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अजनबी लड़की के सम्मान के लिए अंजान यात्री से लड़ने वाले इस युवक को मिल रहा है देश भर से प्यार!

नीदरलैंड के एक विश्वविद्यालय में डीन के तौर पर कार्यरत निशांत शाह फ्लाइट से अपने घर लौट रहे थे। उन्हें फ्लाइट में साइड सीट मिली थी। इसलिए वे आराम से सोते हुए अपना सफ़र बिताना चाहते थे। पर तभी उनकी साथ की मिडल सीट पर बैठी एक लड़की ने उनसे सीट बदलने के लिए पूछा।

लेकिन निशांत ने मना कर दिया क्योंकि वे साइड सीट पर ज्यादा आराम से बैठे थे। हालांकि, उन्हें नहीं पता था कि उस लड़की ने ऐसा क्यों पूछा। इसके बारे में उन्हें तब पता चला जब उन्होंने विंडो सीट पर बैठे आदमी को उस लड़की से बदतमीजी करते हुए देखा।

निशांत शाह

दरअसल, विंडो सीट पर बैठा वह आदमी उस लड़की के साथ छेड़खानी कर रहा था। वह लड़की बहुत डरी और सहमी हुई थी। निशांत ने उस आदमी को जब ऐसा करते पाया तो उन्होंने उसकी तरफ देखा, जिस पर वह आदमी बेशर्मों की तरह मुस्कुराने लगा।

इसके बाद निशांत खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने आगे बढ़कर उस आदमी को एक जोरदार तमाचा जड़ दिया। जिसके बाद फ्लाइट में हंगामा होना स्वाभाविक था। वह आदमी अपनी करतूत पर शर्मिंदा होने की बजाय निशांत के खिलाफ मुकदमा दायर करने की धमकी देने लगा।

इस पर बाकी सभी यात्री और केबिन क्रू भी निशांत के समर्थन में आगे आये। फ्लाइट से उतरने के बाद निशांत ने इस घटना के बारे में सोशल मीडिया पर शेयर किया। इसकी प्रतिक्रिया में लोगों ने उन्हें सराहा और साथ ही बहुत से लोगों ने अपने अनुभव भी साँझा किये।

निशांत शाह यक़ीनन काबिल-ए-तारीफ हैं क्योंकि वे बिना किसी स्वार्थ के एक बिल्कुल ही अजनबी लड़की के लिए खड़े हुए और एक अजनबी आदमी से लड़ाई की। पर उन्होंने जो भी किया वह यह दर्शाता है कि हमारे समाज में निशांत जैसे लोगों की कमी नहीं है जो न केवल औरतों की इज्ज़त करते हैं पर समय आने पर उनके सम्मान के लिए खड़ा होना भी जानते हैं।

गुजरात के अहमदाबाद के रहने वाले निशांत ने द बेटर इंडिया को बताया,

“मुझे अच्छा लगा कि मेरी पोस्ट पर बहुत सी महिलाओं ने अपने अनुभव सांझा किये। लोगों ने प्रतिक्रियाएं दी। मुझे इस बात की भी ख़ुशी है कि बहुत से पुरुष भी मेरे समर्थन में आये और महिला सुरक्षा के लिए एकजुट हुए- यह हमें याद दिलाता है कि महिलाओं की सुरक्षा सिर्फ उनकी समस्या नहीं है बल्कि यह एक सामाजिक समस्या है और हम इसके लिए सामूहिक रूप से जिम्मेदार हैं।”

हम निशांत शाह की सोच और हौंसले को दिल से सलाम करते हैं!

संपादन – मानबी कटोच


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Written by निशा डागर

Blessed with a talkative nature, Nisha has done her masters with the specialization in Communication Research. Interested in Development Communication and Rural development, she loves to learn new things. She loves to write feature stories and poetry. One can visit https://kahakasha.blogspot.com/ to read her poems.

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