ऑफर सिर्फ पाठकों के लिए: पाएं रू. 200 की अतिरिक्त छूट ' द बेटर होम ' पावरफुल नेचुरल क्लीनर्स पे।अभी खरीदें
X
जब एक डिज़ाइनर ने घरेलु काम करनेवाली एक महिला को अपनी मॉडल के तौर पर चुना तो जादू ही हो गया।

जब एक डिज़ाइनर ने घरेलु काम करनेवाली एक महिला को अपनी मॉडल के तौर पर चुना तो जादू ही हो गया।

मला (बदला हुआ नाम) दो बच्चों की माँ है। वो दिल्ली में अपने परिवार का  गुज़ारा चलाने के लिए लोगों के घरों में काम करती है। मंदीप नेगी एक फैशन डिज़ाइनर हैं। वो शेड्स ऑफ़ इंडिया  की डायरेक्टर हैं, जो भारत में एक जाना माना ब्रांड है। कमला जहाँ काम करती थी, मंदीप उसके ठीक बगल वाले घर में रहती हैं। वो अपने नए कलेक्शन के लिए एक चेहरे की तलाश में थी और तभी उन्होंने कमला को देखा और उन्हें लगा कि उनकी तलाश अब पूरी हो गयी।

“हमारा नया कलेक्शन सिन्नमन (Cinnamon) कपड़ो की बनावट पर आधारित है और मुझे कुछ अलग चाहिए था”- वो द हिन्दू को बताती हैं। मंदीप को प्रोफेशनल मौडलों के साथ शूट करना पसंद नहीं है। वो औरतें जिन्होंने कभी सोचा भी नहीं होता कि वो कभी मॉडल बनेंगी वो अपने पसंदीदा कपड़ों में कैमरे के सामने आकर बिलकुल ही बदल जाती हैं। जब कमला ने इस बारे में सुना तो पहले वो हिचकिचाई, फिर पूरे एक दिन तक इस बारे में सोचा, तब जाकर वो इसके लिए तैयार हुई। आइये देखते हैं कैसे धीरे धीरे उसका आत्मविश्वास बढ़ा और इस शूट में कई खूबसूरत तस्वीरें ली गयी:

“मैं नहीं जानती कि ये शूट उसकी ज़िन्दगी बदलेगा या नहीं पर मुझे इतना पता है, इन यादों को वो ज़िन्दगी भर संजो कर रखेगी”, मंदीप कहती है।

इस मॉडल का नाम कमला है (बदला हुआ नाम ) जो एक घरेलू काम वाली है , डिज़ाइनर मंदीप नेगी इस से एक दिन घर लौटते हुए मिली ।


सही, शैली और सुंदरता के साथ, कमला  मॉडल के लिए बिलकुल  सही विकल्प प्रतीत होती है, लेकिन क्या ये दो बच्चों की माँ जो बिल्कुल एक अलग पृष्ठभूमि से है , यह करने के लिए तैयार होगी?

उसने हिचकिचाते हुए उन कपड़ों को पहन कर देखा ..

मंदीप ने अपना विचार उसके आगे रखा और कमला की भावनाओं और प्रतिक्रियाओं को देखा । पहले तो कमला चौंक गयी थी , फिर उसने एक ऐसी दुनिया में कदम रखा जिसके बारे में वो कुछ भी नहीं जानती थी ।

उसके बाल बनते हुए , और उसका मेकअप ..

उसके कपडे ठीक किये जाते हए ..

और फिर वो अपना सर गर्व से उठा कर खिल उठी..

 

…वो कैमरे के सामने कुछ ऐसे आई जैसे कोई नृत्य कर रही हो ..

 

वो अब कोई और ही थी ,और वो खुद को बहुत पसंद थी ..

वो उसकी ज़िन्दगी का अनमोल पल था…

…क्यूंकि इस पल में उसने पूरी दुनिया देख ली थी ..

प्रीति पराशर

प्रीति पेशे से फ़िज़ियोथेरेपिस्ट है और सामाजिक समस्याओं के लिए आवाज उठाने की अपनी मुहिम की शुरुआत लिखने से कर चुकी है| भविष्य में भी वह सामाजिक सरोकारों के लिए कार्य करने की इच्छुक है| प्रीती पराशर को आप ट्विटर पर @Preetiparashar8 पर फॉलो कर सकते है|
Let’s be friends :)
सब्सक्राइब करिए और पाइए ये मुफ्त उपहार
  • देश भर से जुड़ी अच्छी ख़बरें सीधे आपके ईमेल में
  • देश में हो रहे अच्छे बदलावों की खबर सबसे पहले आप तक पहुंचेगी
  • जुड़िए उन हज़ारों भारतीयों से, जो रख रहे हैं बदलाव की नींव