सिर्फ एक शहीद की विधवा नहीं, एक सच्ची देशभक्त भी थी कविता करकरे!

एक समर्पित अध्यापिका, एक बहादुर शक्स जिसने बेखौफ़ होकर सरकार की खामियो की आलोचना की. मानव अधिकार के लिए लड़ने वाली एक सशक्त कार्यकर्ता : आइए देखे कैसे कविता करकरे केवल एक शहिद की विधवा से बढ़कर भी बहोत कुछ थी. वे सच्चाई के लिए लड़ी तथा कॉन्स्टेबल्स और निचले स्तर के पुलिस वालो के परिवारवालो को सरकार से उनका हक़ दिलवाने मे मदत की. एक सशक्त प्रवक्ता, एक अनुकंपित श्रोता , कविता जैसी अद्भुत व्यक्तित्व के धनी कभी कभी ही पृथ्वी पर जन्म लेते है.