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पौधों से बना अंडा! अब शाकाहारी भी खा सकेंगे ऑमलेट और एग-रोल

मुंबई स्थित स्टार्टअप, इवो फूड्स ने कोलेस्ट्रॉल और एंटीबायोटिक मुक्त वीगन अंडा बनाया है, जो स्वाद, बनावट और प्रोटीन की गुणवत्ता में बिलकुल असली अंडे जैसा है।

क्या आपने कभी सोचा है कि अंडे के जैसा स्वाद आपको किसी और चीज से मिल जाए? शायद नहीं, और अगर सोचते भी होंगे तो ख्याल आता होगा कि यह कैसे मुमकिन है? लेकिन यह मुमकिन है! और इसे मुमकिन बनाया है, मुंबई के एक स्टार्टअप ने। जिन्होंने पौधों के प्रोटीन से एक ऐसा प्रोटोटाइप बनाया है, जिसका स्वाद अंडे जैसा है और इससे बने ऑमलेट और सैंडविच का स्वाद भी बिल्कुल वैसा ही आता है। 

एक गेमिंग एजेंसी के लिए काम करने वाले अनंत शर्मा ने जब पहली बार इसका बना ऑमलेट और ब्रेड टोस्ट खाया तो वह काफी संदेह में थे। वह कहते हैं, “मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि यह असली अंडे का ऑमलेट नहीं है। इसकी बनावट तथा स्वाद असली अंडे जैसा ही है। साथ ही, मुझे खुशी है कि भारत में यह पहले से ही मौजूद है।” अनंत वीगन डाइट (सिर्फ पौधों पर आधारित भोजन) लेते हैं और उनके लिए अंडे का विकल्प मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं है। 

अंडे के इस विकल्प को बनाया है मुंबई स्थित स्टार्टअप ‘इवो फूड्स‘ (Evo foods) ने। उन्होंने तरल रूप में अंडे का विकल्प बनाया है। इस स्टार्टअप को 2019 में कार्तिक दीक्षित और श्रद्धा भंसाली ने शुरू किया है और लगभग एक साल में उन्होंने अपना यह प्रोटोटाइप तैयार किया है। यह प्रोटोटाइप  स्वाद, बनावट, रसायन और पोषक तत्व के मामले में फेंटे हुए अंडे के समान है। इसका इस्तेमाल ऑमलेट, अंडा रोल आदि व्यंजन बनाने में किया जा सकता है। वे इसकी कीमत, देश में अंडों की सामान्य कीमत के बराबर रखने में सफल रहे हैं। 

Vegan Egg
A vegan omelette made from Evo’s egg replacer.

कैसे हुई शुरुआत:

आज ऐसे कई कारण हैं कि लोग पौधों पर आधारित आहार का विकल्प चुन रहे हैं जैसे- स्वास्थ्य और पशु कल्याण। लेकिन, कार्तिक के लिए इसके पीछे की मुख्य प्रेरणा जलवायु परिवर्तन है। ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में पशु कृषि का योगदान 18 प्रतिशत है, जो इसे ग्लोबल वार्मिंग के मुख्य कारकों में से एक बनाता है। इस जानकारी से हैरान कार्तिक ने बहुत पहले वीगन होने का फैसला कर लिया था। 

2014 में, पुणे में स्टार्टअप लीडरशिप प्रोग्राम पूरा करने के बाद, उन्होंने पशु-आधारित खाद्य पदार्थों के लिए अच्छे शाकाहारी/पौधों पर आधारित खाद्य विकल्प बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया। ऐसे विकल्प जिनमें स्वाद और पोषण से कोई समझौता न हो। 

उन्होंने पहले सेल-आधारित मांस (cell-based meat) पर काम किया लेकिन, जल्द ही उन्होंने महसूस किया कि भारत में अभी तक लैब-संवर्धित (lab-cultured) मांस के लिए, तकनीकी जानकारी नहीं है। ऐसे में उन्होंने अंडे के बारे में सोचा। अंडा, भारत में सबसे अधिक प्रचलित पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में से एक हैं, जो सभी क्षेत्रों और धर्मों के लोगों द्वारा खाया जाता है। यहाँ पौधों से अंडे का विकल्प बनाने के लिए, तकनीक और प्रतिभा भी उपलब्ध है। 

वह इस विचार पर काम ही कर रहे थे कि फूड स्टार्टअप्स के लिए एक सम्मेलन में उनकी मुलाकात श्रद्धा से हुई। इससे कुछ समय पहले ही श्रद्धा, रेस्तरां उद्योग में शिक्षा और अनुभव के साथ अमेरिका से लौटी थीं। वह मुंबई में अपना वीगन रेस्तरां ‘कैंडी ऐंड ग्रीन’ चलाती हैं और शाकाहारी जीवन शैली की समर्थक हैं। उन्होंने भोजन के भविष्य पर चर्चा की और उन्हें एक-दूसरे के विचार पसंद आए। उन दोनों की मुलाकात दिसंबर, 2018 में हुई थी और अगस्त, 2019 में उन्होंने अपने स्टार्टअप की स्थापना की। 

