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Electric Vehicle

जापान से प्रेरित होकर शुरू किया ई-स्कूटर स्टार्टअप, आज है बेस्टसेलर

जितेन्द्र शर्मा ने गुड़गाँव में ओकिनावा ऑटोटेक की शुरुआत 2015 में की। इतने कम समय में ही, उन्होंने अपने स्टार्टअप को देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनियों में से एक बना दिया। पढ़िए उनकी प्रेरक कहानी!

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गुड़गाँव स्थित ओकिनावा ऑटोटेक, देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल (Electric Vehicle) कंपनियों में से एक है। भारत में पेट्रोल और डीजल की आसमान छू रही कीमतों के कारण कंपनी को काफी फायदा हो रहा है और कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के पहले क्वार्टर में 15 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक स्कूटरों (Electric Scooter In India) को बेचा।

ऑटोकार प्रोफेशनल, जो कि एक प्रमुख ऑटोमोटिव मैगजीन है, के अनुसार , हीरो इलेक्ट्रिक (Hero Electric), ओकिनावा और एम्पीयर इलेक्ट्रिक का संयुक्त रूप से भारत के ईवी मार्केट में 71 प्रतिशत की भागीदारी है। बेशक, यह ध्यान रखने वाली बात है कि कोरोना महामारी के कारण बीते वर्ष उनके कारोबार में कमी आई है।

“हालांकि, लॉकडाउन के बाद हमारी मांग तेजी से बढ़ी और हमने बीते साल करीब 30 हजार वाहन बेचे। वहीं, इससे पहले हमने 33 हजार वाहनों को बेचा था। कोरोना महामारी के पहले, कंपनी की सलाना आय करीब 150 करोड़ रुपए थी,” ओकिनावा ऑटोटेक के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर जितेन्द्र शर्मा ने द बेटर इंडिया को बताया।

कैसे हुई शुरुआत

जितेन्द्र ने ओकिनावा ऑटोटेक की शुरुआत 2015 में की। इससे पहले, मैकेनिकल इंजीनयरिंग के करने के बाद, वह दो दशकों तक ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में काम कर रहे थे। ओकिनावा के तहत, उन्होंने शुरुआती दो वर्षों को सिर्फ भारत में ईवी इकोसिस्टम (EV ecosystem) पर रिसर्च, ग्राहकों के व्यवहार और अपने प्रोटोटाइप की टेस्टिंग में लगाया। 

इसे लेकर वह कहते हैं, “मैंने सबसे पहले LML Scooter के साथ काम किया, जो 1990 के मध्य में सबसे बड़ी स्कूटर कंपनी थी। इसके बाद 2001 में, मैंने होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ काम करना शुरू किया। यहां मैं 50-सदस्यीय लॉन्च टीम का हिस्सा रहा और कंपनी के साथ करीब 14 वर्षों तक काम किया। इस कंपनी में मैंने क्वालिटी मैनेजमेंट, मार्केट इंटेलिजेंस, रिसर्च एंड डेवलपमेंट जैसे कई क्षेत्रों में काम किया। 2015 में यहां रिजाइन करने से पहले, मैं होंडा टू-व्हीलर्स के सप्लायर क्वालिटी एश्योरेंस की अगुवाई कर रहा था। इसके तहत मैं भारतीय, यूरोपीय और दक्षिण-पूर्व एशियाई बाजार के लिए वस्तुओं या सेवाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करता था। मैंने पूरी जिंदगी टू-व्हीलर सेक्टर में काम किया।”

होंडा के साथ अपने करियर को एक नई ऊंचाई देने के बावजूद, जितेन्द्र कुछ ऐसा शुरू करना चाहते थे, जो अपना हो। लेकिन, वह क्या करेंगे? इसका एहसास उन्हें धीरे-धीरे हुआ, खासकर होंडा के साथ आखिरी वर्षों के दौरान जब दुनिया के कई विकसित देश इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicle) और सस्टेनेबल मॉबिलिटी की ओर बढ़ रहे थे।

Okinawa Autotech Team with electric scooter in india
Okinawa Autotech Team

इस बीच, अप्रैल 2012 में, भारत सरकार ने हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने और उनके निर्माण में तेजी लाने के लिए FAME इंडिया स्कीम को शुरू किया। यह वाहनों के कारण प्रदूषण की रोकथाम और घरेलू ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के इलेक्ट्रिफेशन के लिए जरूरी कदम था।

