अनुभव मुंबई

“अपने काम के साथ अपनी राह बनाते रहो और इस राह में दूसरों की मदद करना मत भूलो!”

मुंबई की सना शेख़ ने कॉर्पोरेट हॉस्पिटल की नौकरी छोड़ एड्स पीड़ितों के लिए काम करना शुरू किया। इसके लिए उन्होंने पुरे भारत में प्रोग्राम किया और यूनिसेफ के साथ भी जुड़ी रहीं। आज वे एमबीए की डिग्री पूरी कर कंपनी में मार्केटिंग की एसोसिएट डायरेक्टर हैं और साथ ही सोशल वर्क भी कर रही हैं।

अनुभव हिंदी

एक बेहतरीन बिज़नेस टाइकून ही नहीं बल्कि एक बेहतर इंसान भी थे जेआरडी टाटा!

ह्यूमन्स ऑफ़ बॉम्बे ने टाटा कंपनी के फाउंडर मिस्टर जेआरडी टाटा की पूर्व सेक्रेटरी का इंटरव्यू किया। उन्होंने मिस्टर टाटा के साथ 15 साल काम किया था। उन्होंने अपनी पोस्ट मिस्टर टाटा के व्यक्तिगत स्वाभाव के बारे में बहुत सी बाते बताई हैं जो उन्हें बहुत खास बनाती हैं।

अनुभव

अजनबी लड़की के सम्मान के लिए अंजान यात्री से लड़ने वाले इस युवक को मिल रहा है देश भर से प्यार!

नीदरलैंड के एक विश्वविद्यालय में डीन के तौर पर कार्यरत निशांत शाह फ्लाइट से अपने घर लौट रहे थे। तभी उन्होंने देखा कि विंडो सीट पर बैठा एक यात्री मिडिल सीट पर बैठी लड़की के साथ छेड़खानी कर रहा है। निशांत ने बिना कुछ सोचे उस आदमी को थप्पड़ जड़ दिया। उन्होंने इस घटना के बारे में सोशल मीडिया पर शेयर किया।

अनुभव

मुंबई: दिन-रात मेहनत कर यह युवा कर रहा है अपने पापा के सपनों को पूरा!

“मैंने हमेशा अपने पिता को सुबह होने से पहले ही जागते देखा। वे अपनी साइकिल पर दूध की भारी कैन रखकर पूरे गाँव में दूध बेचने जाते। वापिस आकर वे देर रात तक हमारे छोटे से खेत में काम करते। पर उन्होंने कभी भी कोई शिकायत नहीं की। हम हमेशा से उनकी प्राथमिकता रहें। मुझे […]

अनुभव आन्ध्र प्रदेश धर्म

पापियों का नाश करने भगवान् आये न आये; आपको ही कुछ करना होगा!

खोजकर्ताओ का मानना हैं कि इस निष्पाप, निर्दोष बच्ची को कई दिनों तक एक मंदिर में बेहोशी की दवा देकर रखा गया! चार्जशीट के मुताबिक़ इस फूल सी बच्ची के साथ कई लोगों ने कई दिनों तक बलात्कार किया और अंत में उसकी बर्बरता से हत्या कर दी!

अनुभव

तेजस एक्सप्रेस से एलसीडी स्क्रीन्स हटाने का फैसला; क्या आप ज़िम्मेदारी लेंगे?

हमे समझना होगा कि कई सालों की मेहनत के बाद हमारा देश इस स्तर तक पहुंचा है कि हम तेजस जैसी लक्ज़री ट्रेनों का अब आनंद ले सकते हैं।

अनुभव डिसेबिलिटी बदलाव

‘मुझे सामान की तरह उठाया गया’- एक दिव्यांग अधिकार कार्यकर्ता की आपबीती से उठी सुविधाजनक रेलवे की मांग!

विराली दिव्यांग अधिकारों की सशक्त कार्यकर्ता हैं। वे लेखिका और अभिनेत्री होने के साथ साथ 2014 की मिस व्हीलचेयर रनर-अप भी रही हैं। उन्हें भारतीय रेलवे के साथ कई बार संघर्ष करना पड़ा, जहां उन्हें दिव्यांग होने की वजह से मजबूरी में पुरुषों द्वारा उठाया गया। विराली अपने साथ घटी इन घटनाओं को बन्द करवाना चाहती हैं।

अनुभव प्रेरणा महिला

परिस्थिति के आगे घुटने न टेक, संपन्न और शिक्षित उर्वशी ने खोला छोले कुलचे का ठेला!

