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82 की उम्र में पोते ने दी जिम ट्रेनिंग, अब रेगुलर वर्क-आउट से दादी रहतीं हैं बिलकुल फिट

यदि आपका मन मजबूत है तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती है। आज हम आपको एक ऐसी ही कहानी सुनाने जा रहे हैं, जहाँ 82 साल की एक दादी जमकर एक्सरसाइज कर रही हैं। इस कहानी का सबसे रोचक पक्ष यह है कि 82 वर्षीया दादी माँ का प्रोफेशनल ट्रेनर और कोई दूसरा नहीं बल्कि उनका पोता ही है।

चेन्नई में रहने वाले 27 वर्षीय चिराग चोरडिया ने वैसे तो इंजीनियरिंग की पढ़ाई की लेकिन उनका पैशन उन्हें फिटनेस ट्रेनिंग और कोचिंग के क्षेत्र में ले गया। आज वह शहर की ‘Strength System’ जिम के को-पार्टनर हैं। फिटनेस और स्वास्थ्य से संबंधित कई सर्टिफिकेशन कोर्स उन्होंने किए हैं लेकिन चिराग का कहना है कि कोई भी सर्टिफिकेट कोर्स या डिग्री आपको वह नहीं सिखा सकता है, जो आप अनुभव से सीखते हैं। उनका यह सफ़र बहुत ही दिलचस्प रहा, जहाँ एक ओर वह युवाओं को फिटनेस ट्रेनिंग देते ही हैं, वहीं बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्गों को भी वह ट्रेनिंग दे रहे हैं।

अपनी 82 वर्षीय दादी के लिए ट्रेनिंग शेड्यूल बनाने से पहले चिराग लगभग 70 वर्ष की उम्र तक के कई बुजुर्गों के साथ काम कर चुके हैं। उन्होंने द बेटर इंडिया को बताया, “फिट और एक्टिव रहने के लिए उम्र मायने नहीं रखता है। अगर आपको महसूस होता है कि आपको एक्सरसाइज करनी चाहिए तो बिल्कुल करें। चाहें आप दिन में 15 मिनट ही कुछ कर रहे हैं लेकिन इससे अगर आपको ख़ुशी मिल रही है और आप खुद में अच्छा महसूस कर रहे हैं तो क्या बुरा है? एक्सरसाइज करते रहना चाहिए।”

Kiran Bai

चिराग की दादी किरण बाई हमेशा से ही काफी एक्टिव रहीं। लेकिन पिछले 5 सालों में बढ़ती उम्र के साथ-साथ उन्हें स्वास्थ्य संबंधित परेशानियाँ होने लगी। कुछ महीने पहले, गिरने की वजह से उनके पैर में मोच आ गई थी। चिराग बताते हैं कि इस घटना के बाद दादी को सहारे की जरूरत हो गई।

“और यही चीज़ मेरी दादी को बिल्कुल पसंद नहीं है क्योंकि वह हमेशा आत्मनिर्भर रहीं हैं। फिर जब से लॉकडाउन हुआ तो उनका रूटीन बिल्कुल ही बदल गया। वह घर में रहतीं और अपने साथियों से भी नहीं मिल पा रही थीं। इससे उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी काफी असर पड़ने लगा। अक्सर वह माँ को कहतीं कि अब जल्द ही वह चली जाएंगी। इसलिए माँ ने मुझे फ़ोन करके यह सब बताया और घर आने के लिए कहा,” उन्होंने आगे कहा।

चिराग चेन्नई में ही दूसरी जगह फ्लैट लेकर रहते हैं। जब उन्हें दादी के बारे में पता चला तो पहले तो उन्होंने फोन पर उनसे बात की और फिर लॉकडाउन में थोड़ी रियायत मिलने पर वह तुरंत घर पहुँच गए। उन्होंने दादी के साथ थोड़ा समय बिताया, उनसे बात की और बातों-बातों में दादी ने उनसे कहा, ‘तू मुझे भी एक्सरसाइज बता दे, मैं कर लिया करुँगी।’ और बस उसी दिन से दादी की एक्सरसाइज का शेड्यूल शुरू हो गया।

While Exercising

इंस्टाग्राम के ज़रिए चिराग ने अमेरिका में कुछ फिटनेस कोच से बात की। कोच से कंसल्टेशन के बाद, उन्होंने अलग-अलग एक्सरसाइज अपनी दादी के साथ ट्राई की ताकि उन्हें पता चले कि उनकी दादी किस एक्सरसाइज को करने में सहज हैं और खुश हैं। उस हिसाब से उन्होंने उनका रूटीन शुरू किया।

