नींद न आने से हैं परेशान तो अपनी डाइट में शामिल करें ये चीज़ें, आएगी अच्छी नींद!

यदि आपको भी नींद देर से आने या फिर नींद न आने की समस्या है तो आप बंगलुरु स्थित आहार विशेषज्ञ वसुंधरा अग्रवाल से जान सकते हैं कि कौन से प्राकृतिक आहार खाने से आपको नींद आने लगेगी। उन्होंने बताया कि ट्रीप्टोफन नामक अमीनो एसिड-युक्त खाद्य पदार्थ जैसे दूध, पनीर, अंडे, मछली आदि खाने से फायदा होगा।

क्या आप भी उन लोगों में से हैं जिन्हें आधी रात के बाद भी नींद नहीं आती और जागते रहते हैं? तो, जनाब अभी जरा नींद की गोलियों से दूर रहिये, क्योंकि आज हम आपको ऐसी कुछ चीज़ों के बारे में बताएंगें जिन्हें अगर आप अपनी डाइट में शामिल करें तो यकीनन फायदा होगा।

वसुंधरा अग्रवाल बंगलुरु स्थित एक आहार और जीवनशैली विशेषज्ञ है, और भोजन की सलाहकार भी हैं, जो लोगों के स्वस्थ भोजन के बारे में भ्रम दूर करती हैं।

वसुंधरा ने फोर्टिस और मैक्स हेल्थकेयर जैसे अस्पतालों के साथ काम किया है। वे भारतीय डायटेटिक एसोसिएशन की सदस्य भी हैं और साथ ही, यूजीसी-नेट योग्यता प्राप्त शिक्षिका हैं।

द बेटर इंडिया ने उनसे नींद न आने की समस्या के बारे में बात की। हमने उनसे ऐसी खाने-पीने की चीज़ों के बारे में पूछा जो प्राकृतिक रूप से नींद आने में सहायक हो सकती हैं। इससे पहले कि हम आपको इन खाद्य पदार्थों के बारे में बताएं, यह जानना जरूरी है कि इनमें से प्रत्येक खाद्य पदार्थ में भरपूर मात्रा में ट्रीप्टोफन (एक आवश्यक अमीनो एसिड) है, जिसे हमारा शरीर मेलाटोनिन और सेरोटोनिन में परिवर्तित करता है और इसके कारण हमें अच्छी नींद आती है।

ट्रीप्टोफन ही वह अमीनो एसिड भी है जो हमारी मांशपेशियों के निर्माण में मदद करता है, और वसुंधरा के अनुसार, यह मानव शरीर में स्वाभाविक रूप से नहीं होता है। इसी कारण से हमें भोजन में इसकी भरपूर मात्रा लेनी चाहिए या फिर कोई सप्लीमेंट्स लेने चाहियें।  हालांकि, आपको यह ध्यान रखना है कि आप आवश्यकता से अधिक सप्लीमेंट्स न लें।

यदि आप सप्लीमेंट्स नहीं लेना चाहते तो आप इन पांच खाद्य पदार्थों को अपने भोजन में शामिल करें, जो आपको अनिद्रा और तनाव से लड़ने में मदद करेंगें।

1. दूध

जी हाँ, यह वर्षों पुराना उपाय बिल्कुल लाभकारी है। क्योंकि इसमें ट्रीप्टोफन की सही मात्रा होती है। दूध पीने के लिए कोई विशेष तय समय नहीं है। वसुंधरा कहती हैं कि अच्छी नींद के लिए दूध को गर्म करें और सोने से पहले एक गिलास पियें। वे बताती हैं कि कुछ लोग सुबह में सबसे पहले खाली पेट दूध पचा नहीं पाते हैं। ऐसे में रात का समय उनके लिए बेहतर है।

2. पनीर

वसुंधरा कहती हैं कि पनीर स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है, और रात की अच्छी नींद में भी गुणकारी है। हालांकि, आवश्यकता से अधिक न खाएं। पनीर कैल्शियम का अच्छा स्त्रोत है, जिसमें सेरोटोनिन होता है। तो अगर आपको सोने में परेशानी हो रही है, तो अपने आहार में अधिक पनीर शामिल करें। और अनिद्रा से बचने के लिए प्राकृतिक सेरोटोनिन उत्पादन में वृद्धि करें!

3. मछली

वसुंधरा कहती हैं, मछली प्रोटीन का एक उत्कृष्ट स्रोत है और इस प्रकार ट्रीप्टोफन का एक बड़ा स्रोत है। इसलिए दिन में कम से कम एक बार अपने खाने में मछली खाएं। जिससे आपकी अनियमित नींद पैटर्न में मदद मिलेगी। मछली ओमेगा-3 और अन्य आवश्यक विटामिन और खनिजों का उत्कृष्ट स्रोत भी होती है, इसलिए आप स्वस्थ नींद के लिए नियमित रूप से मछली खाएं।

4. सूखे मेवे

ये दोनों खाद्य पदार्थ ही प्रोटीन का स्वस्थ स्रोत हैं, और कुछ हद तक सूखे मेवों का सेवन करने से आपके स्वास्थ्य पर अच्छा असर पड़ेगा। ये पचाने में आसान होते हैं और पोषक तत्वों से भरपुर होते हैं।

5. अंडा

अपने पोषक तत्वों की वजह से अंडा हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत गुणकारी होता है। इसमें प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है और साथ ही, ट्रीप्टोफन की भी। वसुंधरा कहती हैं कि आपको अच्छी नींद के साथ-साथ हष्ट-पुष्ट बनाने के लिए भी अंडे लाभकारी हैं।

कुल-मिलाकर, वसुंधरा ने कहा कि ट्रीप्टोफन-युक्त पदार्थ हमें अपने भोजन में शामिल करने चाहिए और आप देखेंगे कि धीरे-धीरे आपकी नींद की समस्या खत्म हो जाएगी। तो अब नींद की गोलियों को कहें बाय-बाय और इन प्राकृतिक आहरों को अपनाएं।

संपादन – मानबी कटोच

मूल लेख: रेमंड इंजीनियर


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