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किसान आंदोलन: दिल्ली के गुरुद्वारों ने खोले किसानों के लिए अपने दरवाज़ें!

किसान आन्दोलन की एक झलक

खिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के सभी सदस्य और पूरे देश भर से हज़ारों किसान दिल्ली पहुँच चुके हैं। लगभग 200 किसान संगठन इस एक समिति के झंडे तले हज़ारों की संख्या में किसानों के साथ दिल्ली में रैली करेंगे ताकि वे केन्द्रीय सरकार उनकी समस्याओं और मांगों पर ध्यान दे।

न केवल किसान संगठन बल्कि कई और स्वयंसेवी संगठन किसानों का साथ देने के लिए आगे आये हैं। शुक्रवार से इन सभी लोगों ने गुट बनाकर अलग-अलग जगहों से रामलीला मैदान की तरफ़ अपना मार्च शुरू किया है। रामलीला मैदान के बाद ये सभी किसान अपनी अर्जी लेकर संसद की तरफ़ बढ़ेंगे।

इस कंपकपाती सर्दी में बहुत से किसान रामलीला मैदान में ही तम्बू आदि लगाकर जैसे-तैसे रात गुजार रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर सिख समुदाय इनकी मदद के लिए आगे आया है।

बंगला साहिब गुरुद्वारा

दिल्ली के पाँच बड़े गुरुद्वारों ने इन सभी किसानों के लिए अपने दरवाज़ें खोल दिए हैं। ये किसान गुरुद्वारों में रह सकते हैं और साथ ही गुरूद्वारे का लंगर इन सभी के लिए खुला हुआ है जहाँ ये पेटभर खाना खा सकते हैं।

बंगला साहिब गुरुद्वारा, शीशगंज गुरुद्वारा, रकाबगंज गुरुद्वारा, बापसाहिब और मजनू का टीला गुरुद्वारा इस पहल में आगे आये हैं। बंगला साहिब गुरुद्वारा बहुत से किसानों के लिए उनके मार्च का शुरूआती बिंदु भी है। गुरुद्वारों के साथ-साथ आम दिल्ली वाले भी इन लोगों के लिए मदद जुटा रहे हैं।

कई छोटे-बड़े संगठन इनके लिए पीने का पानी तो कोई ज़रूरत पड़ने पर दवाओं का इंतजाम कर रहा है।

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Written by निशा डागर

Blessed with a talkative nature, Nisha has done her masters with the specialization in Communication Research. Interested in Development Communication and Rural development, she loves to learn new things. She loves to write feature stories and poetry. One can visit https://kahakasha.blogspot.com/ to read her poems.

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