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किसान ने बना दी 30 सेकेंड में 30 मीटर ऊँचे पेड़ पर चढ़ने वाली बाइक!

गणपति के मुताबिक, यह बाइक 1 लीटर पेट्रोल में 80 पेड़ों पर चढ़ सकती है। आधे मिनट में 30 मीटर चढ़ने वाली इस बाइक पर आपको न तो गिरने का डर है और न ही चोट लगने का!

Karnataka Farmer's Innovation

“आवश्यकता ही आविष्कार की जननी होती है,” इस कहावत को सच करने में हमारे देश के किसान किसी भी इंजीनियर या फिर वैज्ञानिक से पीछे नहीं हैं। उनके पास भले ही कॉलेज और विश्वविद्यालय की डिग्री न हो लेकिन अनुभव का तो भंडार उन्हीं के पास होता है। वे अपने आस-पास की समस्याओं का हल अपनी ही तकनीक से निकालते हैं, इसलिए किसान से बड़ा कोई शोधकर्ता नहीं होता है।

अपने छोटे-बड़े आविष्कारों के चलते आज हमारे देश में किसान-वैज्ञानिकों की कोई कमी नहीं। इससे पहले, द बेटर इंडिया ने आपको धर्मबीर कम्बोज, गोपाल मल्हारी भिसे, बच्चूभाई ठेसिया, भांजीभाई माथुकिया जैसे किसान-वैज्ञानिकों की कहानियों से रू- ब-रू कराया है।

आज एक बार फिर हम आपको एक किसान से मिलवाने जा रहे हैं, जिनके एक आविष्कार ने बहुत से किसानों की समस्याओं का हल निकाल दिया है। उस किसान भाई का नाम है- गणपति भट। उन्होंने सुपारी के पेड़ पर चढ़ने के लिए खास ‘एरेका बाइक’ बनाई है।

60 वर्षीय गणपति भट ने ‘द बेटर इंडिया’ को बताया, “हम किसान परिवार से आते हैं। पढ़ाई के बाद से ही मैं अपने खेतों को संभालने लगा। हमारे यहां नारियल और सुपारी के बहुत से पेड़ हैं और हमारे इलाके में यही कमाई का ज़रिया है। लेकिन पिछले कुछ सालों से पेड़ों पर चढ़कर नारियल और सुपारी तोड़ने वाले मजदूर नहीं मिलते हैं।”

Karnataka Farmer's Innovation
Ganapathi Bhat, Farmer turned Innovator

गणपति कहते हैं कि पलायन की वजह से उनके इलाके में किसानों को वक्त पर पेड़ों पर चढ़ने में माहिर लोग मिलना मुश्किल हो गया। वह खुद भी यह परेशानी झेल रहे थे। उन्होंने बताया कि अगर सही समय पर नारियल और सुपारी की फसल को नहीं तोड़ा जाता तो फल नीचे गिरकर बर्बाद हो जाता है।

गणपति बताते हैं कि पेड़ों पर चढ़ने वाले लोगों की कमी से जब खेती प्रभावित होने लगी तो उन्होंने सोचा कि दुनिया में इतनी मशीनें हैं तो क्या ऐसा कुछ नहीं बन सकता जिससे किसान बिना किसी डर से खुद पेड़ों पर चढ़ पाएं। लगभग दो साल की कड़ी मेहनत के बाद, पिछले साल गणपति को अपनी मशीन बनाने में सफलता मिली। उन्होंने सुपारी के पेड़ों पर चढ़ने के लिए ‘एरेका बाइक’ बनाई, जिसकी मदद से आप बिना किसी डर के पेड़ पर चढ़कर सुपारी तोड़ सकते हैं।

क्या है ‘एरेका बाइक’

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Areca Bike

इस बाइक में उन्होंने 2 स्ट्रोक इंजन, हाइड्रोलिक ड्रम ब्रेक्स, हैंड गियर, और एक सेफ्टी बेल्ट का इस्तेमाल किया है। इस बाइक से आप 30 सेकेंड में 30 मीटर ऊँचे पेड़ पर चढ़ सकते हैं। साथ ही, इस पर आपको न तो गिरने का डर है और न ही चोट लगने का।

गणपति बताते हैं, “मैंने बाइक के मैकेनिज्म पर ही काम किया और पेट्रोल से चलने वाली यह बाइक बनाई। बाइक का वजन 28 किलोग्राम है और यह 80 किलोग्राम तक के वजन वाले इंसान का भार झेल सकती है। एक लीटर पेट्रोल में आसानी से 80 पेड़ों पर चढ़कर पेस्टीसाइड स्प्रे कर सकते हैं और फसल तोड़ सकते हैं।