चिराग बताते हैं कि दादी हफ्ते में 3 दिन एक्सरसाइज करतीं हैं और फुल बॉडी वर्कआउट करतीं हैं। हल्के-फुल्के वार्मअप से उनका शेड्यूल शुरू होता है और इसके बाद वह अलग-अलग एक्सरसाइज के सेट करतीं हैं, जिसमें स्क्वाट्स, बैंडेड रॉ, लैंडमाइन प्रेस्सेस, वेट लिफ्ट, चलना-फिरना आदि शामिल है।

पिछले एक साल से वह बिल्कुल भी ज़मीन पर नहीं बैठ पाती थीं लेकिन अब धीरे-धीरे वह ज़मीन पर बैठने लगी हैं। नहाने के लिए पानी की बाल्टी उठाकर रखतीं हैं। सबसे अच्छी बात यह हुई है कि इस ट्रेनिंग के ज़रिए पिछले एक महीने में उनके स्वभाव में काफी बदलाव आया है। चिराग कहते हैं, दादी पहले पूरे घर का एक चक्कर भी नहीं लगा पाती थीं लेकिन अब वह 4 चक्कर आराम से लगा लेती हैं। कोई भी काम करके बहुत ज्यादा थकती नहीं है। उनका स्टैमिना बढ़ रहा है और साथ ही, आत्मविश्वास भी।”

इसके बारे में दादी कहती हैं कि उन्हें एक्सरसाइज करना अच्छा लगता है। वह कहतीं हैं, “मैं पहले भी अपने बेड पर बैठकर, यूट्यूब पर वीडियो देखकर हाथ-पाँव का एक्सरसाइज करती थी। योग भी करती थी। एक बार एक्सरसाइज करते हुए बेड से गिर गयी थी। लेकिन मैंने हार नहीं मानी और वीडियो देखकर पैर का एक्सरसाइज किया और तब जाकर पाँव ठीक हुआ।”

दादी के मुताबिक उन्हें एक्सरसाइज करने से पीठ दर्द में काफी आराम मिल रहा है। कंधे भी उनके मजबूत हुए हैं और उन्हें ताकत मिल रही है।

सीनियर सिटीजन के एक्सरसाइज करने पर इतने सवाल शायद इसलिए आते हैं क्योंकि हम बहुत ज़्यादा यह सब अपने आस-पास नहीं देखते हैं। चिराग के मुताबिक, कोई भी ट्रेनिंग कर सकता है, बस हर एक इंसान की सोच की ही तरह उनके शरीर की ट्रेनिंग कर पाने की क्षमता एक-दूसरे से अलग होती है।

चिराग के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति कभी भी अपनी फिटनेस और स्वास्थ्य के लिए एक्सरसाइज कर सकता है। सबसे ज़्यादा ज़रूरी यह समझना है कि कोई व्यक्ति एक्सरसाइज क्यों करना चाहता है? सोचिये कि फिटनेस की बात क्या आपकी ज़िंदगी में फिट होती है, क्या आप सिर्फ करने के लिए करना चाहते हैं या फिर आपको यह करके ख़ुशी मिलती है।

Grandma Exercising

“एक्सरसाइज के लिए कोई सही शेड्यूल या फिर ट्रेनिंग नहीं होती है। आप जो नियमित रूप से कर पा रहे हैं, वही सही है। आपको कितना ज़्यादा करना चाहिए या कितना कम, यह कोई फिक्स नहीं है। हर किसी इंसान के लिए यह शेड्यूल अलग हो सकता है। इसके लिए आप अपनी हेल्थ हिस्ट्री के हिसाब से अपने डॉक्टर से मार्गदर्शन ले सकते हैं या फिर कोई ट्रेनर हो तो उनसे पूछ सकते हैं,” चिराग ने कहा।

उम्र के उस पड़ाव में जब अक्सर लोग आराम करना पसंद करते हैं, उस उम्र में दादी बेहतर स्वास्थ्य के लिए लगातार एक्सरसाइज कर रही हैं, जो हम सभी के मिसाल है। दादी कहती हैं, “सबको हौसला रखना चाहिए। बीच में मुझे भी लगने लगा था की मैं कुछ नहीं कर सकती अभी लेकिन फिर बच्चों ने मुझे हिम्मत दी, मेरा साथ दिया तो अभी मैं सभी कुछ करती हूँ। कोई भी कर सकता है। बस विश्वास रखो।”

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