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खेती से नहीं हो रहा था फायदा तो इस किसान ने खेतों में बना दिया विंटेज विलेज!

इस विंटेज विलेज की सौंधी-सौंधी ठंड के मज़े लेने अब विदेशी पर्यटक भी यहाँ आने लगे हैं।

म में से ज्यादातर लोग काम से ब्रेक लेकर या छुट्टियां मनाने किसी टूरिस्ट प्लेस पर जाते हैं। शहर की भीड़-भाड़ और प्रदूषण से दूर कुछ दिन सुकून के काटना चाहते हैं। आप कई हिल स्टेशन, समंदर किनारे व शहरों में घूमने भी जाते हैं लेकिन क्या आप कभी किसी गाँव के टूरिस्ट स्पॉट में वीकेंड मनाने गए हैं?

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक किसान ने अपने गाँव को पूरी तरह से टूरिस्ट स्पॉट बना दिया है। यहां देश-विदेश से लोग घूमने आते हैं। सीतापुर से लगभग 15 किमी दूर ‘देना गुलरीपुरवा’ नाम का एक गाँव है, जहां रहते हैं 57 वर्षीय किसान अली इमरान। खेती में नुकसान होने के दौरान इनके दिमाग में एक नया बिज़नेस आईडिया आया। यह आईडिया था अपने खेत को विंटेज विलेज बनाने का।

ALI IMRAN

उन्होंने 25 बीघे खेत में विंटेज विलेज बनाया जो एकदम देशी तरीके से तैयार किया गया था। इसके बाद अली इमरान के विंटेज विलेज को देखने दूर-दूर से लोग आने लगे। अब तो देश के ही नहीं बल्कि इज़राइल तक से सैलानी यहां रहने आते हैं। दिसंबर से फरवरी महीने के बीच में यहां घूमना सबसे अच्छा माना जाता है। लोग यहां आकर हफ्तों रुकते हैं और गाँव की जिंदगी को समझते और जीते हैं। पर्यटकों के लिए ये एकदम अलग अनुभव होता है। जिन्होंने कभी गाँव नहीं देखा उन्हें तो ऐसा माहौल बहुत ही ज़्यादा पसंद आता है।

Vintage Village

इस विंटेज विलेज में रहने, खाने-पीने, खेलने से लेकर हर तरह की सुविधा है। यह न केवल आपकी छुट्टियों का मज़ा दोगुना कर देगी बल्कि शहर वापस जाने के बाद भी इस गाँव की आपको बार-बार याद दिलाएगी। 

अली इमरान बताते हैं – “मेरे दिमाग में टूरिज्म़ को गाँव से जोड़ने का आईडिया आया। मैनें ये भी सोचा कि शहरों में रहने वाले ज्यादातर लोग अपने बच्चों को गाँव दिखाना चाहते हैं लेकिन उनके पास वो सुविधाएं नहीं हैं। विंटेज विलेज से उनके बच्चे गाँव की ज़िंदगी जी पाएंगे। मैं चाहता हूँ कि लोग गाँव की ताजी हवा और हरियाली को महसूस करें, बैलगाड़ी की सवारी करें, पेड़ों से फल तोड़कर खाएं, मिट्टी के घरों में रहें।”


सैलानियों को पसंद आती हैं चूल्हे की रोटियां

अली ने बताया कि शहरों और विदेशों से जो लोग यहां आते हैं उन्हें हर तरह के फल, सब्जियां, दूध, घी, मट्ठे के साथ तवे पर बनी गर्मागर्म रोटियां खाने को मिलती है। सैलानियों को चूल्हे पर बनी रोटियां बहुत पसंद आती है, कई बार तो वे इसे सीखने की कोशिश भी करते हैं। 

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गाँव में हर तरह के पेड़ देखने को मिलेंगे

अली को पर्यावरण के प्रति हमेशा से लगाव रहा है इसलिए उन्होंने 2 हेक्टेयर जमीन में अनारअमरूद, शहतूत, बेल, आंवला, नींबू समेत कई तरह के पेड़ लगा रखे हैं। अली बताते हैं कि नींबू के बाग लगाने के दो फायदे हैं, एक तो कमाई अच्छी होती है दूसरा गाँव का वातावरण भी स्वच्छ रहता है। इसकी खुशबू से पूरा विंटेज विलेज महकता है। नींबू का मार्केट भी हर सीज़न में अच्छा रहता है इसलिए ये काफी फायदेमंद है। आंवला भी सेहत के लिए काफी फायेदमंद होता है और कई बीमारियों को दूर करता है। इसकी बिक्री भी अच्छी होती है इसलिए शहर से आने वाले अधिकतर लोग इसे खरीदते भी हैं।

 

मिट्टी के कमरों के साथ मनोरंजन के भी साधन

विंटेज विलेज में सैलानियों के रहने के लिए मड हाउस, छप्पर वाले घर और सीमेंटेड कमरे बने हैं जिसमें सारी जरूरत के सामान आपको मिल जाएंगें। इसके अलावा मनोरंजन के लिए कई तरह की व्यवस्था है, जैसे टायर को कलर करके पेड़ों से बांध दिया गया है जिससे बच्चे इसमें झूल सकें। गाँव के बाकी खेलों का भी आंनद यहां उठाया जा सकता है। इस पूरी व्यवस्था को अली इमरान ही देखते हैं और इसमें उनकी पत्नी भी मदद करती हैं। यहां आपको कुएं का पानी मिलेगा साथ ही तरह-तरह के फूल, पक्षी व जानवर भी देखने को मिल जाएंगे। 

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घूमने के साथ शुद्ध खाने का लुत्फ 

विंटेज विलेज में मिलने वाली हर चीज बिना कैमिकल के होती है। यहां पर्यटकों की थाली में ऑर्गेनिक सब्जियां व अनाज से बना खाना ही परोसा जाता है। ये टेस्टी होने के साथ-साथ हेल्दी भी होते हैं। सुबह नाश्ते में शुद्ध दलिया से लेकर लंच और डिनर भी दिया जाता है।  बिना किसी मिलावट के शुद्ध खाना मिलने के कारण कई बार एक-दो दिन का प्लान करके आने वाले पर्यटक कुछ दिन और रुक जाते हैं और इस गंवई जिंदगी का मज़ा लेते हैं। 

 

विटेंज विलेज में अलग-अलग चार्जेज हैं। कॉटेज का 2 लोग का चार्ज 3500 रुपए है जिसमें खाना भी है। अगर आप भी विंटेज विलेज घूमने जाना चाहते हैं तो अली इमरान से इस नंबर पर (7379738449) संपर्क कर सकते हैं।

संपादन-  अर्चना गुप्ता


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