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Breathify

बाज़ार में कीमत देख हुए दंग, खुद ही बना लिया 50% कम कीमत में अपना एयर प्यूरीफायर

दिल्ली के कृष चावला ने किफायती, इको फ्रेंडली और प्रभावी एयर प्योरिफायर बनाया है, जिसे वह अपने स्टार्टअप Breathify के जरिए मार्किट कर रहे हैं।

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वायु प्रदूषण से संबंधित इस आंकड़े को पढ़कर आप चौंक जाएंगे। दरअसल IQAir AirVisual’s 2019 World Air Quality Report के मुताबिक, विश्व के सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण वाले 30 शहरों में से 21 शहर भारत के हैं, जिसमें दिल्ली सबसे आगे है। यही वजह है कि इन शहरों में रहने वाले बच्चों में सांस संबंधी परेशानियां अधिक होती हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही बच्चे की कहानी सुनाने जा रहे हैं, जिसे बचपन में इन समस्याओं का सामना करना पड़ा लेकिन जब वह बड़ा हुआ तो उसने एक ऐसा उपकरण तैयार किया, जिसका फायदा अब लोगों को मिलने लगा है।

दिल्ली में रहने वाले 20 वर्षीय कृष चावला को वायु प्रदूषण की वजह से बचपन में मास्क, नेबुलाइजर जैसी चीजों से घिरा रहना पड़ा था। कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे कृष बताते हैं, “मुझे काफी कम उम्र से ही सांस की दिक्कत होने लगी थी। इसलिए मेरे घर में N95 मास्क, नेबुलाइजर हमेशा रहता था क्योंकि अगर कहीं बाहर चला गया और वह भी बिना मास्क के तो तबियत खराब होने में बिल्कुल समय नहीं लगता था। इसलिए बहुत ही कम होता था कि मैं बिना मास्क के कहीं बाहर जाता था। इसके अलावा घर पर हमेशा एयर प्योरिफायर ऑन रहता था और घर की खिड़कियां बंद रहती थीं ताकि बाहर से हवा बिल्कुल अंदर न आए।”

अब कौन इस तरह से रहना चाहेगा। लेकिन कृष के पास कोई और विकल्प नहीं था। उनका कहना है कि देश में बहुत से लोगों को वायु प्रदूषण के कारण गंभीर बीमारियां हो जाती हैं। ऐसे में, वह किस्मत वाले थे कि उनका परिवार इतना समृद्ध है कि उनके लिए सभी जरुरी साधन जुटा सकता था। “मुझे बचपन से ही एक आदत रही है और वह है मशीनों को खोलकर देखना। जैसे टीवी का रिमोट खोलकर देखना कि इसमें क्या है? कभी बैटरी का मैकेनिज्म समझना। तो ऐसे ही खेल-खेल में एक दिन मैंने अपने घर के एयर प्योरिफायर को भी खोलकर देखा। इसे खोला तो इसमें फैन और फ़िल्टर था। मुझे इसके काम करने का तरीका समझने में ज्यादा समय नहीं लगा,” उन्होंने बताया। 

Breathify Air Purifier Innovator
कृष चावला

एयर प्योरिफायर को खोलकर देखने के बाद कृष को लगा कि इसे बनाना तो बहुत आसान है और इसलिए उन्होंने अपने पिता से इसकी कीमत पूछी। “पापा ने बताया कि एयर प्योरिफायर 40 हजार रुपए का है। कीमत सुनकर मैं चौंक गया। दिल्ली में लगभग हर घर के लिए जरुरी हो चुकी एयर प्योरिफायर जैसी चीज इतनी महंगी कैसे हो सकती है,” वह कहते हैं। 

एक्सपेरिमेंट कर बना डाले 320 प्रोटोटाइप 

इसके बाद तो कृष का एक ही सपना था, कम कीमत का एयर प्योरिफायर बनाना। उन्होंने 2016 में एयर प्योरिफायर बनाने की शुरुआत की। अपने पिता से एयर प्योरिफायर की कीमत जानने के बाद उन्हें लगा कि मध्यम वर्गीय और निम्न वर्गीय लोगों के लिए कम से कम ऐसा कोई विकल्प हो, जिसे लेने के बारे में वे सोच सकें। इसलिए कृष ने एक किफायती और साथ ही, इको फ्रेंडली एयर प्योरिफायर बनाने की ठान ली। लेकिन यह राह इतनी आसान नहीं थी। उनका कहना है कि आईडिया सोचने में और फिर इसे हकीकत बनाने में फर्क होता है। उन्होंने अपनी समझ और रिसर्च के आधार पर डिज़ाइन तो बनाया लेकिन प्रोटोटाइप बनाते समय कई चुनौतियां आई। 

