क्विक बाइट्स (ख़ास खबरों में से चुनी हुई खबरे)

जानिए कौन हैं सुनील अरोड़ा; अगले महीने से संभालेंगें मुख्य चुनाव आयुक्त का पद!

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सुनील अरोड़ा को मुख्य इलेक्शन कमिश्नर नियुक्त किया है। बताया जा रहा है कि सुनील अरोड़ा अगले महीने यानी कि 2 दिसंबर से कार्यभार संभालेंगें। उनसे पहले इस पद को ओपी रावत संभाल रहे थे। 

क्विक बाइट्स (ख़ास खबरों में से चुनी हुई खबरे) हमारा देश - हमारे गाँव

पुणे: इस आइएएस अफ़सर की पहल से आज अपने शौचालय से लाखों में कमा रहे हैं गांववाले!

महाराष्ट्र के पुणे की खेड़ तालुका के गांवों में खुले में शौच की समस्या थी, क्योंकि बहुत से लोग सरकार के बनाये हुए शौचालयों का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। इस समस्या को हल करने के लिए यहाँ के आइएएस ऑफिसर आयुष प्रसाद ने एक पहल शुरू की। आज उनके प्रोजेक्ट के जरिये गांववाले अच्छी आमदनी कमा रहे हैं।

क्विक बाइट्स (ख़ास खबरों में से चुनी हुई खबरे) महिला

दो दशक पहले सबरीमाला मंदिर में जाने वाली पहली महिला थी यह आइएएस अफ़सर!

साल 1994-95 में वलसला 41 वर्ष की थीं और पत्तनमतिट्टा जिले की कलेक्टर थीं। उस समय 4 बार उन्होंने मन्दिर का दौरा किया था।

क्विक बाइट्स (ख़ास खबरों में से चुनी हुई खबरे)

महाराष्ट्र: भ्रष्ट अधिकारियों को रंगे हाथ पकड़कर इस आइएएस अफ़सर ने किया निलंबित!

महाराष्ट्र के पुणे जिला परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सूरज मंधारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा फैसला लेकर पुरे देश में अधिकारियों के लिए एक उदाहरण स्थापित किया है। उन्होंने कई प्रशासनिक केन्द्रों का दौरा कर भ्रष्ट व अपनी ड्यूटी इमानदारी से न करने वाले अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर दिया।

क्विक बाइट्स (ख़ास खबरों में से चुनी हुई खबरे)

25 गरीब बच्चों के लिए उनकी माँ बनी यूपी के आईएएस अफ़सर की पत्नी, हिचकी फिल्म से मिली प्रेरणा!

उत्तर प्रदेश के विभूतिखंड के आईएएस जितेंद्र कुमार की पत्नी सीमा गुप्ता ने लगभग 25 बच्चों को गोद ले रखा है। ये सभी बच्चे झुग्गी-झोपडी या फिर फुटपाथ पर गुजर-बसर करने वाले परिवारों से हैं। 

क्विक बाइट्स (ख़ास खबरों में से चुनी हुई खबरे)

आईएएस अफ़सर की प्यारी सी पहल; सरकारी स्कूल के बच्चो के साथ खाया मिड-डे मील !

केरल में अल्लापुज़हा जिले के नीरकुन्नाम में स्थित श्री देवी विलासम (एसडीवी) यूपी सरकारी स्कूल में आईएएस अफसर एस. सुहाष ने बीते बुधवार अचानक पहुंचकर सबको चौंका दिया। दरअसल, उनके स्कूल में जाने की वजह थी मिड-डे मील की गुणवत्ता को जांचना।