उर्वशी ने कल्पना भी नहीं की थी कि एक फेसबुक पोस्ट उनके जीवन को बदल देगा| इनकी कहानी फेसबुक पर छा गयी और जल्दी ही इनके ठेले पर पूरे गुडगाँव से लोग आने लगे|

अनुभव विडियो

[विडियो]: कैसे होते हैं हिन्दुस्तानी मुस्लमान? आईये जानते है!

अक्सर ये सवाल उठता है कि एक हिन्दुस्तानी मुसलमान कितना हिन्दुस्तानी है? क्या वो पहले मुसलमान है या पहले हिन्दुस्तानी? इसी सवाल का जवाब कोम्युन के मंच पर हुसैन हैदरी ने दिया है।

अनुभव विशेष

बेटी को खोने के बाद भी, पकिस्तान से इस पिता ने भेजा था भारत को प्यार भरा ख़त!

पकिस्तान से भारत अपना इलाज कराने आई 13 साल की अबीहा ने 7 मई 2015 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में दम तोड़ दिया। पर जाने से पहले वो भारत से सिर्फ प्यार और अपनापन लेकर गयी और यही प्यार उसने भारत को भी दिया। पकिस्तान लौटकर अबीहा के पिता, इमरान ने भारत के नाम एक धन्यवाद पत्र लिखा।

अनुभव क्विक बाइट्स (ख़ास खबरों में से चुनी हुई खबरे)

इस कैब ड्राईवर के जवाब ने साबित कर दिया कि हिन्दुस्तानी हर मुश्किल में साथ है!

जहाँ पुरे देश ने भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रधानमंत्री की इस कड़ी पहल का स्वागत किया वहीँ कई ऐसे लोग भी थे जिन्हें इस फैसले की वजह से कई मुसीबतों का सामना करना पडा। ऑटो चालक, पेट्रोल पंप तथा छोटी दुकानों पर जहाँ दुकानदारों के 500 और 1000 के नोट लेने से मना कर देने से लोग मुश्किल में पद गए वही सोशल मीडिया पर एक ओला कैब ड्राईवर की दरियादिली की कहानी खासी चर्चित रही।

अनुभव बच्चे

भारत-पकिस्तान सीमा पर बसे तीन बच्चो की दोस्ती की कहानी!

कहते है बच्चे भगवान् का रूप होते है। और भगवान् की कभी किसीसे कोई दुश्मनी नहीं होती; उनके लिए सब एक जैसे होते है। भारत- पकिस्तान की दुश्मनी की खबरों के बीच ऐसे ही कुछ बच्चो की कही कुछ बाते हर किसी के दिलों को छु रही है।

अनुभव डिसेबिलिटी

हाँ, मुझे सेरिब्रल पाल्सी है पर मैं आप सभी से अलग नहीं हूँ !

बचपन से ही सेरिब्रल पाल्सी से गेअस्त राजवी ने कभी अपनी शारीरिक कमी को अपनी इच्छाशक्ति के आड़े नहीं आने दिया। जीवन के कई उतार चढ़ाव और संघर्षो से जूझने के बाद आज राजवी स्वयं अपने पैरो पर कड़ी है और लाखो लोगो के लिए एक मिसाल है !

अनुभव

अनुभव – मुझे अपने बच्चो को पालने के अलावा और कुछ नहीं आता था और मैंने यही किया !

जब मेरे पति का देहांत हो गया तो मैं सोचती थी कि अब मैं कैसे जिउंगी…. मैंने अपनी सारी ज़िन्दगी बस घर ही संभाला था …मुझे बस अपने बच्चो को पालना आता था और कुछ नहीं।

अनुभव

‘वो चार बिस्कुट’ जिनसे मुझे अनजान, बुजुर्ग अम्मा को इन्साफ दिलाने की प्रेरणा मिली !

डॉ. विभु शर्मा ने जब बुज़ुर्ग और अकेली कैलाशो अम्मा के डिब्बे में सिर्फ चार बिस्कुट देखे तो उन्होंने उनकी मदद करने की ठान ली। लाख मुश्किलें आई पर डॉ. शर्मा ने कड़े संघर्ष और सोशल मीडिया की मदद से आखिर अम्मा को उनका हक़ दिला ही दिया। आईये जानते है अम्मा को हक दिलाने की, डॉ. विभु शर्मा के संघर्ष की कहानी।