उन्होंने कई महीनों तक लगातार प्रयास करके लगभग 320 प्रोटोटाइप बनाये। लेकिन इनमें से कोई भी बाजार के हिसाब से नहीं बन पाया और आखिरकार महीनों की मेहनत के बाद उन्होंने अपना प्रोटोटाइप तैयार किया। जिसे आज वह ‘Breathify’ के नाम से मार्किट कर रहे हैं। वह बताते हैं कि उन्होंने एयर प्योरिफायर से ऐसी बहुत सी चीजों को हटा दिया, जो हवा को शुद्ध करने की प्रक्रिया के लिए ज्यादा काम के नहीं हैं और जिनकी वजह से एयर प्योरिफायर की लागत बढ़ जाती है। 

कृष ने अपने फाइनल प्रोटोटाइप को दिल्ली की एक लैब में टेस्ट कराया और सभी रिपोर्ट्स सही आने के बाद, इसे पहले अपने कुछ जानने वालों को इस्तेमाल के लिए दिया। इन सब लोगों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद ही उन्होंने इसे बाजार में लॉन्च करने का फैसला किया। 

Affordable air purifier
एयर प्योरिफायर

कृष के पिता साहिल चावला बताते हैं कि कृष द्वारा तैयार किया गया यह एयर प्योरिफायर स्टैंडर्ड कंपनियों के प्योरिफायर से लगभग 50% कम कीमत पर तैयार किया गया है। “अगर आप बाजार में किसी भी अच्छी ब्रांड का एयर प्योरिफायर लेने जायेंगे तो सबसे बेसिक मॉडल की शुरुआत की नौ-दस हजार रुपए से होती है। हालांकि, कुछ कंपनियों के मॉडल इससे सस्ते आपको मिल सकते हैं, लेकिन ये कितने प्रभावी हैं, इसकी कोई गारंटी नहीं होती है। और ज्यादातर कंपनियों के एयर प्योरिफायर के साथ समस्या यह है कि कुछ समय इस्तेमाल करने के बाद, उनके फ़िल्टर आदि नहीं मिल पाते हैं क्योंकि ये बाहर से आते हैं। पर हमारे सभी प्योरिफायर मेड इन इंडिया हैं और इसलिए अगर किसी को ग्राहक को बाद में फ़िल्टर बदलना होता है तो हम तुरंत उपलब्ध करा देते हैं,” उन्होंने कहा।

2018 में अपने माता-पिता के सहयोग से कृष ने अपने स्टार्टअप ‘Breathify‘ की शुरुआत की और आज इसके तहत अपने किफायती और इको फ्रेंडली एयर प्योरिफायर के पांच अलग-अलग मॉडल ग्राहकों को उपलब्ध करा रहे हैं। 

बेच चुके हैं 5100 से ज्यादा एयर प्योरिफायर 

कृष ने अपने एयर प्योरिफायर में ‘रिवर्स एयर तकनीक’ का इस्तेमाल किया है। जिससे हवा ज्यादा से ज्यादा शुद्ध होती है। उन्होंने इस तकनीक का पेटेंट करवा लिया है। साथ ही इसमें हाई ग्रेड HEPA फ़िल्टर इस्तेमाल हुआ है। इसमें तीन तरफ से हवा अंदर जाती है और शुद्ध होती रहती है। इसलिए आप इसे कहीं भी रखें, यह अपना काम करता रहेगा। यह सभी तरह के हानिकारक प्रदूषकों से आपको सुरक्षित रखता है। 

