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गुरुग्राम: पिता ने किडनैपर्स का पीछा कर बचाया बेटी को, आरोपियों को भेजा जेल!

प्रतीकात्मक तस्वीर

ही ही कहा जाता है कि फिल्मों के लिए प्रेरणा वास्तविक ज़िन्दगी से ही मिलती है। हर दिन हम बच्चों के अपहरण की ख़बरें पढ़ते-सुनते हैं। वैसे तो यह कहानी, अपहरण की ही है, लेकिन अपहरण की इस कोशिश को लड़की के पिता की बहादुरी ने विफल कर दिया।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा के गुरुग्राम में एक दसवीं कक्षा की लड़की अपनी सहेली के घर से अपने पिता के साथ वापिस लौट रही थी। तभी दो लोगों ने उसे खींचकर कार में डाल लिया। लेकिन यहां पर इस लड़की ने पिता ने सूझ-बुझ से काम लिया और तुरंत अपनी बाइक पर उस कार का पीछा किया।

काफी देर तक, भाग-दौड़ के बाद लड़की के पिता कार को रुकवाने में सफल हो गये। उन्होंने अपनी बेटी को बचाया और साथ ही, दोनों आरोपी लड़कों को पुलिस में पकड़वाया।

प्रतीकात्मक तस्वीर

इन दोनों लड़कों की उम्र लगभग 20 साल ही होगी। इनके खिलाफ पीओसीएसओ अधिनियम की धारा 8 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब गुरुग्राम से ऐसी वारदात की खबर आई है। इससे पहले भी आये दिन ऐसी घटनाएँ शहर में होती रहती हैं। लेकिन अच्छी बात यह है कि अब लोग ने इन घटनाओं के खिलाफ सतर्कता से खड़े हो रहे हैं।

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कुछ समय पहले गाज़ियाबाद से भी ऐसी खबर सामने आई थी जहाँ एक माँ की सतर्कता ने 12 साल की बच्ची को अपहरण से बचाया था। दरअसल, इस बच्ची की माँ ने उसे एक कॉड-वर्ड दिया हुआ था और बच्ची को हिदायत दी थी कि अगर कभी कोई अनजान व्यक्ति उस से उसके माँ-बाप का नाम लेकर बात करे तो वह उससे कॉड-वर्ड पूछे।

माँ की यह सूझ एक दिन इस बच्ची के काम आई जब एक अजनबी व्यक्ति ने लड़की को कहा कि उसके पिता उसे बुला रहे हैं तो उसने उस आदमी से अपने पापा का कॉड-वर्ड पूछा। जिसे बताने में वह असमर्थ था और वहां से भाग गया।

इसलिए सावधान और सतर्क रहें और इस तरह की घटना की शिकायत अवश्य करें। ऐसा करके आप अपने साथ-साथ दूसरों की भी मदद करते हैं।

मूल लेख: विद्या राजा 


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.

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