अगर काम नहीं कर रहा है ट्रेन कोच में एसी तो रेलवे से मांग सकते हैं रिफंड, जानिए कैसे!

आईआरसीटीसी के नए रिफंड नियमों के मुताबिक भारतीय रेलवे वातानुकूलित कोच में एसी सुविधा प्रदान करने में विफल होने पर कुछ किराया राशि वापिस करेगा। हालांकि, इसमें कुछ शर्तें भी जुड़ी हैं।

दि आप ट्रेन में एसी कोच में सफर कर रहें हैं और आपके कोच का एसी काम नहीं कर रहा है तो आप रेलवे से रिफंड मांग सकते हैं।

आईआरसीटीसी के नए रिफंड नियमों के मुताबिक भारतीय रेलवे वातानुकूलित कोच में एसी सुविधा प्रदान करने में विफल होने पर कुछ किराया राशि वापिस करेगा। हालांकि, इसमें कुछ शर्तें भी जुड़ी हैं।

आप यहां इस सुविधा से जुड़े कुछ नियमों के बारे में पढ़ सकते हैं,

  • यदि यात्री द्वारा बुक किया गया टिकट एसी फर्स्ट क्लास के लिए है, तो एसी फर्स्ट क्लास के किराए और फर्स्ट क्लास के किराए के बीच के अंतर का शुल्क वापिस किया जाएगा।
  • यदि यात्री द्वारा बुक किया गया टिकट एसी सेकंड या एसी थर्ड क्लास के लिए है, तो उस स्थिति में,एसी सेकंड या एसी थर्ड क्लास का किराया और स्लीपर क्लास के बीच का अंतर किराया प्रदान किया जाएगा। यह नियम मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों दोनों के लिए मान्य है।
  • यदि टिकट एसी चेयर कार के लिए है, तो यात्री को एसी चेयर कार का किराया और मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में सेकंड क्लास के किराए के बीच के अंतर का शुल्क दिया जाएगा।
  • यदि यात्री द्वारा बुक किया गया टिकट एग्जीक्यूटिव क्लास के लिए है, तो संबंधित सेक्शन के लिए एग्जीक्यूटिव क्लास के किराये और उस सेक्शन की संबंधित दूरी के लिए प्रथम श्रेणी के किराए के बीच का अंतर शुल्क दिया जाएगा।

क्या है प्रक्रिया

यदि यात्री के पास ई-टिकट है, तो यात्री को अपने डेस्टिनेशन तक ट्रेन के वास्तविक समय पर पहुंचने के बीस घंटे तक ऑनलाइन टीडीआर दर्ज करना होगा। इसके बाद यात्री को इसे जारी मूल प्रमाणपत्रों (जीसी / ईएफटी) के साथ ग्रुप जनरल मैनेजर/आईटी, इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड, इंटरनेट टिकटिंग सेंटर, आईआरसीए बिल्डिंग, स्टेट एंट्री रोड, नई दिल्ली – 110055, के पास पोस्ट के माध्यम से भेजना होगा।

यदि आपके पास आई-टिकट है, तो ऊपर लिखे पते पर यात्रा के समय टिकट जांच कर्मचारी (टीटीई) द्वारा जारी मूल प्रमाणपत्र (जीसी / ईएफटी) को भेजना होगा।

आपको ध्यान रखना होगा कि रेलवे मूल प्रमाण पत्र (जीसी / ईएफटी) प्राप्त करने के बाद ही टीडीआर के माध्यम से रिफंड की प्रक्रिया शुरू करेगा। आईआरसीटीसी द्वारा आपका यह दावा/क्लेम उसी क्षेत्रीय रेलवे को भेजा जाएगा जिसके अधिकार क्षेत्र में आपका ट्रेन डेस्टिनेशन आता है। इस प्रकार, राशि आप उसी खाते में जमा की जाएगी जिसके माध्यम से भुगतान किया गया था।


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