मोबाइल छीन कर भाग रहे चोर को कॉलेज की इन बहादुर छात्राओं ने पकड़ा; पुलिस ने किया सम्मानित!

राजस्थान में दो कॉलेज की छात्राएं, पूनम सहराण और ज्योति चौहान अपनी कोचिंग क्लास खत्म होने के बाद स्कूटी पर घर लौट रहीं थीं कि तभी पीछे से बाइक पर आ रहे एक लड़के ने ज्योति के हाथ से फ़ोन छीन लिया। लड़कियों ने तुरंत अपनी सूझ-बुझ का परिचय देते हुए, चोर पीछा कर उसे पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया।

क्सर जब भी कोई ठग या चोर अचानक से सड़क पर चलते हमसे पर्स, मोबाइल या सोने की वस्तु छीनता है तो हम एक तरह से सदमे में आ जाते हैं और उसी कारण हमने कुछ नहीं सूझता कि क्या हुआ। बहुत से मामलों में इसीलिए ठगा जाने वाला व्यक्ति कोई प्रतिक्रिया नहीं दे पाता और ठग बचकर निकल जाते हैं।

लेकिन राजस्थान में एक चोर को लड़की का मोबाइल छीनना भारी पड़ गया। क्योंकि दो लड़कियों ने तुरंत अपनी सूझ-बूझ का परिचय देते हुए, चोर का पीछा कर उसे पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया।

दो कॉलेज की छात्राएं, पूनम सहराण और ज्योति चौहान अपनी कोचिंग क्लास खत्म होने के बाद स्कूटी पर घर लौट रहीं थीं कि तभी पीछे से बाइक पर आ रहे एक लड़के ने ज्योति के हाथ से फ़ोन छीन लिया।

इस चौंकाने वाली घटना में भी इन बहादुर लड़कियों ने अपना आपा नहीं खोया और चोर का पीछा करना शुरू कर दिया, जिसे बाद में इकबाल के रूप में पहचाना गया। कोतवाली पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) बाला राम ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, “लड़कियों ने बिना घबराये बाइक सवार का पीछा करना शुरू कर दिया। पीछे बैठी ज्योति लगातार चिल्लाकर लोगों से चोर को पकड़ने का आग्रह करती रही।”

चोर का 2 किमी तक पीछा करने के बाद, लड़कियों ने आखिरकार एक गर्ल्स कॉलेज के पास उसे घेर लिया। आस-पास के निवासी भी लड़कियों की मदद करने आये और पुलिस को बुलाया।

इन लड़कियों की बहादुरी के लिए, अलवर में पुलिस अधीक्षक (एसपी) राहुल प्रकाश ने उन्हें 1000 रुपये के साथ पुरस्कृत किया।

वास्तव में, एसपी ने उन नागरिकों को पुरुस्कृत करने के लिए एक पहल शुरू की है जो अपराधियों को पकड़ने और उन्हें पुलिस को सौंपने में साहस दिखाते हैं।

इस महीने की शुरुआत में भी एक वरिष्ठ नागरिक ज्ञान चंद जैन ने एक चोर को पकड़वाया था, जो उनके पैसे लेकर भागने की कोशिश कर रहा था। दरअसल, जैन ने अलवर में एटीएम से 15000 रुपये निकाले, तभी एक आदमी ने उन्हें गिनने में उनकी मदद करने की पेशकश की। नोट गिनते वक़्त वह आदमी असली नोट को नकली नोटों से बदलने की फ़िराक में था कि ज्ञानचंद ने उसे पकड़ लिया।

इसके बाद वह आदमी पुरे पैसे लेकर भागने लगा। ज्ञानचंद ने भी तुरंत चिल्लाना शुरू किया और आस-पास के रिक्शा वालों और राहगीरों ने चोर को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कराया। उन दोनों को एसपी प्रकाश से 2000 रुपये का नकद इनाम मिला।

अपराधियों को पकड़ने वाले नागरिकों को पुरुस्कृत करने की इस पहल के बारे में एसपी ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, “इस तरह की पहल लोगों को अपने साथी नागरिकों की मदद करने के लिए आगे आने के लिए प्रोत्साहित करती है और यह कानून व्यवस्था में भी लोगों की भागीदारी को बढ़ाती है।”

ऐसी घटनाओं को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि यह पहल सफल हो रही है। यह न केवल लोगों को दूसरों की मदद करने के लिए प्रोत्साहित करता है, बल्कि नागरिकों और पुलिस के बीच विश्वास को भी मजबूत करता है।

( संपादन – मानबी कटोच )


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