in

मुंबई के इस शख्स ने 40 अच्छे काम करके मनाया 40वां जन्मदिन; ‘अब आपकी बारी’!

क्सर लोग अपनी 25वीं सालगिरह या फिर 50वां जन्मदिन बहुत ही जोर-शोर और उत्साह से मनाते हैं। कोई बड़ी-सी पार्टी या फिर कोई डेस्टिनेशन पिकनिक, न जाने क्या-क्या प्लान बनते हैं कि आखिर एक खास दिन को और खास कैसे बनाया जाये।

पर अगर कोई मुंबई के रुषभ तुरखिया से पूछे कि अपनी ज़िन्दगी के इन खास दिनों को कैसे मनाना चाहिए तो शायद आप अपने साथ-साथ और भी बहुत से लोगों के दिन को खास बना सकते हैं।

रुषभ तुरखिया पेशे से हीरा व्यपारी हैं पर उनकी एक और पहचान है, जो उन्हें सबसे अलग बनाती है। रुषभ ‘योर टर्न नाउ’ (अब आपकी बारी) अभियान के फाउंडर हैं।

रुषभ तुरखिया

योर टर्न नाउ, एक ग्लोबल/वैश्विक अभियान है, जिसके जरिये कोई भी व्यक्ति जरुरतमन्द लोगों के लिए कुछ अच्छा करके उनके चेहरों पर मुस्कान लाता है। रुषभ ने साल 2009 में इस अभियान की शुरुआत की थी।

पर उनकी इस पहल से उनके 40वें जन्मदिन पर बहुत से लोग रूबरू हुए। उनका 40वां जन्मदिन 8 मार्च 2017 को था, जिसके लिए उन्होंने 40 अच्छे काम करने का फैसला किया। उन्होंने योजना बनाई की इन सभी कामों में अपने और भी दोस्तों को जोड़ेंगे। उन्होंने अक्टूबर 2016 से यह अभियान शुरू किया। इसमें उनका सबसे ज्यादा साथ दिया उनके 12 साल के बेटे विवान ने।

इन सभी अच्छे कामों के साथ यह भी तय किया कि इस सबकी एक विडियो बनाई जाएगी। ताकि और भी लोगों को प्रेरित किया जा सके।

 

इस पूरे समय में रुषभ का अनुभव बहुत ही अच्छा रहा। कभी सुबह 5 बजे उठकर कार आदि धोने वाले या फिर सड़कों पर झाड़ू लगाने वाले लोगों को चाय-बिस्किट बांटना तो कभी धुप में तपते ट्रैफिक पुलिस वालों की प्यास बुझाना! रुषभ ने बताया कि लोगों की प्रतिक्रिया भी बहुत अलग-अलग थी। किसी को ख़ुशी हुई, किसी की आँखों में आंसू आये तो किसी ने शक भरी नजरों से देखा कि एक अजनबी उनके साथ अपना जन्मदिन क्यों मना रहा है।

ब्लू कार्ड

रुषभ के बहुत से दोस्त भी इस पहल से जुड़े। इतने सालों के अपने इस पूरे अनुभव पर रुषभ ने ‘योर टर्न नाउ’ किताब भी लिखी है। आज उनकी यह पहल पूरे विश्व में फ़ैल गयी है। इसके लिए उन्होंने ‘योर टर्न नाउ’ के ब्लू कार्ड्स भी प्रिंट करवाए। जिन्हें वे हमेशा अपने साथ रखते और जब भी उन्हें किसी के लिए कुछ अच्छा करने का मौका मिलता है तो वे कुछ कार्ड उस इंसान को देकर उन्हें किसी और के लिए कुछ अच्छा करने को प्रेरित करते हैं।

इस तरह से यह अभियान एक चेन बन चूका है। 4,78,600 योर टर्न नाउ कार्ड अब 42 देशों तक पहुंच चुके हैं। इसके आलावा रुषभ भी देश भर में योर टर्न नाउ के वर्कशॉप, सेमीनार आदि करते हैं।

योर टर्न नाउ पहल से जुड़ने के लिए क्लिक करें!


यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ बांटना चाहते हो तो हमें hindi@thebetterindia.com पर लिखे, या Facebook और Twitter पर संपर्क करे। आप हमें किसी भी प्रेरणात्मक ख़बर का वीडियो 7337854222 पर भेज सकते हैं।

शेयर करे

Written by निशा डागर

Blessed with a talkative nature, Nisha has done her masters with the specialization in Communication Research. Interested in Development Communication and Rural development, she loves to learn new things. She loves to write feature stories and poetry. One can visit https://kahakasha.blogspot.com/ to read her poems.

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

बिरसा मुंडा: वह आदिवासी जिसने ब्रिटिश सरकार से लड़ी जल, जंगल और ज़मीन की दावेदारी की लड़ाई!

जयशंकर प्रसाद : वह कवि जो साहित्य के किसी एक विधा से संतुष्ट न था!