Placeholder canvas

जानिए दुनिया के सबसे खूबसूरत फूलों में एक ‘कृष्ण कमल’ को लगाने का तरीका

growing krishna kamal plant

इस लेख में पढ़िए कैसे लगा सकते हैं कृष्ण कमल की बेल और कैसे करें देखभाल।

यदि आप फूल के शौकिन हैं तो आपको पता ही होगा कि दुनिया के सबसे खूबसूरत फूलों में ‘कृष्ण कमल’ का नाम भी शामिल है। इसे अंग्रेजी में ‘Passion Flower’ कहते हैं। कृष्ण कमल को राखी बेल के नाम से भी जाना जाता है। इस फूल का जीनस ‘Passiflora’ है, जिसके अंतर्गत 500 से ज्यादा प्रजातियां हैं। कृष्ण कमल कई रंगों के होते हैं जैसे बैंगनी, लाल, सफ़ेद। लता पर लगने वाले इस फूल का हिन्दू धर्म में काफी महत्व है। 

कहते हैं कि इस एक फूल में महाकाव्य महाभारत के सभी महत्वपूर्ण पात्र समाये हुए हैं। आप फूल की बनावट को देखें, बैंगनी पत्तियों की संख्या पूरी 100 हैं, जो कौरवों की हैं। इसके बाद उसके ऊपर जो पांच हरे रंग की कली होती है, वे पांडव के प्रतीक हैं। इसके बाद जो तीन छोटी-छोटी कलियां होती हैं, वे ब्रह्मा-विष्णु-महेश के प्रतीक हैं और जो केंद्र में विराजमान हैं वे कृष्ण स्वरुप हैं। 

वहीं, इस फूल की बनावट ऐसी है कि मानो यह हाथ पर बांधने वाली कोई राखी है। इसलिए इसे राखी बेल तो कहीं झुमका लता भी कहते हैं। यह फूल इतना खूबसूरत और आकर्षक है कि बागवानी का शौक रखने वाले सभी लोग इसे अपने बगीचे में लगाना चाहेंगे। इसलिए हमने गार्डनिंग एक्सपर्ट अभिजीत प्रजापति से जाना कि कैसे कृष्ण कमल की बेल को घर पर बगीचे में लगाया जा सकता है? किस तरह से इसकी देखभाल करें और किन बातों का ध्यान रखें! 

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रहने वाले अभिजीत प्रजापति पिछले कई सालों से बागवानी कर रहे हैं। अभिजीत पेशे से शिक्षक हैं और अपने शौक के लिए बागवानी करते हैं। उन्होंने अपने घर में फल-सब्जियों के तरह-तरह के पेड़-पौधे लगाए हुए हैं। उनका अपना यूट्यूब चैनल भी है। उन्होंने द बेटर इंडिया को बताया, “मेरे बगीचे में कृष्ण कमल की दो प्रजाति हैं, एक बैंगनी और एक लाल। अगर आप नर्सरी से पौधा खरीदना चाहते हैं तो आपको कृष्ण कमल की कई प्रजातियां मिल जाएंगी। बारिश के मौसम में ज्यादातर कृष्ण कमल के पौधे नर्सरी में आते हैं। इसके अलावा, इसे कटिंग या बीजों से भी लगाया जा सकता है।”

Passion Flower
Passion Flower

कैसे लगाएं 

अभिजीत कहते हैं कि अगर आप बीज से पौधा लगाना चाहते हैं तो किसी अच्छी और विश्वसनीय जगह से बीज खरीदें। पौधा खरीदने से पहले भी अच्छे से जांच लें कि पौधा सही है या नहीं। पौधा लगाने के लिए आपको इन चीजों की जरूरत होगी,

पॉटिंग मिक्स: 

50% मिट्टी, 20% रेत और 30% गोबर की खाद 

गमला:

12 से 20 इंच तक का गमला। गमले की चौड़ाई और गहराई अच्छी होनी चाहिए क्योंकि बेल की जड़ें काफी फैलती हैं। 

अगर आप बीज से पौधा लगा रहे हैं तो इसे कुछ घंटे भिगो कर रखें और फिर गमले में पॉटिंग मिक्स भरकर लगा दें। लगभग दो हफ्तों में बीज अंकुरित होकर बढ़ने लगेगा। अगर आप कटिंग से पौधा लगा रहे हैं तो कोशिश करें कि बारिश के समय में लगाएं क्योंकि बारिश के मौसम में कटिंग जल्दी ग्रो करती हैं। आप नर्सरी से पौधा लाकर भी लगा सकते हैं। 

इन बातों का रखें ख्याल: 

  • कृष्ण कमल की बेल को अच्छी धूप चाहिए, इसलिए इसे ऐसी जगह में रखें जहां पांच से छह घंटे धूप आती हो। आप गर्मी के मौसम में इसके ऊपर शेडनेट लगा सकते हैं। 
  • सर्दियों के मौसम में कृष्ण कमल का ‘डॉर्मेंसी पीरियड’ होता है। इस दौरान इनका ख़ास ख्याल रखें। नवंबर से जनवरी तक डॉर्मेंसी में रहते हैं और फरवरी से कलियां आना शुरू हो जाती है। 
  • जब पौधे पर कलियां आ रही हों तो इन्हें नियमित रूप से खाद देनी चाहिए ताकि बेल को पोषण मिलता रहे। 
  • अभिजीत कहते हैं कि हर हफ्ते गमले की मिट्टी ऊपर-नीचे करते रहना चाहिए ताकि पौधे की जड़ें गमले में बहुत ज्यादा न फैलें। 

उन्होंने कहा कि कई बार इस बेल में कीट भी लग जाते हैं। इसलिए नियमित रूप से इसके पत्तों को चेक करते रहें और कीटों को दूर रखने के लिए बीच-बीच में नीम के तेल का स्प्रे करें। यह बेल काफी ज्यादा बढ़ती है, इसलिए आप साल में बारिश के मौसम के दौरान इसकी कटाई-छंटाई कर सकते हैं। इससे बेल में नयी-नयी कलियां फूटेंगी और ज्यादा फूल आएंगे। 

  • वहीं बात अगर पानी देने की करें तो गर्मियों में पौधों को ज्यादा पानी दिया जाता है और सर्दियों में पानी की मात्रा कम रखनी चाहिए। 

इसकी कुछ प्रजातियों में फल भी लगते हैं, जिन्हें कृष्ण फल कहते हैं। तो देर किस बात की, आज ही तैयारी करें अपने बगीचे में इस खूबसूरत फूल को लगाने की। अगर आप इस फूल के बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं तो अभिजीत प्रजापति से उनके इंस्टाग्राम पर संपर्क कर सकते हैं। 

संपादन- जी एन झा

कवर फोटो

यह भी पढ़ें: इस तरह उगाएं एलोवेरा का पौधा और जेल से लेकर जूस तक सबकुछ बनाएं घर पर

यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है, या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ साझा करना चाहते हो, तो हमें hindi@thebetterindia.com पर लिखें, या Facebook और Twitter पर संपर्क करें।

We at The Better India want to showcase everything that is working in this country. By using the power of constructive journalism, we want to change India – one story at a time. If you read us, like us and want this positive movement to grow, then do consider supporting us via the following buttons:

Let us know how you felt

  • love
  • like
  • inspired
  • support
  • appreciate
X