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सलाद बनाने के पैशन से खड़ा किया व्यवसाय, महीने की कमाई 1.25 लाख रुपये!

व्हाट्सअप से शुरू हुए इस बिज़नेस के लिए उनकी लागत मात्र 3, 500 रूपये रही। पहले वे सभी काम अकेले करती थीं, लेकिन अब उनके स्टाफ में सब्ज़ियां काटने के लिए 9 महिलाएं और 10 डिलीवरी एजेंट हैं!

क्सर लोग अपने करियर और पैशन के बीच की कशमकश में फंसे रहते हैं और इसमें वे न तो करियर पर ध्यान दे पाते हैं और न ही अपने पैशन को पूरा कर पाते हैं। लेकिन महाराष्ट्र के पुणे शहर की निवासी मेघा बाफना की कहानी ऐसे लोगों के लिए प्रेरणा है। पिछले तीन सालों से मेघा अपने करियर के साथ-साथ अपने पैशन को भी फॉलो कर रही हैं।

लगभग 14-15 सालों से रियल एस्टेट सेक्टर में काम कर रही मेघा को हमेशा से ही अलग-अलग तरह के सलाद बनाने का और लोगों को खिलाने का शौक रहा। वैसे तो अक्सर लोग सलाद को डाइटिंग से जोड़ते हैं, लेकिन एक हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए अच्छा है कि आप अपने खाने में सलाद ज़रूर लें। इसलिए वे कभी भी अपने टिफ़िन में सलाद ले जाना नहीं भूलती थीं।

“मैं अक्सर सोचती थी कि यार कितना अच्छा होता ना अगर कोई अलग-अलग स्पेशल सलाद की डिलीवरी भी करता तो। बस फिर लगा कि कोई और क्यूँ, मैं क्यों नहीं? वैसे भी सलाद की अलग-अलग वैरायटी बनाना, एक्सपेरिमेंट करने में मुझे बहुत दिलचस्पी रहती,” द बेटर इंडिया से बात करते हुए मेघा ने बताया।

व्हाट्सएप से किया बिज़नेस शुरू

जिस व्हाट्सएप पर हम अगर ग्रुप्स में शामिल हों तो सिर्फ़ जोक्स या फिर फॉरवर्ड्स भेजते हैं, उसी व्हाट्सएप के दम पर मेघा ने अपना बिज़नेस शुरू किया और वह भी अपनी रेग्युलर जॉब के साथ।

एक बार जब मेघा ने ठान लिया कि उन्हें यह करना है तो उन्होंने ज़्यादा सोचा नहीं। क्योंकि अगर हम कैलक्युलेटिव होने लगते हैं तो अपने आईडिया पर अमल करने में हिचकते हैं। इसलिए मेघा ने दूसरे दिन से ही एक-दो व्हाट्सएप ग्रुप्स में मेसेज डाल दिया कि वे अपना सलाद का बिज़नेस शुरू कर रही हैं। यदि कोई हेल्दी और अलग वैरायटी, अलग स्वाद के सलाद खाना चाहता है तो उन्हें ऑर्डर दे सकता है।

Megha Bafna running her business on whatsapp

“ज़्यादा कोई मार्केटिंग नहीं की थी। बस एक दो जानने-पहचानने वाले लोगों को कहा, बाकी व्हाट्सएप ग्रुप्स में एक-दो पोस्ट डाले और सिर्फ़ एक फेसबुक ग्रुप, ‘पुणेज़ लेडीज’ में पोस्ट किया। वहीं से पहले दिन से ही मुझे चार-पांच ऑर्डर मिलने लगे,” उन्होंने आगे कहा।

मेघा ने अपने स्टार्टअप को नाम दिया, ‘कीप गुड शेप’ (Keep Good Shape)और उनका टैग लाइन है- ‘योर हेल्थ इज आवर रिस्पांसिबिलिटी’ (Your Health is Our Responsibility)!
अपने स्टार्टअप में उन्होंने बहुत ज़्यादा इन्वेस्टमेंट नहीं की क्योंकि उन्हें पता था कि वे अपनी जॉब के साथ ही इसे जारी रखेंगी। उन्होंने शुरू में, कुछ बर्तन जैसे प्रेशर कुकर, कंटेनर्स, पैकिंग बॉक्सेस के अलावा सलाद के लिए सब्ज़ियाँ, अलग-अलग तरह के ग्रेन्स और कुछ अन्य चीज़ों पर मात्र 3, 500 रुपये खर्च किये।