फिर, जितेन्द्र ने 2015 में होंडा छोड़ दिया और उन्होंने छह महीने तक भारत में ईवी मार्केट और ग्राहकों की जरूरत को लेकर रिसर्च किया। 

वह कहते हैं कि उस दौर में इलेक्ट्रिक वाहनों को धनी परिवारों के लिए माना जाता था। ग्राहक हाई स्कूल जाने वाले अपने बच्चों के लिए धीमी गति वाले इलेक्ट्रिक वाहन खरीदते थे। लेड-एसिड बैटरी से लैस इन वाहनों की क्वालिटी एकदम घटिया होती थी। आलम यह था कि उसके साथ फ्लाईओवर पर चढ़ने में भी दिक्कत होती था। यहां तक रफ्तार के मामले में साइकिल भी उससे आगे होता था। 

इसलिए, जब उन्होंने 2017 में रिज (Ridge) नाम के अपने पहले हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर को लॉन्च किया, तो उन्हें इन सभी चुनौतियों को दूर करने की कोशिश की। 

वह कहते हैं, “हम हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटरों (Electric Scooter) को बड़े पैमाने पर बनाने वाले पहले नहीं, तो सबसे पहले में से एक थे। ओकिनावा रिज हमारे लिए बड़ी सफलता थी। इसकी टॉप स्पीड 55 किमी प्रति घंटा, 150 किलो भार क्षमता, एक चार्ज पर 88-90 किमी की बैटरी रेंज और फ्लाईओवर पर आसानी से चढ़ने के लिए इसे शक्तिशाली मोटर लैस किया गया। आलोचकों को लगता था कि हम 500 यूनिट्स भी नहीं बेच पाएंगे, लेकिन हमने पहले खेप में ही 10 हजार से अधिक यूनिट्स बेच डाले। अब तक हमने अपने पावरट्रेन और लिथियम-आयन बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) के लिए पेटेंट भी दाखिल कर दिया था।”

जितेन्द्र ने ओकिनावा नाम इसलिए चुना, क्योंकि उन्हें जापान के इसी नाम के शहर से काफी लगाव था। होंडा में काम करने के दौरान वह वहां गए थे और उस शहर के तौर-तरीके, इनोवेशन स्पिरिट और सहज जीवनशैली को देख, उन्हें शहर से प्यार हो गया।

वह कहते हैं, “जब मैंने ग्रीन टेक्नोलॉजी पर आधारित अपने ईवी वेंचर को शुरू किया, तो हमें विरासत के रूप में कुछ नहीं मिला था। मैं चाहता था कि मेरी कंपनी ओकिनावा शहर के उन्हीं मूल्यों को दर्शाए।”

इसके बाद, कंपनी ने Praise, Ridge+, i-Praise, i-Praise+, PraisePro & Lite जैसे कई हाई एंड लो स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटरों (Electric Scooter In India) को लॉन्च किया। बाजार में उनका सबसे नया मॉडल IPraise+ है, जिसका बैटरी बैकअप 139 किमी है। इस मॉडल की टॉप स्पीड 58 किमी प्रति घंटा है और इसमें 2500 वाट की अधिकतम शक्ति के साथ 1000 वाट-बीएलडीसी मोटर और 3.3 किलोवाट लिथियम-आयन (अलग करने योग्य) बैटरी लगी है।

Electric Scooter In India
Okinawa Scooter

वहीं, कंपनी का बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) इकोसिस्टम से लैस है।

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जितेन्द्र दावा करते हैं, “हम अपने 92 फीसदी पुर्जों (Components) को स्थानीय स्तर पर हासिल करते हैं। अगले साल से हम अपनी पूरी सप्लाई चैन लोकलाइज करने वाले हैं। पुर्जों का विकास कोई समस्या नहीं है। हमारे पास काबिल इंजीनियरों की एक टीम है, जो पहले मेरे साथ या किसी अन्य ऑटोमोबाइल कंपनियों में काम कर चुके हैं।”