इस बाइक को बाज़ार में उतारने से पहले उन्होंने दो हज़ार से भी ज्यादा पेड़ों पर इसका परीक्षण किया, क्योंकि सुपारी के पेड़ के तनों की चौड़ाई बहुत अलग-अलग होती है। इस बाइक में उन्होंने सामान्य ब्रेक के साथ बैकअप ब्रेक सिस्टम भी लगाया है। यदि कभी भी किसी वजह से ब्रेक फेल हो जाता है तो यह बैकअप ब्रेक सिस्टम बाइक को और उसके ड्राइवर को नीचे नहीं गिरने देगा।

हाथों-हाथ हुई बिक्री:

पिछले साल गणपति ने अपनी इस बाइक की एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। वीडियो में उनकी बेटी इस बाइक को पेड़ पर चलाती हुई दिख रहीं थीं। यह वीडियो इतना वायरल हुआ कि देशभर के लोगों तक पहुंच गया। वीडियो वायरल होते ही उन्हें न सिर्फ भारत से बल्कि विदेशों से भी फ़ोन आने लगे। उन्होंने बाइक की मैन्युफैक्चरिंग के लिए शिमोगा की एक फर्म से टाई-अप किया है। उन्होंने इस बाइक का मूल्य 75 हजार रुपये रखा है, जिसमें वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) भी शामिल है। वह अब तक 1000 से भी ज्यादा बाइक बेच चुके हैं। वह बताते हैं कि उन्होंने लगभग 400 बाइक सिर्फ केरल और तमिलनाडु में बेचीं हैं।

Karnataka Farmer's Innovation
A lot of people came for his bike’s Demonstration

गणपति ने बताया- “अभी मेरी कोशिश है कि इस बाइक में थोड़े बदलाव करके इसे नारियल के पेड़ों के लिए भी तैयार किया जाए। साथ ही, मैं चाहता हूँ कि हम मशीन की लागत कम कर पाएं। हालांकि, मैं किसानों को यह सलाह भी देता हूँ कि अगर आपकी खेती कम है तो वे तीन-चार किसान मिलकर एक मशीन खरीद सकते हैं। इससे उन पर पूरी लागत का भार भी नहीं पड़ेगा और उनका काम भी हो जाएगा।”

और भी किए हैं आविष्कार:

अच्छी बात यह है कि गणपति के आविष्कारों की कहानी यहीं पर थमी नहीं है। उन्होंने इस बाइक के अलावा तीन और मशीनें बनाई हैं, जिनमें घास काटने वाली मशीन, ज़मीन में गड्ढा करने वाली मशीन और स्प्रयेर मशीन शामिल हैं। इन तीनों मशीनों को फ़िलहाल वे अपने खेतों में प्रयोग कर रहे हैं।

गणपति बताते हैं कि उनकी 14 एकड़ की ज़मीन पर सुपारी, नारियल और काली मिर्च की खेती है। अपने खेतों में काम को आसान करने के लिए उनके दिमाग में कोई न कोई आइडिया आता ही रहता है। अब दूसरे किसान भी अपनी समस्याओं के हल के लिए उनके पास आते हैं।

Karnataka Farmer's Innovation
Other Innovations By Ganapathi Bhat

उन्होंने बताया- “जब मैंने शुरुआत की थी, तब ऐसा नहीं था। लोगों को लगता था कि मैं अपना वक़्त बर्बाद कर रहा हूँ। बहुत-सी चुनौतियाँ थीं, लोगों के साथ से लेकर पैसे तक की। मेरी अपनी कोई वर्कशॉप भी नहीं थी। मैं तो जैसे-तैसे अपने घर पर ही पुराने पार्ट्स से कोशिश में जुटा रहा और फिर एक दिन मेरी मेहनत रंग लाई।”

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गणपति ने अब अपने इस आविष्कार के लिए पेटेंट फाइल किया है। उनके पास विदेशी कंपनियों के भी ऑफर आए लेकिन उन्होंने सबको मना कर दिया। उनका कहना है- “मेरा उद्देश्य अपने किसान भाइयों की परेशानियों का निदान करना है। मुझे कोई रॉयलटी नहीं चाहिए। मैं चाहता हूँ कि मेरे सभी आविष्कार सबसे पहले हमारे अपने किसानों तक पहुंचे।”

अगर आप गणपति भट से संपर्क करना चाहते हैं तो उन्हें 9632774159 पर कॉल कर सकते हैं!


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.

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