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    कचरे से संगीत पैदा करते ‘धारावी रॉक्स बैंड’ के होनहार बच्चे!

    कचरा बीनने वाले बच्चो का जीवन बेहद कठोर होता है। सारा दिन गंदगी में से कचरा बीनना, उन्हें अपने ही झोपड़े में लाकर चुनना और फिर जैसे तैसे अपना पेट भरना- बस यही उनका जीवन था। इन बच्चो का बचपन, उनकी गरीबी की बिमारी की वजह से दम तोड़ चुका था। विनोद सिर्फ इनके स्वास्थ्य और बाकी अधिकारों के लिए ही नहीं बल्कि इनके नीरस और कठोर जीवन में थोड़ी सी मिठास लाने के लिए भी कुछ करना चाहते थे। इसी सोच की नींव पर शुरुआत हुई, थिरकते, गुनगुनाते और गुदगुदाते संगीत से भरे बैंड, ‘धारावी रॉक्स’ की! More

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    मुंबई के डब्बावाले अपने डिब्बे में खाने के साथ साथ पहुंचा रहे है अंगदान करने का सन्देश !

    अपने सामाजिक सरोकारों के लिए अनूठी पहचान बना चुके मुंबई डब्बावालों की टीम अब आम लोगों को टिफिन के साथ-साथ अंग दान पर जागरुक भी कर रही है। अंग दान पर जागरुकता के अभाव में कई तरह के मिथक समाज में फैले है। इन मिथको को तोड़ने और आम आदमी को अंग दान से जोड़ने की श्रीमद राजचंद्रन अंगदान कार्यक्रम से जुड़कर मुंबई डब्बावाले समाज को आईना दिखाने का काम कर रहे है। More