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नए ज़माने के माता-पिता के लिए सुधा मूर्ति की ये 8 बेहतरीन पेरेंटिंग टिप्स हैं सबके काम की

Parenting tips by sudha murthy

बच्चों को सही रास्ता दिखाने के बारे में बात करते हुए शिक्षिका और समाज-सेविका सुधा मूर्ति ने नए ज़माने के माता-पिता के लिए 8 महत्वपूर्ण पेरेंटिंग टिप्स बताए हैं।

जब भी आप माता-पिता बनने के बारे में सोचते हैं, तो सबसे पहले आपके दिमाग में क्या आता है? कपड़े धोने के ढेर, बच्चे का डायपर बदलने की ज़द्दो-ज़हद, चारों ओर बिखरे खिलौने, शोर और गंदा घर। यही तस्वीर आती है न नज़रों के सामने? लेकिन इस सिक्के का दूसरा पहलू भी है और वह है पेरेंटहुड (Parenting Tips) की खूबसूरत तस्वीर।

अपने बच्चों को अच्छा व्यवहार करना सिखाएं, उन्हें अपने कौशल को सुधारने के लिए प्रोत्साहित करें, समय पर उनके लिए मौजूद रहें और उनकी छोटी-छोटी खुशियों का जश्न मनाएं। सुनने में यह कितना संतोषजनक लगता है…है न?

हालांकि, माता-पिता बनने के बाद उनके शोर, कपड़े के ढेर, गंदे घर, इन चीज़ों को टाला नहीं जा सकता है। वहीं, इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि सिक्के के दूसरे पहलू के लिए काफी मेहनत और धैर्य की ज़रूरत होती है। नए माता-पिता के लिए, यह समय और ऐसे हालात बिल्कुल नए होते हैं। इसलिए बच्चों को बड़ा करना हम उन लोगों से सीखते हैं, जो सालों से यह काम कर रहे होते हैं।

शिक्षिका, लेखिका और समाज-सेविका सुधा मूर्ति अक्सर पेरेंटहुड से जुड़े बेहतर तरीकों के बारे में बात करती हैं। तो यहां हमने उनसे इसी बारे में कुछ सीखने और समझने की कोशिश की है:

अलग होते हैं हर किसी के सपने (Parenting Tips)

8 New-Age, Inspiring Parenting Lessons From Sudha Murthy
Sudha Murthy
  1. “अपने सपने अपने बच्चों के ज़रिए पूरा करने की कोशिश न करें, क्योंकि हर बच्चा अपने अलग सपने के साथ जन्म लेता है।”

यह एक आम गलती है, जो कई माता-पिता करते हैं। एक बच्चा भविष्य के लिए अपने खुद के सपने और आशाओं के साथ आता है। माता-पिता को खुद के सपने बच्चों के ज़रिए पूरा करने के बजाय, अपने बच्चों के लिए उनके पसंद की मंजिल तक रास्ता बनाने में मदद करनी चाहिए।

पैसे से परे सोचें

  1. “बच्चों को सिखाएं कि पैसे से कोई असाधारण नहीं बनता है।”

एक फाइव स्टार होटल में अपने दोस्त की बर्थडे पार्टी में शामिल होने के बाद, सुधा मूर्ति का बेटा घर वापस आया और अपने माता-पिता से इसी तरह की पार्टी देने की ज़िद करने लगा। तब सुधा मूर्ति ने अपने बेटे से लंबी बात की और समझाया कि एक पार्टी पर इतने पैसे खर्च करने के बजाय, इसे उस व्यक्ति की मदद के लिए खर्च करना चाहिए, जिन्हें उसकी ज्यादा ज़रूरत है। 

कुछ चीजों के लिए ‘देर’ अच्छी होती है

  1. “जब कोई बच्चा कुछ मांगता है, तो उसे तुरंत न दें। पता लगाने की कोशिश करें कि वास्तव में उसे इसकी ज़रूरत है या नहीं।”

सुधा कहती हैं कि माता-पिता को समझना चाहिए कि उनके बच्चे जो मांग रहे हैं, वह ज़रूरी है या नहीं और उसके मुताबिक ही काम करना चाहिए। एक वीडियो में उन्होंने विस्तार से बात करते हुए कहा कि बच्चों को यह समझाना चाहिए कि जो वह मांग रहे हैं, उसकी वैल्यू क्या है।  

बात करने से बनती है बात (Parenting Tips)

Parenting Lessons  From Sudha Murthy
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  1. “बच्चों के साथ रचनात्मक बातचीत करें। उनके साथ हर मुद्दे पर बात करें।”

अगर आप समझना चाहते हैं कि आपके बच्चे के दिमाग में क्या चल रहा है, तो उनसे बात करें। उनके दिन भर की परेशानियों, खुशियों, रुचियों, आकांक्षाओं और दुनिया के बारे में उनके विचारों पर बातचीत करें। उन्हें सुनें और समझने की कोशिश करें।

गैजेट्स के बदले दें किताबें

  1. “उन्हें गैजेट्स पर समय बिताने के बजाय, पढ़ने के फायदे सिखाएं और उन पर चर्चा करें।”

सुधा मूर्ति कहती हैं कि उन्हें अक्सर माता-पिता के सवालों का सामना करना पड़ता है कि बच्चों को गैजेट्स से कैसे दूर रखा जाए। उनके मुताबिक इसका एकमात्र समाधान है पढ़ना। कम उम्र से ही उन्हें किताबें पढ़कर सुनाएं और किताबों के बीच रहने की आदत डालें।

सम्मान दो, सम्मान लो (Parenting Tips)

  1. “उन्हें हर किसी का सम्मान करना सिखाएं, चाहे सामने कोई भी हो और किसी भी पेशे का हो।”

एक YouTube चैनल से बात करते हुए, सुधा मूर्ति ने बताया कि वह अपने फैमिली ड्राइवर के ज़रिए यह समझाने की कोशिश करती हैं कि कैसे बच्चों को सभी के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए। 

पहले सोचें, फिर करें

  1. “माता-पिता जो करते हैं, उसका प्रभाव बच्चों पर पड़ता है।”

बच्चे अपने शुरुआती सालों में आपको ही देखते हैं और आपको ही जानते हैं। तो आप जैसा व्यवहार करते हैं, उसका सीधा प्रभाव उन पर पड़ेगा। बच्चे बारीकी से चीजों को देखते हैं और दुनिया को समझने के लिए अपने माता-पिता पर निर्भर करते हैं। इसलिए सुनिश्चित करें कि आप अपने बच्चों के सामने सही चीज़ें ही करें।

दूसरे बच्चों से न करें तुलना

Think beyond money
“Think beyond money”
  1. “अपने बच्चों की दूसरों से तुलना न करें (Parenting Tips)

हर बच्चे की अपनी ताकत और कमजोरियां होती हैं। इसलिए अपने बच्चे की किसी और के साथ तुलना करना, उनके आत्मविश्वास में बाधा डाल सकता है।

मूल लेखः अनाघा आर मनोज

संपादनः अर्चना दुबे

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