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#DIY: घर पर बनाएं गोबर की लकड़ी और पेड़ों को कटने से बचाएं!

किसान गोबर की खाद के साथ-साथ इसकी लकड़ियाँ बनाकर भी अच्छी आय कमा सकते हैं!

पिछले कुछ सालों में भारत के किसानों ने न सिर्फ खेती-बाड़ी और दूध की डेयरी से बल्कि पशुओं के गोबर से भी पैसे कमाने के तरीके ईजाद किए हैं। गोबर के गमले बनाने से लेकर उत्तम खाद बनाने तक, हर संभव प्रयोग से किसान अतिरिक्त आय कमाने में जुटे हैं। गोबर को पहले से ही किसानों के लिए हरा सोना माना जाता रहा है और अब जैसे-जैसे इससे बनने वाले उत्पादों में वृद्धि हो रही है, यह बात सार्थक होती नज़र आ रही है। हम सब जानते हैं कि गांवों में गोबर के उपले घरों में चुल्हा जलाने के लिए प्राथमिक ईंधन के तौर पर इस्तेमाल होते हैं।

इसी सिद्धांत पर चलते हुए, पिछले कुछ सालों में फेब्रीकेटर्स ने गोबर की लकड़ी बनाने वाली मशीन ईजाद की। यह किसानों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है। उत्तर-प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के पशुपालक इस मशीन को खरीदकर गोबर के ज़रिए अतिरिक्त आय कमा रहे हैं। लेकिन सवाल है कि छोटे किसान और अन्य लोग, जो अपने यहाँ एक-दो ही पशु रखते हैं, क्या उनके लिए इतनी बड़ी मशीन खरीदना संभव है? शायद नहीं।

लेकिन आप खुद अपने घर में बिना किसी मशीन से भी गोबर की लकड़ी बना सकते हैं। लेकिन कैसे?

यह आपको बता रहे हैं राजस्थान में रहने वाले 58 वर्षीय मनोज पुष्करणा। मनोज न तो कोई किसान हैं और न ही उन्होंने कोई लंबी-चौड़ी पढ़ाई की है बल्कि उनका नाम तो उन भारतीयों की फेहरिस्त में शामिल होता है, जिन्हें लोग ‘जुगाडू आदमी’ की संज्ञा देते हैं। बचपन से ही काम को सरल बनाने के तरीके खोजने वाले मनोज मात्र दसवीं पास हैं।

Make Cow Dung Wood
Manoj Puskarna

उनके जीवन के 35 साल पश्चिम बंगाल के कोलकाता में बीते। कई दशकों पहले उनके पूर्वज बंगाल में बस गए और वहां उनके पिता की मिठाइयों की दुकान हुआ करती थी। मनोज बताते हैं कि उन्होंने कोलकाता में ही अपनी स्कूल की पढ़ाई की और फिर दुकान में पिता की सहायता करने लगे। लेकिन हमेशा से ही उनकी प्रवृत्ति कुछ न कुछ नया करने में रही। उन्हें काम को आसान और सरल बनाने के लिए तरह-तरह के जुगाड़ करने में बहुत दिलचस्पी रही।

साल 1996 में मनोज और उनका परिवार राजस्थान लौट आया और अपने गाँव में आकर बस गया। आजीविका के लिए उन्होंने टेंट हाउस का काम शुरू किया। मनोज कहते हैं कि भले ही उनकी खेती-बाड़ी नहीं है लेकिन अपने गाँव में आस-पास किसानों की समस्यायों को जानकर, उनकी इच्छा होती कि वह किसी तरह से उनकी मदद करें।

मनोज लोगों को रोज़मर्रा की ज़िंदगी को आसान बनाने और यहाँ तक कि कई बार पैसे कमाने के लिए भी अच्छे तरीके बताते हैं। उनके तरीके बेहद सरल और सस्ते होते हैं, जैसे पशुपालक कैसे गोबर के ज़रिए ही अच्छी कमाई कर सकते हैं? या फिर कैसे आप खुद सोलर ड्रायर बनवाकर अपने घर में सब्जियों को लम्बे समय तक चला सकते हैं।

मनोज ने द बेटर इंडिया को बताया, “जब तक गाय-भैंस दूध देती हैं, तब तक ही लोग उनकी सेवा करते हैं लेकिन जैसे ही वह दूध देना बंद कर देती हैं या फिर बूढी हो जाती हैं तो उन्हें या तो बाहर कहीं छोड़ दिया जाता है या बेच दिया जाता है। यह बिल्कुल गलत है। इसलिए मेरे दिमाग में आया कि अब लोगों को दूध के साथ-साथ गोबर में भी आय के साधन तलाशने चाहिए और मैंने घर पर ही जुगाड़ से गोबर की लकड़ी बनाने का तरीका ईजाद किया।”

घर पर ही बनाएं गोबर की लकड़ी:

Logs made from Cow Dung. Picture Courtesy: Facebook

मनोज ने घर पर ही गोबर से लकड़ी बनाने का मॉडल तैयार किया। इसके लिए आप लकड़ी या फिर लोहे का इस्तेमाल कर सकते हैं। सबसे पहले आप एक 2 मीटर लम्बी और लगभग 5 इंच चौड़ी लकड़ी या लोहे की पट्टी लीजिये। इसके साथ ही, दो पट्टियाँ, डेढ़ मीटर लम्बी और 4 इंच चौड़ी लीजिये और साथ में दो और छोटे-छोटे 4 इंच चौड़े लकड़ी या फिर लोहे के टुकड़े और एक दो मीटर लम्बा पीवीसी पाइप का टुकड़ा।

