अभिनेता आर माधवन को तो हम सभी जानते हैं, जानें 7 पदक जीतने वाले बेटे वेदांत की उपलब्धियां

अभिनेता आर माधवन के बेटे वदेंत ने हाल ही में बेंगलुरू में बसावनगुडी एक्वेटिक सेंटर में आयोजित 47वीं जूनियर नेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप 2021 में सात पदक जीते हैं।

एक ओर जहां भारतीय अभिनेता आर माधवन (R Madhavan) ने कई साल पहले फिल्म उद्योग में अपनी पहचान बनाई और दुनियाभर में लोग उनके अभिनय की प्रशंसा करते हैं, वहीं उनके बेटे वेदांत माधवन (Vedant Madhavan) अब खेल के क्षेत्र में, विशेष रूप से तैराकी में नाम कमा कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में, बेंगलुरू में बसवनगुडी एक्वेटिक सेंटर में आयोजित 47वीं जूनियर नेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप 2021 में सात पदक जीते।

वेदांत माधवन से जुड़ी कुछ खास बातें

  • साल 2005 में आर माधवन और उनकी पत्नी सरिता माधवन के घर जन्मे वेदांत ने, जूनियर नेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप में 4 रजत और 3 कांस्य पदक जीते हैं।
  • 16 वर्षीय वेदांत ने हाल ही में, बेंगलुरु में हुई तैराकी प्रतियोगिता में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व किया था।
  • वेदांत ने 800 मीटर फ्रीस्टाइल तैराकी, 1500 मीटर फ्रीस्टाइल तैराकी, 4×100 फ्रीस्टाइल रिले और 4×200 फ्रीस्टाइल रिले स्पर्धाओं में भाग लिया और रजत पदक जीता।
Vedant Madhavan and his father R Madhavan
Vedant and R Madhavan
  • उन्होंने 100 मीटर फ्रीस्टाइल तैराकी, 200 मीटर फ्रीस्टाइल तैराकी और 400 मीटर फ्रीस्टाइल तैराकी स्पर्धाओं में कांस्य पदक भी जीते।
  • इस साल मार्च 2021 में वेदांत ने लातवियाई ओपन स्विमिंग चैंपियनशिप में भारत के लिए कांस्य पदक जीता था।
  • वेदांत 2018 से प्रतिस्पर्धी स्वीमिंग इवेंट्स में भाग ले रहे हैं।
  • वेदांत का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 10वीं एशियन एज ग्रुप चैम्पियनशिप 2019 में था, जहां उन्होंने 00.25.97 में 50 मीटर फ्रीस्टाइल पूरा किया था।

आर माधवन ने अपने बेटे को बधाई देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “मुझे लगभग हर उस चीज़ में हराने के लिए धन्यवाद, जिसमें मैं अच्छा हूं और मुझे अभी भी जलन हो रही है, मेरा सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। मुझे तुमसे बहुत कुछ सीखना है मेरे बच्चे। तुम मैनहुड की दहलीज़ पर कदम रख चुके हो, मैं तुम्हें 16वें जन्मदिन की शुभकामनाएं देता हूं और आशा व प्रार्थना करता हूं कि तुम इस दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने में सक्षम बनो।”

मूल लेखः विद्या राजा

संपादन – मानबी कटोच

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