Plant Based Egg
Shraddha Bhansali and Kartik Dixit

श्रद्धा बताती हैं, “मैं भोजन के प्रति लोगों के नजरिए को बदलना चाहती थी। और मुझे एहसास हुआ कि ईवो जैसी चीज के माध्यम से ही, ज्यादा लोगों तक पहुंचा जा सकता है। हमारा लक्ष्य दुनिया के लिए उच्च-गुणवत्ता, और किफायती प्रोटीन का स्रोत बनाना है।”

बनाया अंडे का विकल्प:

अंडे के विकल्प को बनाने के लिए उन्होंने जिस भी कच्चे माल का इस्तेमाल किया, वह सब स्वदेशी है। कार्तिक बताते हैं, “हम अपने उत्पाद को बनाने के लिए भारतीय फलियों से प्रोटीन निकालते हैं और इस्तेमाल करते हैं। यह पूरी तरह से पौधों पर आधारित है।” वीगन अंडा, प्रोटीन की मात्रा के मामले में भी असली अंडे के बिल्कुल करीब है तथा इसकी रेसिपी को उन्होंने पेटेंट करा लिया है। 

इसे मापने का एक तरीका पीडीसीएएएस (प्रोटीन डाइजेस्टेबिलिटी कर्रेक्टेड एमिनो एसिड स्कोर) है। इसका मान उच्चतम गुणवत्ता वाले प्रोटीन के लिए 0 से लेकर 1 तक है। उदाहरण के लिए, सोया प्रोटीन में 0.9 का PDCAA स्कोर है, लेकिन अंडे और मांस में 1 PDCAA स्कोर है। अंडे की तुलना में, इसके विकल्प में कम कैलोरी है और कई विटामिन जैसे डी3 और बी12 हैं, जो इसे स्वस्थ प्रोटीन स्रोत बनाते हैं। इसमें कोलेस्ट्रॉल और एंटीबायोटिक्स भी नहीं हैं। 

कार्तिक और श्रद्धा कहते हैं कि इसमें कई फ्लेवर (विशेष सामग्रियां) मिलाकर अंडे जैसा स्वाद लाना तो आसान था लेकिन, पकने के बाद व्यंजन की बनावट भी वैसी ही होगी, यह चुनौती भरा काम था। इस पर वे अभी भी काम कर रहे हैं। 

इसे रखने की समयावधि (शेल्फ-लाइफ) पर भी वह काम कर रहे हैं और एक बार यह हो जायेगा तो लॉजिस्टिक्स (कर्मचारियों और माल की व्यवस्था) की परेशानी भी हल हो जाएगी। वे अंडे के विकल्प को बेकिंग के लिए भी उपयुक्त बनाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि वर्तमान संस्करण (current version) केवल तवे या कड़ाही में बनने वाले व्यंजनों के लिए है। श्रद्धा के रेस्तरां में अनंत जैसे ग्राहकों की शुरूआती प्रतिक्रया काफी सकारात्मक रही है। आगे, वह और बड़े स्तर पर परीक्षण का आयोजन करेंगे। 

वे कहते हैं, “यह सॉफ्टवेयर बनाने जैसा ही है। हम लगातार इस उत्पाद पर काम कर रहे हैं। जल्द ही हम ‘अल्फ़ा वर्जन’ लॉन्च करेंगे। उसके बाद, ज्यादा प्रतिक्रियाओं के आधार पर, हम ‘बीटा’ और फिर एक बड़ा वर्जन निकालेंगे।” 

धीरेधीरे बढ़ रहे हैं आगे:

इवो वर्तमान में छह लोगों की एक टीम है, जिसमें दो संस्थापक, चार खाद्य वैज्ञानिक और इंजीनियर शामिल हैं। अपने स्टार्टअप और प्रोटोटाइप के लिए उन्हें ‘बिग आइडिया वेंचर्स’ और ‘रयान बेथेनकोर्ट’ जैसे संगठनों से फंडिंग मिली है। आगे की योजनाओं पर बात करते हुए वह कहते हैं, “अभी हमारा ध्यान पूरी तरह से अंडे पर होगा। यह दुनिया भर में 200 बिलियन डॉलर का बाजार है इसलिए, अंडा डिशेज बनाने और उन्हें बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त मौके तथा स्थान मौजूद है।”

उन्होंने 25 से अधिक रेस्तरां ब्रांड के साथ साझेदारी की है ताकि वे इवो को अपने वीगन मेन्यू में शामिल कर सकें। लेकिन, उनका अंतिम लक्ष्य इसे ग्राहकों के हाथों तक पहुँचाना है। अगर उनकी योजना के मुताबिक काम होता है तो अगले कुछ महीनों में आपको यह सुपरमार्केट से 300 मिलीलीटर और 600 मिलीलीटर की बोतलों में मिलने लगेगा। 

मूल लेख: अंजलि डोने 

संपादन- जी एन झा

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