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पहले दिन से ही उनके ग्राहकों को उनके बनाये हुए सलाद बहुत पसंद आये और फिर हर दिन ऑर्डर्स बढ़ते ज़्यादा वक़्त नहीं लगा। मेघा कहती हैं कि उनके ग्राहकों ने ही उन्हें अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप्स में जोड़ दिया, जहां वे अपनी मार्केटिंग कर सकती थीं।

जैसे-जैसे उनके ऑर्डर्स बढ़ने लगे, उन्होंने अपना स्टाफ और अपने सलाद की वैरायटी भी बढ़ा दी। पहले उन्होंने एक-दो डिलीवरी एजेंट को रखा था, लेकिन अब पूरे 10 डिलीवरी एजेंट उनके साथ काम कर रहे हैं। इसके अलावा, 9 महिलाओं को उन्होंने सब्ज़ियां काटने का काम भी सौंपा है।

Giving employment to 9 needy women

“अब हम हर दिन में लगभग 300 लोगों को सलाद डिलीवर करते हैं। इनमें स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों से लेकर बड़े-बूढ़े, सभी उम्र के लोग शामिल हैं। मुझे बहुत ख़ुशी होती है कि लोगों को मेरा सलाद पसंद आ रहा है। बच्चों को सब्ज़ियां आदि खिलाना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन मेरे प्रोडक्ट्स के लिए माता-पिता का रिव्यु बहुत अच्छा है कि उनके बच्चों को सलाद बहुत पसंद आया,” मेघा ने बताया।

फिलहाल, मेघा अपने इस साइड बिज़नेस से हर महीने 1. 25 लाख रुपये का प्रॉफिट कमा रही हैं।

 

कुछ हटके है उनका मेन्यु:

मेघा आगे बताती हैं कि वे सलाद की क्वालिटी और स्वाद के साथ-साथ अपने ग्राहकों को बहुत सी वैरायटी भी देती हैं। हर एक ग्राहक के लिए उनका हर दिन का मेन्यु अलग है। हफ्ते में पाँच दिन वे डिलीवरी करती हैं और पाँचों दिन ग्राहकों को अलग-अलग सलाद के विकल्प मिलते हैं। 

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सोमवार से लेकर शुक्रवार तक, किसी भी दिन उनका मेन्यु एक जैसा नहीं होता। 22 वैरायटी हमेशा उनके मेन्यु में होते हैं। इसके अलावा, उनके कुछ ग्राहक जो डायबिटिज़ के मरीज़ या फिर किसी अन्य बीमारी से पीड़ित हैं तो उनके लिए उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर ख़ास सलाद तैयार किये जाते हैं।

Promotion
She is offering a number of variety of salads

“मेरी सिर्फ़ एक ही कोशिश है कि मेरे हर एक ग्राहक को मेरा बनाया हुआ सलाद अच्छा लगे और उनके स्वास्थ्य के लिए यह बहुत अच्छा हो। अभी हम पूरे पुणे में सलाद डिलीवर कर रहे हैं, जल्दी ही कोशिश है कि मुंबई में भी ऐसा कुछ हम कर पायें।”

चुनौतियां:

सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक की रेग्युलर जॉब करना, घर पर अपने बच्चे को सम्भालना और उसके साथ बिज़नेस भी। मेघा कहती हैं कि उनका सफर आसान नहीं रहा। शुरुआत में तो मुश्किलें थीं ही, फिर बीच-बीच में बहुत से उतार-चढ़ाव का सामना भी उन्हें करना पड़ा।

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लेकिन इन ढाई-तीन सालों में उन्होंने एक बार भी नहीं सोचा कि वे अपनी जॉब छोड़ दें या फिर अपना बिज़नेस। बल्कि अब वे कहती हैं कि आपको बस अपना टाइम मैनेज करना आना चाहिए और आपकी कुछ करने की जिद होनी चाहिए, बाकी सभी परिशानियों से आप जूझ लेते हैं।

