ऑफर सिर्फ पाठकों के लिए: पाएं रू. 200 की अतिरिक्त छूट ' द बेटर होम ' पावरफुल नेचुरल क्लीनर्स पे।अभी खरीदें
X
“बड़े ‘परफेक्ट’ घर को छोटे-से कमरे के लिए छोड़ा… पर अब मैं आज़ाद हूँ!”

“बड़े ‘परफेक्ट’ घर को छोटे-से कमरे के लिए छोड़ा… पर अब मैं आज़ाद हूँ!”

“मुझे हमेशा से कारोबार में दिलचस्पी थी। हमेशा से ही मैं काम करना चाहती थी। मैं बहुत महत्वकांक्षी हुआ करती थी और किसी दिन कुछ बं कर दिखाना चाहती थी। मैंने 10वीं तक पढ़ाई की और साथ ही सिलाई का काम सीखने लगी ताकि कुछ पैसे कमा सकू।

लेकिन जल्द ही मेरी शादी हो गयी और मुझसे मेरे सपनों को भुलाकर घर पर बैठने की उम्मीद की गयी। बाहर से देखने पर सब कुछ बढ़िया था- मेरे पति दिखने में बहुत अच्छे थे, हमारा 2 बेडरूम का मकान था और आगे एक अच्छा भविष्य। पर उन्हें न तो मुझसे लगाव था न मेरी परवाह थी। वो मुझे इस हद तक अनदेखा करने लगे कि मुझे घुटन होने लगी थी। मैंने उन्हें खुश रखने की बहुत कोशिश की, लेकिन मैं खुद अंदर से नाखुश होती जा रही थी।

फिर मैंने फ़ैसला किया कि मैं अपने लिए कुछ करुँगी। मैं खुद को व्यस्त रखना चाहती थी। मुझे गोरेगांव की एक कंपनी में नौकरी मिली। मैं 13 सालों तक हर दिन साइकिल चलाकर वहां जाती थी- मैं साड़ियाँ और घर पर बने स्नैक्स खरीदती और फिर साइकिल पर रखकर उन्हें बेचती थी। मैंने यह काम तब तक किया जब तक मैंने एक कमरा किराये पर लेने जितने पैसे न कमा लिए- और आखिरकार, मैंने अपने पति को छोड़ दिया।

अब मैं यहाँ हूँ… एक छोटा-सा स्टॉल चलाती हुई और अपने लिए जीती हुई। यहाँ तक आने में 13 साल लग गए – मैंने अपने बड़े और ‘परफेक्ट’ घर को एक छोटे से कमरे के लिए छोड़ दिया; पर ये भी सच है कि मैं इतनी खुश पहले कभी नहीं थी। अब मैं आज़ाद महसूस करती हूँ – मतलब अब मुझे किसी और खुश रखने की जरूरत नहीं है सिवाय अपने आप के।”

https://www.facebook.com/humansofbombay/photos/a.188058468069805/1000940330114944/?type=3&theater


यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ बांटना चाहते हो तो हमें hindi@thebetterindia.com पर लिखे, या Facebook और Twitter पर संपर्क करे। आप हमें किसी भी प्रेरणात्मक ख़बर का वीडियो 7337854222 पर भेज सकते हैं।

निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.
Let’s be friends :)
सब्सक्राइब करिए और पाइए ये मुफ्त उपहार
  • देश भर से जुड़ी अच्छी ख़बरें सीधे आपके ईमेल में
  • देश में हो रहे अच्छे बदलावों की खबर सबसे पहले आप तक पहुंचेगी
  • जुड़िए उन हज़ारों भारतीयों से, जो रख रहे हैं बदलाव की नींव