विले पार्ले कुआं हादसा: बिना अपनी परवाह किये दो युवकों ने बचाई औरतों और बच्चों की जान!

मुंबई के विले पार्ले में तृतीय पूजा के समय एक दुर्घटना हो गयी। कुछ औरतें और बच्चे एक बहुत ही पुराने कुए के पास इकट्ठे हुए थे। जिस एक स्लैब से ढका हुआ था। बच्चों के उस पर खेलने की वजह से स्लैब टूट गयी और कुछ औरतें व बच्चे उसमें गिर गये। जिन्हें जिग्नेश सोलंकी और प्रवीन सोलंकी नामक दो लोगों ने बचाया।

मुंबई के विले पार्ले में तृतीय पूजा के लिए एक कुएं के पास कुछ औरतें और बच्चे इस मंगलवार को इकठ्ठा हुए थे। वैसे तो यह कुआं एक पत्थर से ढका हुआ था, लेकिन कुछ बच्चे इस पर खेल रहे थे, जिसकी वजह से अचानक यह स्लैब टूट गया और अफ़रा-तफ़री में कुछ औरतें और बच्चे इस कुएं में गिर गये।

ऐसे में अपनी जान की परवाह किये बिना, 30 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता जिग्नेश सोलंकी और 35 वर्षीय वार्ड बॉय प्रवीन रमेश सोलंकी कुएं में कूद पड़े। उन्होंने जैसे-तैसे औरतों को और बच्चों को बाहर निकाला। जिग्नेश और प्रवीण को देख, एक और स्थानीय निवासी सिद्धेश भी उनकी मदद के लिए आगे बढ़ा।

जिग्नेश ने मुंबई मिरर को बताया, “मैं मेरे दोस्त प्रवीन के साथ था, जब हमें एक फ़ोन आया और इस घटना के बारे में पता चला। हम तुरंत वहां पहुंचे और कुएं में कूद गये। हमने उनको एक-एक करके किनारे की तरफ लाना शुरू किया और बाहर खड़ी औरतों से उनकी साड़ी लटकाने के लिए कहा। जिसके सहारे बाहर से लोगों ने इन्हें खींचना शुरू दिया।”

इस हादसे में दुर्भाग्यवश दो महिलाओं और एक बच्ची की मौत हो गयी पर जिग्नेश और प्रवीन ने 4 औरतों और 3 बच्चों को बचा लिया।

संपादन – मानबी कटोच


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