Palm Tree
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छह साल पहले तक एक पौधा लगाना भी नहीं आता था, आज बालकनी में बनाया अर्बन फॉरेस्ट

पुणे की मानसी दुखाने की बालकनी किसी मिनी जंगल से कम नहीं है। 

साल 2016 से पहले तक मानसी को गार्डनिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। लेकिन उन्हें घूमना बेहद पसंद था,  खासकर जंगलों में।

हरियाली के पास रहने के लिए घर पर ही पौधे उगाना शुरू किया।

मानसी हमेशा से पढ़ाई और नौकरी के सिलसिले में बिजी ही रही थीं। इसलिए उन्हें कभी खुद का गार्डन बनाने का ख्याल नहीं आया।

उनके इस घर की एक बालकनी 150 स्क्वायर फ़ीट की है और दूसरी 180 स्क्वायर फ़ीट की। यहां उन्होंने एक-दो पौधों के साथ गार्डन बनाना शुरू किया था।

इस तरह शुरुआती तीन साल तो उन्हें पौधों की प्रकृति को जानने में ही लग गए। उन्होंने अपनी गार्डनिंग हॉबी को सस्टेनेबल बनाने के लिए अपने घर में भी कई बदलाव किए।

कोरोना के समय, जब उनके पास थोड़ा ज्यादा समय था, तब उन्होंने पौधों पर अधिक ध्यान देना शुरू किया। इससे पौधों के विकास में भी फर्क पड़ा। कई पौधे जो पहले सूख जाया करते थे, कोरोना के समय वह और हरे भरे हो गए।

हरियाली के लिए उनके पास फ़र्न, फिलॉडेंड्रॉन और पोथोस की कई किस्में लगी हैं।  उन्हें हरियाली का बहुत शौक़ है इसलिए वह ऐसे पौधे ज्यादा लगाती हैं, जो कम देखभाल में ज्यादा हरियाली दें।

आप भी देखिए उनके अर्बन जंगल की हरियाली