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कुमार देवांशु देव

100+ पौधों की बागवानी कर, उनके ज़रिए हिन्दी व्याकरण और विज्ञान पढ़ातीं हैं यह टीचर

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिला के इंदिरापुरम इलाके में रहने वाली संगीता श्रीवास्तव पेशे से एक प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं।

IBPS Recruitment 2020: बैंकिंग छात्रों के लिए सुनहरा मौका, 647 रिक्तियों के लिए करें आवेदन

IBPS SO Recruitment 2020 के तहत 647 रिक्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, इच्छुक उम्मीदवार 23 नवंबर 2020 आवेदन कर सकते हैं।

गलती से डिलीवर हुए 7.5 लाख के लैपटॉप, कंपनी को वापस कर कायम की ईमानदारी की मिसाल

राजस्थान के उदयपुर के रहने वाले गमेर सिंह राणावत और नीलेश जांगिड़ सोलर एनर्जी के विषय में यूट्यूब वीडियो बनाने का काम करते हैं, लेकिन कुछ दिन पहले उन्हें कुरियर द्वारा गलती से पाँच लैपटॉप मिले, जिसकी कीमत 7.5 लाख रुपए थी, लेकिन उन्होंने अपनी ईमानदारी का परिचय देते हुए इसे तुरंत लौटाने का फैसला किया।

ISRO Recruitment: साइंटिस्ट/इंजीनियर समेत कई पदों की रिक्तियां जारी, 1.7 लाख तक होगा वेतन

ISRO Recruitment 2020 के तहत हाल ही में कई पदों के लिए 7 रिक्तियों को जारी किया है, इच्छुक उम्मीदवार 09 नवंबर 2020 तक आवेदन कर सकते हैं।

घर पर ही आसानी से उगा सकते हैं अजवाइन का पौधा, सर्दी-खासी व इम्युनिटी के लिए है कारगर

अजवाइन के पौषे को आप आसानी से अपनी बालकनी या छत पर, गमले में उगा सकते हैं और इसकी पत्तियों से बहुगुणकारी काढ़ा बना सकते हैं।

किसानों को उद्यमी बनाने के लिए छोड़ी पत्रकारिता, 2500+ किसानों को दे चुके हैं प्रशिक्षण

झारखंड के देवघर में रहने वाले कृष्ण कुमार कन्हैया ने अपने 20 वर्षों के पत्रकारिता कैरियर ने दौरान, अन्न दाता, समय चौपाल जैसे कई लोकप्रिय कृषि आधारित कार्यक्रमों को चलाया है। लेकिन, जब उन्हें लगा कि किसानों की बेहतरी के लिए उन्हें कुछ अलग पहल करनी चाहिए, उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ी और लग गए किसानों को नई राह दिखाने में।

DIY वाटर फिल्टर बनाकर पीते हैं वर्षा जल, 6 साल में कभी नहीं खरीदा पानी

संपत, पिछले 6 वर्षों से बेंगलुरू के जक्कुर इलाके में रहते हैं, लेकिन यहाँ जल आपूर्ति की सुविधा नहीं थी। ऐसी स्थिति में, उन्होंने बोरबेल या टैंकर से पानी उपलब्ध करने के बजाय, इंटरनेट से जानकारी हासिल कर DIY विधि से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को विकसित करने का फैसला किया।

गाँवों से पलायन रोकने के लिए नौकरी छोड़ शुरू की मशरूम की खेती, 5 करोड़ से अधिक है आय

आज उत्तराखंड में खेती-किसानी के क्षेत्र में दिव्या का एक जाना-माना नाम है। लोग उन्हें ‘मशरूम गर्ल’ के नाम से जानते हैं। खेती कार्यों में उनके उल्लेखनीय योगदानों के लिए साल 2016 में उन्हें भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा नारी शक्ति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

एक कप चाय से भी कम कीमत में सैनिटरी नैपकिन बना, हज़ारों महिलाओं को दी सुरक्षा और रोज़गार

समाज में माहवारी को लेकर हमेशा ही एक दकियानूसी सोच रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश के रहने वाले महेश खंडेलवाल ने देश के गरीब महिलाओं के लिए न सिर्फ सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल सेनिटरी नैपकिन बनाने का जिम्मा उठाया, बल्कि आर्थिक सबलता प्रदान करने के लिए उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम भी बना रहे हैं।