लॉकडाउन में बेटे ने की चॉकलेट खाने की ज़िद और शुरू करवा दिया टीचर मम्मी का साइड बिज़नेस

chocolate business

गुजरात के जूनागढ़ की हीरल सेठ यूं तो एक टीचर हैं, लेकिन लॉकडाउन के दौरान उन्होंने खुद का होममेड शुगरफ्री चॉकलेट का बिज़नेस भी शुरू किया है।

कोरोनाकाल के दौरान हम सभी अपनी पसंद की चीजों को खाने के लिए तरसते थे। एक ओर जहां कई लोग सड़क के किनारे पानी-पूरी का मजा लेने का इंतजार कर रहे थे, तो वहीं बच्चे मन भर चॉकलेट डोनट्स या दूसरी मनपसंद चीजें खाने को तरस रहे थे।  

ऐसे में ज्यादातर माताओं की कोशिश रहती थी कि घर पर चॉकलेट, केक जैसी चीजें बनाकर बच्चों को खिलाएं। कई महिलाओं ने तो लॉकडाउन के समय बेकरी बिज़नेस शुरू कर दिया। आज हम आपको कोरोनाकाल में बिज़नेस शुरू करनेवाली गुजरात की ऐसी ही एक महिला की कहानी बता रहे हैं।  

जूनागढ़ शहर की हीरल सेठ, पेशे से शिक्षिका हैं। कोरोना के समय में जब पूरे देश में लॉकडाउन लगाया गया था, तब कई जगहों पर खाने-पीने का सामान समय पर नहीं मिल पाता था। उस समय हीरल ने अपने बेटे के लिए चॉकलेट से लेकर डोनट्स तक सबकुछ  घर पर बनाना शुरू कर दिया था। धीरे-धीरे उनके दोस्तों और रिश्तेदारों तक उनकी बनाई चॉकलेट्स पहुंचने लगीं। 

द बेटर इंडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया, “मुझे पहले से ही चॉकलेट बनाने का शौक़ था। लेकिन पिछले साल मुझे अपने शौक़ को बढ़ाने का समय मिला और उस समय बाहर की चीजों के बजाय, अपने बेटे को घर पर बनी चीजें खिलाने के लिए मैंने कई नई रेसिपीज़ भी सीखीं।”

homemade chocolate
Homemade Chocolates

शौक से शुरू हुआ बिज़नेस 

MA, B.Ed. की पढ़ाई के बाद, वैसे तो हीरल स्कूल में पढ़ाती हैं, लेकिन वह खाना बनाने की भी शौक़ीन हैं। हालांकि, अपनी बिजी लाइफ के कारण वह ज्यादा कुछ नहीं बना पाती थीं, लेकिन जब उन्होंने अपने बेटे के लिए नई-नई चीजें बनाना शुरू किया, तब उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि एक दिन वह इसका बिज़नेस करेंगी। वह चॉकलेट, डोनट्स आदि के कई फ्लेवर्स आराम से तैयार कर लेती हैं। 

उन्होंने अपने बनाए इन सभी व्यंजनों को दोस्तों और रिश्तेदारों को चखाना शुरू किया, जिनसे उन्हें काफी सराहना मिली और कुछ लोगों ने तो फोन पर ऑर्डर देना भी शुरू कर दिया। उन्होंने अपने बिज़नेस के विज्ञापन के लिए बिल्कुल पैसे खर्च नहीं किए। जो भी उनसे एक बार चॉकलेट खरीदता है, वह दूसरी बार जरूर आता है। साथ ही, दूसरों को भी सूचित करता है। इसी तरह से उनकी लोकप्रियता और  बिज़नेस लगातार बढ़ रहे हैं।

हीरूस होममेड चॉकलेट 

हीरल ने अपने स्टार्टअप का नाम रखा ‘हीरूस होममेड चॉकलेट’,  जिसके तहत वह अलग-अलग आकार और स्वाद के चॉकलेट बनाती हैं। वह  मौसम, त्योहार और कार्यक्रम के अनुसार अपने ग्राहकों की पसंद के चॉकलेट बनाने में माहिर हैं। वह कहती हैं, “चाहे बच्चों के जन्मदिन के लिए कार्टून के आकार की चॉकलेट हो या  सालगिरह के लिए दिल के आकार की, जिस भी स्वाद और आकार की ग्राहक मांग करते हैं, मैं वह बनाकर देती हूँ। गणेश चतुर्थी के दौरान, मोदक के आकार की चॉकलेट लोगों को बेहद पसंद आई।”

homemade chocolate modak
Chocolate Modak

वह, त्योहारों के दौरान, गिफ्ट देने के लिए चॉकलेट हैंपर भी तैयार करती हैं। दिवाली पर दोस्तों और रिश्तेदारों को उपहार के रूप में दिए गए ये चॉकलेट बॉक्स, लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला देते हैं। हीरल, अलग-अलग पटाखों, जैसे- अनार और रॉकेट के आकार में विशेष चॉकलेट का पैकेज बनाती हैं, जो बच्चों के बीच बहुत लोकप्रिय है। 

