बाजीराव मस्तानी और पद्मावत जैसी फिल्मों में अपने बेहतरीन अभिनय के लिए जानी जाने वाली अभिनेत्री दीपिका पादुकोण, अब बतौर फिल्म-प्रोड्यूसर अपने करियर का एक नया आगाज़ कर रही हैं। मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बन रही फिल्म 'छपाक' में वह न सिर्फ मुख्य किरदार निभा रही हैं, बल्कि वह इस फिल्म की प्रोड्यूसर भी हैं।
लेकिन उनकी इस फिल्म की तरफ आकर्षित करने वाली सबसे खास बात यह है कि यह फिल्म एसिड अटैक सर्वाइवर, लक्ष्मी अग्रवाल के जीवन पर आधारित है। 30 वर्षीय लक्ष्मी अग्रवाल, भारत में एसिड अटैक के खिलाफ 'स्टॉप एसिड सेल' अभियान की सूत्रधार हैं और पिछले कई सालों से इस भयानक अपराध के खिलाफ अपनी लड़ाई लड़ रही हैं।
15 साल की उम्र में लक्ष्मी पर एसिड अटैक हुआ, और उसके बाद से उनका जीवन एक अंतहीन संघर्ष की राह पर है। अपने पिता को खोना, अपने लिव-इन पार्टनर से अलग होना, एक साल तक बिना नौकरी के जैसे-तैसे गुज़ारा करना, अपनी बेटी की परवरिश की ज़िम्मेदारी से लेकर मेघना गुलज़ार की फिल्म का आधार बनने तक - लक्ष्मी की कहानी किसी रोलर कोस्टर राइड से कम नहीं!
मुंबई मिरर को एक साक्षात्कार के दौरान दीपिका ने कहा था, "इस कहानी को सुनकर मैं बहुत भावुक हो गयी थी क्योंकि यह सिर्फ किसी हिंसा की कहानी नहीं है, बल्कि ताकत और हिम्मत, उम्मीद और जीत की कहानी है। इसने मुझे इस कदर प्रभावित किया कि निजी तौर पर और रचनात्मक तौर पर भी, मुझे कुछ ज्यादा करना था और फिर मैंने प्रोड्यूसर बनने का निर्णय लिया।"
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लक्ष्मी अग्रवाल, द एसिड अटैक सर्वाइवर- इस नाम को तो सबने कहीं न कहीं सुना ही होगा, पर उनकी कहानी को शायद बहुत कम लोगों ने जाना या सूना होगा। दिल्ली में रहने वाली एक आम-सी लड़की, जो खान मार्किट के पास एक बुक शॉप में असिस्टेंट का काम करती थी। साल 2005 में अचानक इस 15 साल की लड़की की ज़िन्दगी बिल्कुल बदल जाती है, जब उससे दुगुनी उम्र का एक आदमी उसके ऊपर तेज़ाब की बोतल उड़ेल देता है।
पर क्यों? क्योंकि लक्ष्मी ने उस आदमी के एकतरफा प्यार को ठुकरा दिया था और वह लगातार उसका पीछा कर रहा था। इस घटना के बारे में द इंडियन एक्सप्रेस को बताते हुए लक्ष्मी ने कहा था,
लेकिन, लक्ष्मी की मुश्किलों के बारे में जब लोगों को पता चला तो बहुत से लोग उनकी मदद के लिए आगे आये। उन्हें एक अच्छी नौकरी भी मिली और अब वह एक बॉलीवुड फिल्म की कहानी का आधार हैं। बेशक, लक्ष्मी का संघर्ष, उनकी हिम्मत और जज्बा, काबिल-ए-तारीफ़ है। क्योंकि समय कैसा भी रहा हो उन्होंने हार नहीं मानी।
द बेटर इंडिया, लक्ष्मी अग्रवाल को सलाम करता है और हमें उम्मीद है कि उनके जीवन पर बन रही 'छपाक' फिल्म देश में इस घिनौने अपराध के प्रति लोगों की मानसिकता को बहुत हद तक बदलने में सफल रहेगी!
संपादन - मानबी कटोच
Summary: 30-year-old Laxmi Agarwal, India’s most high-profile campaigner against the horrific scourge of acid attacks, has won hearts with her courage and poise in circumstances that would have seen many crumble. On her journey and struggle, Meghna Gulzar is directing a film named, 'Chhapaak,' in which Deepika Padukon is playing the lead character. Deepika is starting her career as Film-producer with this film.
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