वह आगे बताते हैं, “आम तौर पर कंपनियां, प्रोटोटाइप बनाने के तौर पर पुर्जों को विकसित करती हैं। कुछ इन-हाउस बनाते हैं, तो कई थर्ड पार्टी के साथ डील करते हैं कि वे इन पुर्जों को किसी दूसरी ईवी कंपनी को नहीं बेच सकते हैं। हम भी वही करते हैं, हमने सप्लायरों के साथ एक नॉन डिसक्लोजर डील किया है कि वे हमारी तकनीक या कंपोनेंट को किसी और को नहीं बेच सकते हैं।”

भविष्य की योजना 

ओकिनावा के आने के बाद देश के ईवी मार्केट (EV Market In India) में बड़ा बदलाव आया है। 2015 में ईवी को सिर्फ कॉस्ट सेविंग व्हीकल के तौर पर माना जाता था। इसकी क्वालिटी पर कोई खास ध्यान नहीं दिया जाता था। 

Okinawa Cruiser is slated for launch in the next financial year.
Okinawa Cruiser is slated for launch in the next financial year.

तब इलेक्ट्रिक वाहनों को साइकिल से तो बेहतर माना जाता था, लेकिन आईसी-इंजन स्कूटर या मोटरसाइकिल के विकल्प के तौर पर नहीं। लेकिन, आज ग्राहक काफी जागरूक हो गए हैं। बीते 3 वर्षों में, भारत में कई नए मूल उपकरण निर्माता (OEM’s) आए। आज बाजार में कई हाई-स्पीड ईवी टू व्हीलर्स हैं, जो आईसी-इंजन वाहनों के समान हैं।

वह कहते हैं, “भारत में ईवी मार्केट को बदलने में रिज ने बड़ी भूमिका निभाई है। यदि आप रिज या प्रेज को बिना साइलेंसर पर ध्यान दिए आगे से देखते हैं, तो यह आकार के मामले में भी आईसी-इंजन स्कूटर की तरह दिखती है। पहले इलेक्ट्रिक दो पहिया वाहनों (Electric Scooter In India) का आकार काफी छोटा होता था और लोगों को यकीन नहीं होता था कि उस पर दो यात्रियों को ले जाया जा सकता है या नहीं।”

जितेन्द्र ने ओकिनावा ऑटोटेक की शुरुआत अपने परिवार और दोस्तों से आर्थिक मदद लेकर की। आज तक इसके लिए उन्होंने किसी बाहरी निवेशक का सहारा नहीं लिया है। लेकिन, ऐसा भी नहीं है कि एक्सटर्नल फंडिंग के लिए उनके दरवाजे बंद हैं। अपने बिजनेस के विस्तार के लिए, वह निवेशक तलाश सकते हैं।

With the OKI 100
With the OKI 100

वे जल्द ही OKI 90 हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर (Electric Scooter In India) और OKI 100 मोटरसाइकिल के साथ ही ओकिनावा क्रूजर भी लॉन्च करने वाले हैं। 

वह बताते हैं, “OKI 100 की टॉप स्पीड करीब 120 किमी प्रति घंटे होगी। इकॉनमी मोड पर इसका बैटरी बैकअप 200 किमी होगा। इसका बीएमएस एआई के जरिए स्मार्टफोन ऐप से जुड़ा होगा। ग्राहक इसकी तुलना किसी भी 150 सीसी की आईसी-इंजन मोटरसाइकिल से कर सकते हैं, जिसमें  4 से 4.5 किलोवाट का लिथियम-आयन फॉस्फेट डिटेचेबल बैटरी लगा होगा।”

वहीं, OKI 90 हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर (Electric Scooter In India) को लेकर वह बताते हैं कि इसकी टॉप स्पीड 90 किमी प्रति घंटा है। इसे भी एकबार चार्ज करने के बाद 200 किमी चलाया जा सकता है। उनके सभी मॉडलों को एक घंटे में 0 से 80 प्रतिशत तक चार्ज किया जा सकता है। फुल चार्ज होने में दो से तीन घंटे लगते हैं। 

कोरोना महामारी के दौरान बिजनेस पर बुरा असर पड़ने के बावजूद, ओकिनावा भारत की सबसे बड़ी दो पहिया ईवी कंपनियों में से एक है।

मूल लेख – रिनचेन नोर्बु वांगचुक

संपादन- जी एन झा

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