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अब टू-व्हीलर खरीदने पर मिलेंगे दो हेलमेट और हेलमेट लॉक भी – तमिलनाडू हाई कोर्ट की पहल !

तमिल नाडू में टू व्हीलर चलाने वाले हेलमेट पहने, इसके लिए मद्रास उच्च न्यायलय हर संभव कदम उठा रहा है। आईये जानते हैं इसी सन्दर्भ में न्यायालय द्वारा जारी किये गए नए आदेश के बारे में।

तमिल नाडू में  टू व्हीलर चलाने वाले  हेलमेट पहने, इसके लिए मद्रास उच्च न्यायलय हर संभव कदम उठा रहा है। आईये जानते हैं इसी सन्दर्भ में न्यायालय द्वारा जारी किये गए नए आदेश के बारे में।

जस्टिस एन कुरुबकरण ने १ जुलाई २०१५ को राज्य में हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया था, जिसके बाद हेलमेट न लगाने पर वाहनों एवं गाडियों के दस्तावेज़ ज़ब्त हो जाने के डर से तमिल नाडू के अधिकांश दोपहिया चालाको ने इस निर्देश का पालन किया।

इसी आदेश को आगे बढ़ाते हुए मद्रास उच्च न्यायलय ने मंगलवार को आदेश जारी किया कि हर दुपहिया वाहन की खरीद पर खरीददार को दो हेलमेट मुहैया करवाया जाए।

इस आदेश में यह भी कहा गया है कि इसके साथ ही हर दोपहिया वाहन के निर्माण के समय उसमे ‘हेलमेट लॉक’ लगाना अनिवार्य किया जाए।

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Photo Credit: Rajarshi MITRA/Flickr

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, न्यायाधीश ने केंद्र को यह निर्देश दिया है कि दो पहिया वाहन निर्माता कंपनी को एडवाइजरी जारी करें कि वाहनों में हेलमेट लॉक कॉम्पोनेन्ट की तरह दे न की एक्सेसरी की तरह। इससे चालको की हेलमेट चोरी हो जाने की चिंता कम होगी, जो कि हेलमेट न पहनने के पीछे का एक महत्त्वपूर्ण कारण है ।

जज के अनुसार, सड़क दुर्घटना को रोकना सरकार एवं न्यायलय का एक संवैधानिक कर्तव्य है। सड़क हादसों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा की एक जुलाई से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है। जून में ५८२ की तुलना में जुलाई २०१५ में ४९८ दुर्घटनाओ के मामले सामने आये हैं। हालाँकि मृतकों की संख्या अगस्त में बढ़ कर फिर ५७१ हो गयी। इसका अर्थ है कि सिर्फ जुलाई माह में ही इस नियम का ठीक ढंग से पालन किया गया।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया द्वारा जारी किये गए वक्तव्य के अनुसार न्यायाधीश ने कहा है, “ यह देखा गया है कि शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रो में तो लोगो ने हेलमेट पहनना आरम्भ कर दिया है, हांलाकि ग्रामीण इलाको में अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है। इसलिए राज्य सरकार को इस नियम को सख्ती से हर क्षेत्र में पालन करने का निर्देश दिया जा रहा है ।”

उन्होंने मोटर वहिकल एक्ट पर जोर डाला जिसके अनुसार वाहन निर्माता को बी आई एस स्टैण्डर्ड का हेलमेट खरीददार को उपलब्ध करवाना अनिवार्य है ।

मशहूर हस्तियों द्वारा इसे बढ़ावा देने का विचार भी सामने लाया गया। अभिनेता कमल हसन पहले से ही इसकी वकालत कर रहे हैं। इस केस को आगे की सुनवाई के लिए ३० अक्टूबर २०१५ तक स्तगित किया गया है ।

उम्मीद की जा रही है की न्यायलय का यह कदम दोपहिया चालको को हेलमेट पहनने के लिए प्रोत्साहित करेगा ।

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