वहीं, मशीन के उपयोग से इससे कमाई दोगुनी हो जाती है। उन्होंने कहा कि एक नारियल से औसतन 250-300 एमएल पानी निकलता है। ठंडा करने के बाद हम उसे 200 एमएल के ग्लास में बेचते हैं। विनोद ने बताया कि ठंडा कर बेचने से बिक्री में भी इजाफा होता है। उन्होंने दावा किया कि एक किसान एक साल में मशीन की लागत को निकाल सकता है।

bengaluru man
हाइड्रोलिक मशीन 

हाइड्रोलिक मशीन के फायदे

मशीन की मदद से नारियल को काटने से लेकर उसके पानी को ठंडा करने में महज एक मिनट का समय लगता है। इससे कोई भी किसान एक दिन में 400 नारियल बेच सकता है। यह हाइड्रोलिक मशीन है, इसके लिए बिजली की आवश्यकता नहीं होती है। मशीन के द्वारा कूलिंग करने के लिए एक दिन में सिर्फ दस किलो बर्फ की आवश्यकता पड़ती है। इससे 400 नारियल के पानी को ठंडा किया जा सकता है।

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उन्होंने कहा कि सूखा नारियल बेचने की प्रक्रिया में काफी समय लगता है। लगभग 16 महीने के बाद उससे आमदनी होती है, क्योंकि नारियल को तोड़ने के बाद लगभग नौ महीने तक गोदाम में रखना पड़ता है। इसके लिए बड़े जगह की आवश्यकता भी होती है। वहीं, पेड़ से पानी वाला नारियल महज सात महीने में निकलता है।

2013 और 2016 में राष्ट्रपति भवन में आयोजित राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में भी वह शामिल हुए थे, जहां उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला है। विनोद का कहना है कि वह खुद जो अनुभव करते हैं और उसी से नए आविष्कार करने की कोशिश करते हैं।

रिक्शे में गियर और इलेक्ट्रिक कार में इनबिल्ट चार्जिंग यूनिट को लेकर काम

2013 में जब विनोद ताजमहल देखने आगरा गए थे तो वहां उन्होंने रिक्शा को खींचने में होने वाली कठिनाई महसूस की थी। उसके बाद से वह लगातार उसे आसान (कम खर्चे में) करने की कोशिश में जुटे हैं। उन्होंने कहा, “रिक्शे पर जब दो आदमी सवार होता है तब चालक को काफी दिक्कत होती है। ऐसे में रिक्शे में गियर लगाने का सोच रहा हूं। साथ ही साथ इलेक्ट्रिक कार में इनबिल्ट चार्जर यूनिट बनाने की भी कोशिश कर रहा हूं।”

विनोद नए-नए आविष्कार करने के साथ-साथ लोगों को ट्रेनिंग भी देते हैं। वह कहते हैं, “मुझे यह पता है कि लागत को कैसे कम किया जा सकता है। उसी को ध्यान में रखकर मैं किसी भी नए प्रयोग के बारे में सोचता हूं। क्योंकि किसानों की आमदनी लागत के कारण ही नहीं बढ़ पाती है।”

विनोद जैसे लोगों से नए तौर तरीके सीखने या फिर उनकी मदद के लिए आप उन्हें 9972556749 पर संपर्क कर सकते हैं।

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Written by कुमार हिमांशु

स्वतंत्र पत्रकार

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