उनके प्रोडक्ट्स की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण यह है कि वह अपने सभी उत्पादों को शुगर फ्री रखने की कोशिश करती हैं। यही वजह है कि काफी कम समय में ही उन्हें  जूनागढ़ के साथ-साथ  सूरत, भावनगर, राजकोट, अंकलेश्वर, मुंबई जैसे शहरों से भी ऑर्डर मिलने लगे हैं।  हीरल कहती हैं, “मैं ऑर्डर के मुताबिक नए-नए फ्रेश उत्पाद बनाकर कुरियर के जरिए भेजती हूँ।”

सुबह से शाम तक बनाती हैं चॉकलेट्स 

हीरल को उनके चचेरे भाई के माध्यम से सबसे पहला बड़ा ऑर्डर मिला था। पिछले साल रक्षाबंधन पर उन्हें 200 से 300 बॉक्स का ऑर्डर आया था। इतने बड़े-बड़े ऑर्डर्स के लिए, उन्हें पैकिंग बॉक्स और चॉकलेट बनाने का दूसरा सामान मुंबई से मंगवाना पड़ता है। क्योंकि ज्यादातर चीजें जूनागढ़ में नहीं मिलती हैं। हीरल, चॉकलेट बनाने से लेकर, बेहतरीन पैकिंग तक का सारा काम खुद ही संभालती हैं। 

किसी त्यौहार के सीजन के दौरान, वह पूरा दिन व्यस्त रहती हैं। फेस्टिव सीजन में हीरल को 700 से 1000 बॉक्स के ऑर्डर्स प्रतिदिन मिलते हैं। जबकि ऑफ सीजन, यानी गर्मियों में भी उन्हें 15 से 20 बॉक्स के ऑर्डर मिल जाते हैं। हीरल ने बताया कि उन्हें सबसे ज्यादा ऑर्डर भावनगर, जामनगर, सूरत, वापी और मुंबई से मिलते हैं।

business from home
chocolate box

25 से ज्यादा फ्लेवर्स की चॉकलेट्स 

हिरल, डोनट्स और फज साहित 25 फ्लेवर्स की चॉकलेट बनाती हैं, जिसमें आम, अनानास, बटर स्कॉच जैसे फ्लेवर्स लोगों को ज्यादा पसंद आते हैं।  इसका स्वाद,  बाजार की चॉकलेट से काफी अलग होता है, क्योंकि हीरल ताजी चॉकलेट बनाती हैं। उनकी एक खासियत यह है कि वह ऑर्डर मिलने के बाद ही चॉकलेट बनाती हैं, कुछ भी स्टोर नहीं करतीं और इसी वजह से  ग्राहक तक बिल्कुल ताज़ा प्रोडक्ट पहुंचता है। जूनागढ़ का ऑर्डर हो, तो वह एक दिन में प्रोडक्ट डिलीवरी करती हैं, जबकि दूसरे शहर के ऑर्डर्स को भेजने के लिए उन्हें दो से तीन दिन लग जाते हैं । 

Hiral seth fror Junagadh
Hiral Seth

उनके पास चॉकलेट के एक बॉक्स में 6, 9, 16, 25 फ्लेवर में चॉकलेट्स उपलब्ध हैं,  जिसकी कीमत 150 रुपये से शुरू होती है। अगर कोई ग्राहक इनका एक बड़ा  चॉकलेट बॉक्स ख़रीदे, तो 16 अलग-अलग फ्लेवर का लुत्फ उठा  सकता है। उनका दिवाली स्पेशल चॉकलेट बॉक्स वाकई बहुत खास है। त्योहारों के विशेष  हैंपर आदि की जानकारी ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए वह सोशल मीडिया का सहारा लेती हैं, जिसमें वह अपने तमाम वीडियोज़ और फोटोज़ अपलोड करती रहती हैं। इसके जरिए उन्हें ऑर्डर्स भी मिलते हैं। हालांकि, हीरल केवल व्हाट्सएप और फोन नंबर के जरिए ही ऑर्डर की पुष्टि करती हैं और पेमेंट मिलने के बाद ही आर्डर तैयार करना शुरू करती हैं। 

आने वाले त्यौहारों के सीजन में उन्हें अच्छे ऑर्डर्स मिलने की उम्मीद है। आप हीरल से 9925537608 पर या उनके फेसबुक पर सम्पर्क कर सकते हैं।

संपादनः अर्चना दुबे

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