“जब काम शुरू किया था तो मैं अकेली ही थी सभी कुछ देखने वाली। सब्ज़ियाँ खरीदने से लेकर सलाद पहुंचाने तक। सुबह 4:30 बजे उठकर सारी तैयारी में लग जाती और फिर मेरा बेटा भी उस वक़्त छह साल का था। उसे भी सम्भालना होता था और उसके बाद ऑफिस का काम। बहुत हेक्टिक शेड्यूल रहा काफ़ी टाइम तक। पर मेरे पति और मेरी सास का पूरा सपोर्ट रहा और मुझे बस एक चाहत थी कि मेरे इस पैशन को नाम मिले, लोग जानें इसे,” मेघा ने पूरे आत्मविश्वास के साथ बताया।

Megha with her husband and son

फिर जैसे-जैसे काम बढ़ा, उन्होंने अपनी टीम पर फोकस किया। उनके यहाँ पहले से काम करने वाली बाई तो पहले ही उनके साथ जुड़ गयी थी। उसके अलावा, उन्होंने उसके जानने-पहचानने वाली महिलाओं को काम पर रखा। लेकिन यहाँ भी मेघा को चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

उनके स्टाफ में से कई ऐसी महिलाएं हैं जिनके घर में उन्हें बाहर जाकर काम करने की इजाजत नहीं मिल रही थी। पर ये महिलाएं कुछ करना चाहती थीं।

“अपनी बाई के ज़रिए जब मुझे इनके बारे में पता चला तो मैं खुद इनके घर गयी। उनके परिवार से बात की, उन्हें समझाया कि सिर्फ़ सुबह-सुबह का काम है और मेरे घर में ही काम करना है। जैसे-तैसे मैं उन्हें अपने स्टाफ में ला पाई,” मेघा ने बताया।

लेकिन उन्हें ख़ुशी होती है कि वे गरीब और ज़रूरतमंद तबके से आने वाली महिलाओं को एक रोज़गार दे पा रही हैं। ये महिलाएँ उनके यहाँ सिर्फ़ सब्ज़ियाँ नहीं काटती हैं बल्कि मेघा ने उन्हें अलग-अलग सलाद, हरी सब्जियों, ग्रेन्स आदि पर थोड़ी-बहुत ट्रेनिंग भी दी है।

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बीच में, जब महाराष्ट्र में प्लास्टिक बैन हुआ तो पैकेजिंग में दिक्कत होने की वजह से उनके बिज़नेस पर काफ़ी असर पड़ा। उनके प्रतिदिन ऑर्डर्स जो 100 तक जाते थे, अचानक से 40 -50 हो गये। लेकिन ऐसे में भी उन्होंने समस्या का समाधान ढूंढा न कि बिज़नेस छोड़ा। अब वे ऑर्गेनिक पैकेजिंग कर रही हैं।

अपने अभी के रूटीन के बारे में मेघा कहती हैं कि अभी सब चीज़ें उनके लिए काफ़ी मैनेज्ड हो गयी हैं। वे सुबह 6 बजे तक उठती हैं और इसके बाद 9:30 बजे तक उनका सभी काम खत्म हो जाता है और वे अपने ऑफिस के लिए निकल जाती हैं।

“स्टाफ होने से काफ़ी आसानी हुई है और हम हफ्ते में पाँच ही दिन काम करते हैं। बाकी शनिवार और रविवार, पूरा मेरे परिवार के लिए होता है। मैं उनके साथ समय बिताती हूँ। अपने बेटे को पूरा वक़्त देती हूँ,” मेघा ने अंत में कहा।

बेशक, मेघा बाफना हम सबके लिए एक उदाहरण है कि अगर हम चाहें तो अपने करियर के साथ अपनी हॉबी और पैशन को भी जी सकते हैं। बस ज़रूरत है तो थोड़ी सी हिम्मत और टाइम मैनेजमेंट की।

यदि आप पुणे में रहते हैं और मेघा की बनाये हुए सलाद ट्राई करना चाहते हैं तो 9503131719 पर संपर्क कर सकते हैं। अधिक जानकरी के लिए आप उनका फेसबुक पेज भी देख सकते हैं!

संपादन – मानबी कटोच 

Summary: Megha Bafna from Pune, A full-time working professional with a real estate company, her part-time passion for making salads has transformed into a full-fledged business, Keep Good Shape. Megha has been delivering meal boxes of different salads and helping peeps to get in good shape. A meal box full of proteins at extremely reasonable prices is all you need for motivation.


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

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