अगर आप उन लोगों में से हैं, जिन्होंने अभी तक गार्डनिंग की शुरुआत नहीं की है तो नए साल में करें शुरुआत 

ऐसे ही लोगों को ध्यान में रखकर हमने दिल्ली की गार्डनिंग एक्सपर्ट और तक़रीबन 15 सालों से गार्डनिंग कर रहीं, रश्मि शुक्ला से जाना कि कैसे गार्डनिंग को सबके लिए आसान बनाया जाए।

“आजकल इंटरनेट और ऑनलाइन शॉपिंग के दौर ने सारे कामों को आसान बना दिया है। ऐसे में गार्डनिंग भी इतनी मुश्किल नहीं। आपको बस अपना मन बनाना है और कुछ छोटी-छोटी तैयारियों के साथ आप गार्डनिंग शुरू कर सकते हैं।” -रश्मि

सबसे पहले अपने घर के अनुसार आपको गार्डनिंग की जगह सुनिश्चित करनी होगी।

इसके अलावा इन बातों का रखना है ध्यान चलिए जानें-

जगह के अनुसार चुनें गमले

छत या बालकनी में पौधे लगाने के लिए ग्रो बैग सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है।  अगर आप ग्रो बैग्स पर पैसे नहीं खर्च करना चाहते, तो आप घर पर पड़ी बेकार बाल्टी या पेंट के डिब्बों को इस्तेमाल में ले सकते हैं। इसके साथ ही बालकनी के लिए हुक प्लांटर या हैंगिंग पॉट्स भी अच्छे विकल्प होते हैं।

दूसरी सबसे जरूरी चीज़ है मिट्टी

एक बार सही मिट्टी तैयार करने के बाद, आपका काम बेहद आसान हो जाएगा। रश्मि कहती हैं कि पॉटिंग मिक्स में कोकोपीट का उपयोग करना सही रहता है, इससे गमले का वज़न भी नहीं बढ़ता और यह आसानी से मिल भी जाता है। सबसे अच्छी पॉटिंग मिक्स तैयार करने के लिए, वह सामान्य मिट्टी, वर्मी कम्पोस्ट, कोकोपीट और थोड़ी सी रेत को आपस में मिलाने की सलाह देती हैं।

पौधे या बीज का चुनाव

अगर आपके घर में अच्छी धूप आती है, तो आप कुछ पत्तेदार सब्जियां या हर्ब्स आदि लगाकर भी शुरुआत कर सकते हैं। आप इनके बीजों को ऑनलाइन खरीद सकते हैं। अगर आप सजावटी पौधे लगा रहे हैं, तो अपने पास की नर्सरी से उन पौधों को चुनें जो आपके इलाके में अच्छे से विकसित होते हों। यानी स्थानीय जलवायु को ध्यान में रखकर ही पौधे लें।

गार्डनिंग टूल्स

गार्डन में काम को आसान करने के बहुत सारे ऐसे छोटे-छोटे उपकरण भी हैं, जिससे गार्डनिंग करने में मदद मिलती है। शुरुआत में एक प्रूनिंग कटर और छोटी सी खुरपी आपके काम आ सकती है, आप धीरे-धीरे कुछ और टूल्स भी खरीद सकते हैं। जैसे-पौधे में पानी और दवा का छिड़काव करने के लिए एक स्प्रे बॉटल, हाथों के दस्ताने आदि।

कीटनाशक

अक्सर पौधों में छोट-छोटे कीड़े लगने लगते हैं। इसके कारण पत्तियां सूखने लगती हैं और पौधों का विकास रुक जाता है। इन समस्याओं से निजात पाने के लिए रश्मि, नीम के तेल के छिड़काव का सुझाव देती हैं। उन्होंने बताया कि दूध और खट्टी छाछ भी कीटनाशक का काम करते हैं

यानी गार्डनिंग शुरू करने के लिए बस आपको मन तैयार करने भर की देर है। बाकी की जरूरी चीजें आपको आसानी से घर बैठे भी मिल सकती हैं। तो अब कम समय और कम जगह में भी आप अपने गार्डनिंग के शौक़ को पूरा करें।