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इसके अलावा, उन्होंने अपने सभी मॉडल्स की टेस्टिंग की और इनकी क्वालिटी परफॉरमेंस के बाद ही बाजार में लॉन्च किया है। आप 150 वर्गफीट के कमरे से लेकर 750 वर्गफीट की जगह के लिए Breathify के अलग-अलग मॉडल ले सकते हैं। जिनकी कीमत जीएसटी के साथ 4990 रुपए से शुरू होती है। साथ ही उनके बनाये एयर प्योरिफायर 98% तक प्लास्टिक फ्री हैं। इन्हें अल्ट्रा-ड्यूरेबल कंप्रेस्ड वुड से बनाया गया है। दिल्ली जिमखाना क्लब के सेक्रेटरी, रिटायर्ड कर्नल ए. खन्ना कहते हैं, “क्लब ऑफिस और जिम में Breathify से एक घंटे से भी कम समय में AQI लेवल 250+ से 50 से भी कम हो गया। कम कीमत में इतनी अच्छी क्वालिटी दे पाना किसी उपलब्धि से कम नहीं है।” 

वहीं, उनके एक और ग्राहक अर्जुन सिंह कहते हैं, “दिल्ली में प्रदूषण कितना है यह किसी से छिपा नहीं है। इसलिए एयर प्योरिफायर लेना जरूरत हो गयी थी पर इतनी सैलरी नहीं कि 15-20 हजार रुपए खर्च कर सकें। पर Breathify का एयर प्योरिफायर हमें बजट में मिल गया और पिछले 10 महीने से घर में बढ़िया काम कर रहा है।”

अजय सिंह यादव का कहना है कि Breathify का एयर प्योरिफायर लेने से पहले उन्होंने और भी कई प्योरिफायर देखे। पर सभी अच्छे प्योरिफायर उनके बजट से बाहर थे। लेकिन फिर उन्हें Breathify के बारे में पता चला और उन्होंने लगभग एक साल पहले उनका सबसे बेसिक मॉडल खरीदा और यह अब तक बढ़िया काम कर रहा है। उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई है।

Breathify
अमिताभ कांत के साथ कृष

साहिल बताते हैं, “हमने जब स्टार्टअप लॉन्च किया था तो हमारे बेसिक एयर प्योरिफायर की कीमत कम थी। पर पिछले एक साल में प्योरिफायर, फैन आदि की कीमतें बढ़ी हैं और रॉ मटीरियल महंगा होने से, हमें भी प्योरिफायर की कीमत बढ़ानी पड़ी। पर कोशिश यही रहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को उनके बजट में अच्छा एयर प्योरिफायर मिले।” उनका स्टार्टअप अब तक 5100 से ज्यादा एयर प्योरिफायर की बिक्री कर चुका है। इसके अलावा, उन्होंने 500 से भी ज्यादा एयर प्योरिफायर दिल्ली के अस्पतालों और सामाजिक संगठनों में दान भी दिए हैं ताकि सभी को शुद्ध हवा मिले। 

कृष के इस इनोवेशन और स्टार्टअप की तारीफ नीति आयोग के सीईओ, अमिताभ कांत ने भी की है। अमिताभ ने अपने ट्विटर पर उनके बारे में पोस्ट करते हुए लिखा था कि युवा उद्यमी कृष चावला 100% मेड इन इंडिया एयर प्योरिफायर बना रहे हैं, जो प्लास्टिक फ्री है। यह आत्मनिर्भर भारत की तरफ एक बेहतर कदम है। 

अंत में कृष कहते हैं, “मेरा उद्देश्य है कि देश के ज्यादा से ज्यादा मध्यम वर्गीय परिवार एयर प्योरिफायर अफॉर्ड कर पाएं ताकि कोई भी वायु प्रदूषण की वजह से बीमार न पड़े। मैंने खुद यह तकलीफ झेली है और इसलिए मैं समझता हूं कि एयर प्योरिफायर होना अब कोई लक्ज़री नहीं बल्कि जरूरत है। ऐसे में इसकी कीमत कम होनी चाहिए।” 

यदि आप Breathify के एयर प्योरिफायर देखना या खरीदना चाहते हैं तो वेबसाइट पर जा सकते हैं। इसके अलावा, वेबसाइट पर दिए व्हाट्सएप लिंक से आप क्लीन एयर एक्सपर्ट से भी जुड़ सकते हैं और अपने घर के लिए बेहतर एयर प्योरिफायर चुन सकते हैं। 

संपादन- जी एन झा

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