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    कैंसर को हराया, नौकरी छोड़ी और महज़ पांच एकड़ में खिलाये गुलाब, गोभी और ड्रैगन फ्रूट भी!

    बाराबंकी के किसान गया प्रसाद मौर्या शायद कुछ चुनिंदा किसान में हैं जो ड्रैगन फ्रूट और ब्रॉक्ली जैसी विदेशी फल और सब्ज़ियां उगाते हैं। सन 2010-11 में इन्हें कैंसर हुआ था। इस लंबी बीमारी के इलाज में काफी समय और पैसा खर्च हुआ, जिसने इनके परिवार की कमर तोड़ दी थी। इससे उबर कर उन्होंने न सिर्फ खुद को बल्कि अपने परिवार और खेती को भी संभाला। खेती में वैज्ञानिक विधि अपनाकर उन्होंने अच्छा मुनाफा कमाया और आसपास के लोगों के लिए एक उदाहरण बन गए। More

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    जलवायु परिवर्तन से नहीं होगा अब किसानों को नुकसान, मदद करेगी ये ‘फसल’

    बिन मौसम बारिश, तेज़ गर्मी और ओलावर्ष्टि का सबसे ज़्यादा खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। अनिश्चित मौसम के कारण फसलें चौपट हो जातीं हैं। करोड़ों किसान होंगे जो क्लाइमेट क्राइसिस (जलवायु परिवर्तन) की वजह से आयी मौसम की अनिश्चितता की मार झेल रहें हैं। दो दोस्त, आनंद वर्मा और शैलेन्द्र तिवारी ने एक ऐसे उपकरण “फसल” का अविष्कार किया है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के द्वारा खेतों की नमी, तापमान, आस पास के मौसम का डाटा जमा कर किसानों तक मौसम की सही जानकारी पहुंचाता है। किसान घर बैठे एप डाउनलोड कर इसकी सुविधा ले सकते हैं और नुकसान से बच सकते हैं। More

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    पौधे लगाकर फोटो खींच ली? अब मंजरी से सीखिए लगाये गए पौधों को कैसे बनाएं फलदार वृक्ष!

    ये पर्यावरण हमारी धरोहर हैं, इसे बचाना और अपनी भावी पीढ़ी के लिए सांस लेने लायक संसार छोड़ना ये हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। मंजरी अनिल उपाध्याय ऐसे ही विचारो को मानने वाली एक युवा समाजसेविका हैं। अपने दोस्तों के साथ मिलकर उन्होंने लखनऊ को हरा -भरा करने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने जिजीविषा नाम की एक सोसाइटी बनाई है जो पौधारोपण के साथ साथ महिलाओं और बच्चो से जुड़े कई मुद्दों पर ट्रेनिंग प्रोग्राम्स भी करती हैं। More

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    12 साल से छत पर खेती कर, पड़ोसियों को भी मुफ्त में सब्जियां खिला रहे हैं महेंद्र साचन

    पेस्टिसाइड्स और केमिकल खाद से पोषित कर उगाई हुई सब्ज़ियाँ खाते वक्त हमारे मन में भी ख्याल आता है की काश थोड़ी सी ज़मीन होती तो खुद की सब्जियां बोते। इस सपने को हकीकत किया है, लखनऊ में रहनेवाले महेंद्र सचान जी ने। शुद्ध और मिलावट रहित खाने के शौकीन महेंद्र जी ने अपनी 600 स्क्वायर फ़ीट की छत को ही खेत मे तब्दील कर दिया। किचन से निकले वेस्ट को सड़ा कर वह खाद बनाते हैं, जिससे उनकी उगाई हुई सब्ज़ियाँ पूरी तरह जैविक होती हैं। More