in

सुरक्षा की दिशा में भारतीय रेलवे का अहम कदम; रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ बनेंगी दीवारें!

प्रतीकात्मक तस्वीर (फ्लिकर)

मृतसर में दशहरा के दिन हुए हादसे के बाद रेलवे ने इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक अहम कदम उठाया है। हाल ही में, रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने निर्णय लिया है कि आवासीय क्षेत्रों में रेलवे ट्रैक्स के दोनों तरफ 3, 000 किलोमीटर तक दीवारें बनवाई जाएगी ताकि ट्रैक पर अतिक्रमण को रोका जा सके।

दरअसल, दशहरा पर रावण दहन के लिए अमृतसर के सैंकड़ों लोग रेलवे ट्रैक्स पर इकट्ठा हुए थे और अचानक तेज गति से आती हुई एक ट्रेन की चपेट में आ गये। इस दुर्घटना में बहुत से लोग घायल हुए तो लगभग 60 लोगों की जान चली गयी। इस घटना के बाद देश में नागरिकों की सुरक्षा और रेलवे ट्रैक्स पर इस तरह के एक्सीडेंट के बढ़ते वाकयों पर तेज बहस शुरू हो गयी थी।

Promotion

रेलवे के इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 2, 500 करोड़ रूपये खर्च होंगे। सीमेंट की इन दीवारों की की ऊंचाई 2.7 मीटर रखी जाएगी। इस परियोजना को अंतिम रूप देने वाले रेलवे बोर्ड के सदस्य (इंजीनियरिंग) विश्वेश चौबे ने कहा, “इससे इन इलाकों में घुसपैठ के साथ-साथ जानवरों को भी ट्रैक पर घुमने से रोका जा सकता है। और ऊंचाई की वजह से रेलवे ट्रैक्स पर कचरा भी नहीं फेंका जा सकेगा।”

परियोजना की रुपरेखा तैयार हो चुकी है। उम्मीद है कि जल्द ही इस पर काम शुरू हो जायेगा। पर इस परियोजना की सफलता केवल प्रशासन की ही नहीं बल्कि जन-साधारण की भी जिम्मेदारी है। यात्रियों व आवासीय लोगों को भी इस तरह के सुरक्षा क़दमों में रेलवे का साथ देना होगा ताकि अमृतसर जैसी दुर्घटनाएं फिर से ना हों।


यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ बांटना चाहते हो तो हमें hindi@thebetterindia.com पर लिखे, या Facebook और Twitter पर संपर्क करे। आप हमें किसी भी प्रेरणात्मक ख़बर का वीडियो 7337854222 पर भेज सकते हैं।

शेयर करे

Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

टीपू सुल्तान: ‘मैसूर का शेर’, जिसने रखी थी भारत में ‘रॉकेट टेक्नोलॉजी’ की नींव!

इस सॉफ्टवेयर की मदद से गरीब बच्चों को वापिस स्कूल से जोड़ रही हैं कैप्टेन इंद्राणी सिंह!