अब आप 2 मीटर लम्बी पट्टी पर बाकी दो पट्टियों को खड़ा करके लगा दीजिए, अगर लकड़ी है तो लकड़ी को चिपकाने वाली गम आप इस्तेमाल कर सकते हैं। लोहे के लिए आप वेल्डिंग करवा सकते हैं। इन पट्टियों को चिपकाने के बाद, बाकी बचे दो टुकड़ों के बीचों-बीच समान दूरी पर छेद करले ताकि इसमें से पीवीसी पाइप आसानी से पार हो जाए। अब इन टुकड़ों को पट्टियों के दोनों सिरों पर लगा दें, जैसा कि तस्वीर में आप देख रहे हैं।

आपका मॉडल तैयार है।

Models made of Iron and Wood to make cowdung wood at home

अब आप गोबर को अच्छी तरह मिलाएं, ध्यान रखें कि गोबर बहुत ज्यादा गीला न हो और न ही बहुत ज्यादा सूखा। गोबर को अच्छी तरह मिलाने के बाद मॉडल में डालें। लेकिन ध्यान रहे कि आप गोबर डालने से पहले इसमें कोई पॉलिथीन लगा लें ताकि मॉडल में गोबर चिपके नहीं।

सबसे पहले छेद तक गोबर भरें और फिर छेद में से पाइप लगा दें। अब फिर से इसके ऊपर गोबर भरें। पूरा भरने के बाद एक लकड़ी के टुकड़े की मदद से इसे अच्छे से सेट कर दीजिए।

कुछ देर बाद आप इसमें से पाइप निकाल दीजिए और साथ ही, मॉडल को उल्टा करके, गोबर को भी सूखने के लिए रख दीजिये।

कुछ दिन इसे धूप में सुखाइए और फिर आपकी गोबर की लकड़ी तैयार है। आप वीडियो भी देख सकते हैं:

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मनोज कहते हैं, “बहुत से लोग मशीन से बिना छेद वाली लकड़ी बनाते हैं लेकिन छेद होने से यह लकड़ी बहुत अच्छे से जलती है और ज्यादा धुंआ नहीं होता।”

आप इस मॉडल को घर में पड़ी पुरानी चीजों से बना सकते हैं या फिर बाहर भी किसी से बनवा सकते हैं। इसका कुल खर्च बतौर मनोज, मुश्किल से 150-200 रुपये आएगा।

वह कहते हैं, “मैं अपने घर में ही अलग-अलग तरह के एक्सपेरिमेंट करता रहता हूँ। कुछ समय पहले मेरे नाती ने मुझे यूट्यूब चैनल बनाने की सलाह दी ताकि मैं अपने इस ज्ञान से और भी बहुत से लोगों की मदद कर सकूं। उसकी बात बिल्कुल सही थी क्योंकि मेरी कई वीडियोज को देखकर बहुत से लोगों के मुझे फ़ोन आए और उन्होंने मुझसे जानकारी ली।”

इस #DIY तरीके के अलावा, उन्होंने खुद ही अपना सोलर ड्रायर भी बनवाया है। मनोज बताते हैं कि इसकी लागत उन्हें मात्र 3000 रुपये पड़ी। मनोज बताते हैं, “इसके लिए मैंने एक लोहे का डिब्बा और ट्रांसपैरेंट प्लास्टिक शीट का इस्तेमाल किया है। सबसे पहले अपने हिसाब से लम्बाई-चौड़ाई रखकर, लोहे का डिब्बा तैयार करवाया और फिर उसके ढक्कन पर प्लास्टिक शीट लगवा दी।”

सोलर ड्रायर में आप टमाटर, प्याज, धनिया जैसी सब्जियों को सुखाकर स्टोर कर सकते हैं। आपको बस इन्हें स्लाइसेस में काटकर डिब्बे में रखना है और फिर इन्हें लगभग 5 दिनों के लिए धूप में छोड़ दें। इसके बाद आप इन्हें किसी भी डिब्बे में स्टोर कर सकते हैं और लगभग 3-4 महीने तक उपयोग कर सकते हैं।

आप वीडियो देख सकते हैं:

मनोज के मुताबिक, कोई भी किसान या फिर ग्रामीण लोग इन आसान और सरल तरीकों से अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं। बाज़ार में गोबर की लकड़ियों की अच्छी मांग है क्योंकि भारत के गांवों में आज भी मिट्टी के चूल्हों पर खाना पकता है। इसके अलावा, अंतिम संस्कार में भी बहुत लकड़ियाँ खर्च होती हैं।

यदि गोबर की लकड़ियाँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हों तो हम अपने पेड़ों को कटने से बचा सकते हैं। इस तरह से यह छोटा-सा इनोवेशन किसानों के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी हितकारी है।

मनोज पुष्करणा से ऐसे ही और सरल और आसान तरीके जानने के लिए आप उनका यूट्यूब चैनल फॉलो कर सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए आप मनोज पुष्करणा को 9928833484 पर कॉल कर सकते हैं!

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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.

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