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“परिवार सबसे पहले आता है!”

“हमें हमेशा सिखाया गया कि परिवार सबसे पहले आता है। हमने अपने पिता को बहुत पहले खो दिया और हमारे भाई और भाभी ने हमें पाला। मैं 4 बहनों और दो भाइयों के साथ बड़ी हुई। अब हम सबके अपने परिवार हैं। लेकिन फिर भी हम ने हमेशा एक दुसरे के आस-पास ही रहने का फैसला किया। मुझे अभी भी याद, जिस दिन मेरी शादी हुई थी, मेरे भाई ने मुझसे एक ही बात कही थी- मैं तुम्हे तभी जाने दूंगा अगर तुम हर रोज मुझसे मिलने आओगी।

आज मैं अपने भतीजे और भतीजी को स्कूल से वापिस ला रही हूँ। हमने अपनी छोटी भाभी को कुछ समय पहले खो दिया और बच्चे अभी भी इस हादसे से उबर रहे हैं। लेकिन हम उनके लिए हमेशा हैं जब भी उन्हें हमारी जरूरत हो। मैं बस उन्हें यही सिखा रही हूँ कि अगर आपके पास परिवार हो तो आपको अकेले दुनिया का सामना करने की जरूरत नहीं पड़ती।”

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“We’ve always been taught that family comes first. We lost our father early on and we were raised by my brother and…

Posted by Humans of Bombay on Saturday, October 13, 2018


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

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