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हाउसिंग सोसाइटी के बाहर ट्रैफिक की पाठशाला; दादा दादी बने टीचर!

त्तर-प्रदेश के नोयडा जिले में सेक्टर-76 की आम्रपाली प्रिंसले सोसाइटी में रहने वाले बड़े-बुजुर्ग यानी कि सीनियर सिटिज़न का एक समूह रोज सुबह सोसायटी के बाहर पोस्टर लेकर खड़ा हो जाता है। इन पोस्टर पर यातायात सम्बंधित नियम व कानून लिखे होते हैं।

ये लोग यातायात नियमों को तोड़ने वाले वाहन चालकों को उनकी गलती का अहसास कराते हैं। सीनियर सिटिजन फोरम से जुड़े लोगों का कहना है कि कई लोगों पर इसका असर पड़ता है, तो कुछ इन्हें नजरअंदाज कर निकल जाते हैं। इस फोरम में 60 साल से ऊपर के 120 सदस्य हैं।

दरअसल, आम्रपाली प्रिंसले के सामने कई ग्रुप हाउसिंग सोसायटियां हैं। इस सोसाइटी के गेट नंबर-1 की तरफ से रॉन्ग साइड होते हुए वाहन चालक आगे जाना चाहते हैं। इस रास्ते पर कट से होकर आगे जाने के लिए वाहन चालकों को लगभग एक किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। इस वजह से टैक्सी और दो पहिया वाहन चालक यहीं से रॉन्ग साइड से निकलकर आगे जाते हैं।

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इससे दुर्घटना की सम्भावना तो है ही साथ ही ट्रैफिक भी लग जाता है। इस फोरम के एक सदस्य वीरेंद्र आर्य ने बताया कि सुबह के समय लगभग 10 लोग सोसायटी के गेट नंबर-1 के बाहर खड़े हो जाते हैं। ये लोग पोस्टर के माध्यम से रॉन्ग साइड आने वालों से अपील करते हैं कि आप ट्रैफिक नियमों का पालन करें। उन्होंने बताया कि कई बार रॉन्ग साइड आ रहे लोग पोस्टर को देखने के बाद वापस चले जाते हैं। वहीं कुछ लोग अनदेखी भी करते हैं।

पोस्टर के माध्यम से लोगों को हेल्मेट और सीट बेल्ट पहनने, राॉन्ग साइड न चलने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है।


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

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