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बिहार: 15-वर्षीय लड़की के लिए फ़रिश्ता बना किन्नरों का एक समूह, बचाया तस्करी से!

प्रतीकात्मक तस्वीर

हाल ही में प्रयागराज (इलाहबाद) स्टेशन पर एक ट्रेन में कुछ किन्नरों ने एक नाबालिग लड़की को बचाया। यह लड़की ट्रेन में झारखंड के एक 50 वर्षीय आदमी के साथ थी, जो कथित तौर पर उसे बेचने के लिए पुणे ले जा रहा था।

लड़की के मुताबिक़ बिहार के नवादा जिले से ताल्लुक रखने वाली इस लड़की को इसके पिता ने 1.5 लाख रूपये में इस आदमी को शादी के लिए बेच दिया था। इस लड़की को फ़िलहाल उसकी शादीशुदा चचेरी बहन के यहाँ कैमूर भेज दिया गया है। जहां उसने अपने माता-पिता के खिलाफ़ रिपोर्ट दर्ज करवाई है।

कैमूर पुलिस स्टेशन से लड़की की ज़ीरो एफआईआर को नवादा भेजा गया। नवादा पुलिस को बच्ची के माता-पिता और दो अन्य लोगों के ख़िलाफ़ बाल विवाह अधिनियम और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करने के लिए कहा है।

15-वर्षीय इस लड़की का आरोप है कि उसके माता-पिता ने उसके दो चाचाओं के साथ मिलकर उसे झारखंड के गिरीडीह निवासी एक आदमी को बेच दिया था। लड़की अभी 9वीं कक्षा में ही पढ़ रही थी लेकिन उसके घरवाले शादी का दबाव बना रहे थे।

“बेचने से पहले मुझे मेरे चाचाओं ने बेहोश कर दिया था और जब मुझे होश आया तो मुझसे कहा गया कि वह आदमी मेरा पति है, पर मैंने दुल्हे के साथ जाने से मना कर दिया। लेकिन मेरे माँ-बाप और चाचाओं ने मुझे धोखा दिया। उन्होंने मुझसे कहा कि वह आदमी अच्छा है और मुझे अपनी बेटी की तरह रखेगा। साथ ही, मुझे आगे पढ़ायेगा भी। इसलिए मैंने जिद्द छोड़ दी और उसके साथ गिरीडीह चली गयी,” लड़की ने अपनी शिकायत में बताया

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पर गिरीडीह में उस आदमी ने लड़की के साथ रेप करने की कोशिश की। लेकिन लड़की ने विरोध किया और वहां से भागकर अपने घर पहुंच गयी। जहां उसके माँ-बाप और चाचाओं ने उसे मारा-पीटा और उसे अपने पति के घर जाने के लिए कहा।

कुछ दिन पहले लड़की के पति ने उसे घुमाने का बहाना देकर लड़की के साथ पुणे के लिए ट्रेन ली। लेकिन रास्ते में अपने पति की किसी के साथ फ़ोन पर बातचीत से उसे पता चला कि यह आदमी उसे फिर से बेचने के लिए पुणे लेकर जा रहा है। यह समझते ही लड़की ने तुरंत भागने की ठान ली।

जब ट्रेन प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो लड़की ने अपनी आपबीती ट्रेन में सफ़र कर रहे कुछ किन्नर यात्रियों को सुनाई। इन लोगों ने तुरंत लड़की की मदद की और उसे दीन दयाल उपाध्याय (मुग़लसराय) स्टेशन लेकर गये।

इन्हीं की मदद से लड़की अपनी चचेरी बहन के घर पहुंची और पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है।

हालांकि, पुलिस अभी मामले की छानबीन कर रही है। इसलिए किसी नतीजे पर पहुंचना मुमकिन नहीं है। लेकिन अच्छी बात यह है कि इस लड़की को समय रहते बचा लिया गया। आज के समय में जहाँ ज़्यादातर लोग ऐसे मामलों से खुद को दूर रखने की कोशिश करते हैं और इन घटनाओं को अनदेखा कर देते हैं, ऐसे में किन्नरों का यह समूह इस लड़की के लिए फ़रिश्ता बनकर उभरा।


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

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