इस ई-स्कूटर को चलाने के लिए दिन का खर्च है 10 रुपए से भी कम

गुरुग्राम स्थित Evolet India भारतीयों के लिए इको फ्रेंडली और बजट फ्रेंडली ई-स्कूटर बना रही है।

Evolet India's electric scooter

“डिफेंस सेक्टर से जुड़े हुए लोगों को सबसे पहले किसी भी नयी तकनीक को इस्तेमाल करने का मौका मिलता है। इसके बाद, किसी भी तकनीक को आगे अलग-अलग क्षेत्रों में या आम लोगों के इस्तेमाल के लिए लॉन्च किया जाता है। जैसे जीपीएस तकनीक,” यह कहना है इलेक्ट्रिक वाहन स्टार्टअप, Evolet India की को-फाउंडर और सीईओ प्रेरणा चतुर्वेदी का। साल 2019 में शुरू हुई Evolet India, गुरुग्राम स्थित Rissala Electric Motors की फ्लैगशिप ब्रांड है। इस कंपनी की शुरुआत भारतीय मिलिट्री में सेवा दे चुके अजय अहलावत और प्रेरणा चतुर्वेदी ने मिलकर की है। 

रिटायर्ड कर्नल अजय अहलावत ने भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दी तो वहीं दूसरी तरफ, रिटायर्ड स्क्वाड्रन लीडर प्रेरणा चतुर्वेदी ने भारतीय वायुसेना में। द बेटर इंडिया से बात करते हुए प्रेरणा चतुर्वेदी ने बताया, “मैं भारतीय वायुसेना के पहले महिला बैच का हिस्सा रही हूं और साल 2004 तक बतौर हेलीकाप्टर पायलट अपनी सेवाएं दी। इसके बाद, मैं ऐरोक्राफ्ट तकनीक पर काम करने वाली अलग-अलग कंपनियों से जुड़ी रही और हमेशा कुछ न कुछ नया करने की कोशिश की। पिछले कुछ सालों में इलेक्ट्रिक वाहनों का चलन काफी बढ़ा है। खासकर कि कई देशों जैसे जर्मनी, चीन की तकनीक ने मुझे काफी प्रभावित किया और मुझे लगा कि भारत में भी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बहुत सी संभावनाएं हैं और हमने इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का फैसला किया।” 

Prerna Chaturvedi and Ajay Ahlawat

शुरुआत में, उनका उद्देश्य खासतौर पर दुर्गम क्षेत्रों में तैनात होने वाले सिपाहियों के लिए एक मोबिलिटी सोल्यूशन देना था। उन्होंने कहा कि अक्सर इन कठिन क्षेत्रों में ड्यूटी करने वाले सिपाहियों को अपने सामान्य वाहन में पेट्रोल भराने के लिए पांच-छह किमी दूर तक चलकर जाना होता है। इसलिए उन्हें लगा कि बहुत हद तक इलेक्ट्रिक वाहन इस समस्या का हल हो सकते हैं। साथ ही, आज की तारीख में जिस तरह से पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं, उसे देखते हुए यह कहना बिल्कुल गलत नहीं है कि भविष्य इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल सेक्टर में ही है। 

अजय और प्रेरणा का कहना है कि भारत में लगभग 79% लोग दोपहिया वाहन, बाइक या स्कूटर चलाते हैं। इसलिए उनकी कंपनी का उद्देश्य न सिर्फ क्वालिटी इलेक्ट्रिक वाहन बनाना बल्कि लोगों को उनके बजट में उपलब्ध कराना भी है। 4 सितंबर 2019 को Evolet India ने अपने कुछ EV मॉडल्स के साथ शुरुआत की थी और मात्र दो सालों में ही उन्होंने अपना नाम मार्किट में बना लिया है। 

दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर फोकस 

कंपनी ने सरकार के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए लो-स्पीड सेगमेंट से अपनी शुरुआत की है। क्योंकि इस सेगमेंट में इलेक्ट्रिक स्कूटर का पंजीकरण जरुरी नहीं है। जिस कारण, ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचना आसान है। क्योंकि बहुत से लोग अक्सर पेपर तैयार करवाने और नंबर प्लेट आदि के कामों में लगने वाले समय से बचते हैं। इसलिए उन्होंने ऐसे EVs से शुरुआत की, जो लोगों के लिए खरीदना और इस्तेमाल करने में आसान हों। उन्होंने इलेक्ट्रिक स्कूटर के साथ-साथ इलेक्ट्रिक बाइक के भी मॉडल लॉन्च किए हैं। 

बात अगर उनके सबसे बेसिक स्लो-स्पीड मॉडल, जैसे Evolet Pony, Polo और Derby की करें तो इन सभी मॉडल्स के दो वेरिएंट कंपनी ग्राहकों को उपलब्ध करा रही है। एक, लिथियम-आयन बैटरी के साथ और दूसरा, वाल्व-रेगुलेटेड लीड एसिड बैटरी के साथ। ये तीनों मॉडल अपने डिज़ाइन के आधार पर एक-दूसरे से अलग हैं और किफायती होने के साथ-साथ स्टाइलिश भी हैं। सभी मॉडल्स, दो वेरिएंट EZ और Classic में उपलब्ध हैं, जो एक बार चार्ज करने के बाद 90 से 120 किमी तक चल सकते हैं। 

EZ वेरिएंट में नॉन-डिटैचेबल बैटरी (VRLA) है, जिसे चार्ज होने में आठ से नौ घंटे लगते हैं। वहीं, Classic में डिटैचेबल बैटरी (Li-Ion), जो मात्र तीन से चार घंटे में चार्ज हो जाती है। यूजर अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर को Evolet की मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए अपने फ़ोन से कनेक्ट कर सकते हैं। जिससे उन्हें इसकी बैटरी, चार्जिंग और सर्विसिंग आदि से जुडी अपडेट मिलती रहती हैं। प्रेरणा कहती हैं कि उनके सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को घर पर सामान्य सॉकेट में चार्जर की मदद से चार्ज किया जा सकता है। 

लगभग छह महीने पहले कंपनी से Evolet Derby Classic खरीदने वाले दिवाकर कहते हैं, “इससे पहले मेरे पास एक्टिवा थी और मुझे अपने काम के लिए हर दिन लगभग 60-65 किमी की ट्रेवल करनी होती है। छह महीने पहले तक, मैं हर दिन अपनी स्कूटी में कम से कम 100 रुपए का पेट्रोल डलवाता था। कभी-कभी ज्यादा यात्रा करनी पड़े तो 150 रुपए भी एक दिन में पेट्रोल पर खर्च हो जाते थे। लेकिन फिर मैंने देखा कि मेरे कई जानने वालों ने इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदे हैं। इसके बाद मैंने भी EV लेने का फैसला किया।” 

Evolet Derby

दिवाकर का मानना है कि बदलते समय के अनुसार लोगों को तकनीकें अपनानी चाहिए। जो न सिर्फ हमारे लिए बल्कि पर्यावरण के लिए भी हितकर हों। इसलिए उन्होंने EV ट्राई करने का रिस्क लिया और आज वह बहुत खुश हैं। उनका कहना है, ” मैं पिछले छह महीने में लगभग 17000 रुपए की बचत कर चुका हैं। क्योंकि पहले पेट्रोल का अगर हर दिन का खर्च 100 रुपए भी लगाया जाए तो हर महीने मैं 3000 रुपए खर्च करता था। लेकिन ई-स्कूटर को सिर्फ तीन से चार घंटे चार्ज करना पड़ता है। 70-75 किमी चलने के बाद भी इसमें चार्जिंग बची होती है। अगर इसे चार्ज करने का बिजली खर्च देखा जाए तो मुश्किल से डेढ़ यूनिट लगती है, जिसका खर्च 10 रुपए से भी कम है।”

