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#नारी-शक्ति : भारत ही नहीं ‘ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरी’ ने भी माना यह है ‘वर्ड ऑफ़ द ईयर’!

प्रतीकात्मक तस्वीर

क्सफ़ोर्ड डिक्शनरीज़ ने ‘नारी-शक्ति’ शब्द को साल 2018 का ‘हिंदी शब्द’ चुना है। इसकी घोषणा शनिवार को जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में की गई। कई भाषा विशेषज्ञों की लंबी चर्चा के बाद इस शब्द को डिक्शनरी में शामिल कर लिया गया है।

इस शब्द का उद्भव संस्कृत भाषा से हुआ है। यह शब्द उन सभी महिलाओं का प्रतिनिधित्व करता है ‘जो अपनी ज़िंदगी की बागडोर खुद संभाल रही हैं।’

ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरीज़ ने कहा, “मार्च 2018 में जब अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर भारत सरकार ने ‘नारी-शक्ति’ पुरस्कार का आयोजन किया था, तो इस शब्द पर काफ़ी चर्चा हुई और बहुत से लोगों का ध्यान इस शब्द पर गया था।”

इस शब्द का चयन ऑक्सफोर्ड डिक्शनरीज़ (भारत) ने भाषा विशेषज्ञों के एक सलाहकार पैनल की मदद से किया, जिसमें नमिता गोखले, रणधीर ठाकुर, कृतिका अग्रवाल और सौरभ द्विवेदी शामिल हैं।

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जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की डायरेक्टर नमिता गोखले ने कहा कि ‘नारी-शक्ति’ शब्द में इस समय हमारे सभी संघर्ष, चुनौतियाँ और इनसे लड़कर मिलने वाली जीत की भावना निहित है।

पिछले कुछ समय में, हमारे देश में तीन तलाक, सबरीमाला विवाद जैसे मुद्दों पर औरतों ने जिस तरह से आवाज़ उठाई है और जिस तरह निडर हो वे आगे बढ़ रहीं हैं, उसके बाद से यह शब्द बहुत प्रयोग में आया है। इस शब्द की महत्वता और बढ़ते प्रयोग को देखते हुए ही यह फैसला लिया गया।

इससे पहले ‘आधार’ को साल 2017 का हिंदी शब्द चुना गया था।


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

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