साथ ही, दिवाकर कहते हैं कि इस ई-स्कूटर को कोई भी आराम से चला सकता है। उनके घर में उनकी पत्नी, और उनके पिता भी इसे आसानी से इस्तेमाल करते हैं। इसलिए दिवाकर अब सभी को इलेक्ट्रिक वाहन में इन्वेस्ट करने की सलाह देते हैं। 

लॉन्च की Electric Quad Bike

Evolet Warrior, Electric Quad Bike

साल 2020 में कंपनी ने बाइक के शौक़ीन लोगों के लिए भी इलेक्ट्रिक बाइक भी लांच की। जिनमें Evolet Warrior, Hawk, Raptor और Dhanno शामिल हैं। Warrior के बारे में प्रेरणा कहती हैं कि भारत की पहली इलेक्ट्रिक क्वैड बाइक है। इसकी अधिकतम फॉरवर्ड स्पीड 60 kmph है और रिवर्स स्पीड 20 Kmph है। एक बार चार्ज होने के बाद यह इलेक्ट्रिक बाइक 50 किमी तक चल सकती है। Evolet की यह ई-बाइक भी इलेक्ट्रिक स्कूटर की तरह दो वेरिएंट में उपलब्ध हैं। Li-ion बैटरी के साथ उपलब्ध ई-बाइक चार्ज होने में तीन से चार घंटे लेती है, वहीं VRLA बैटरी के साथ वाली छह से सात घंटे में चार्ज होती है। 

Warrior के अलावा Hawk, इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स बाइक है और Raptor को लंबी यात्रा के लिए इस्तेमाल में लिया जा सकता है। ये दोनों ई बाइक सिर्फ लिथियम आयन बैटरी के साथ मिलेंगी। इनके अलावा, Evolet India ने आत्मनिर्भर भारत को ध्यान में रखते हुए भी एक ख़ास मॉडल निकाला है। जिसका नाम है धन्नो। इस ई-बाइक के लिए उनकी टैगलाइन भी बहुत ही दिलचस्प है- ‘पैसे बचाने का जरिया, पैसे कमाने का साधन।’ यह ई-बाइक खासतौर पर सामान की डिलीवरी आदि करने के लिए बनाई गयी है, जिससे लोग अपनी आजीविका का साधन बना सकते हैं। 

Evolet Dhanno

एक बार चार्ज होने पर यह लगभग 80 किमी तक चल सकती है और इसकी बैटरी को चार्ज होने में तीन से चार घंटे लगते हैं। इस पर आप 450 किलो तक का भार कहीं भी ले जा सकते हैं। “हमारे सभी मॉडल्स भारत की सड़कों और अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। ये 100% ग्रीन वाहन हैं और पर्यावरण के अनुकूल हैं। साथ ही, ग्राहकों की सुविधा के लिए मोबाइल एप्लीकेशन भी तैयार की गयी है,” उन्होंने कहा। 

Evolet India ने अब तक 4000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री की है। प्रेरणा कहती हैं, “हमारी कंपनी को शुरू हुए छह-सात महीने ही हुए थे कि लॉकडाउन शुरू हो गया। इसके बाद, हमारा काम अक्टूबर 2020 में शुरू हुआ और अब हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं। बात अगर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की करें तो गुरुग्राम के बिलासपुर में हमारी यूनिट है। जिसमें हम सालाना 3.5 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बना सकते हैं। साथ ही, देश के अलग-अलग राज्यों 50 से ज्यादा डीलरशिप स्टोर हैं और आने वाले समय, हमारी कोशिश ई-रिक्शा, बस आदि की मैन्युफैक्चरिंग पर रहेगी।” 

अगर आप Evolet के ई-वाहनों के बारे में अधिक जानकरी चाहते हैं तो 8101110110 पर संपर्क कर सकते हैं। 

संपादन- जी एन झा

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