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Grow Avocado in Container from Seed

Growing Avocado: बिना मिट्टी के बनाएं पॉटिंग मिक्स और लगाएं एवोकैडो

भोपाल के गार्डनिंग एक्सपर्ट तरुण उपाध्याय बता रहे हैं घर की छत या बालकनी में एवोकैडो लगाने का तरीका।

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पिछले कुछ सालों से भारत में एवोकैडो फल का प्रचलन बढ़ा है। मूल रूप से उत्तरी अमेरिका और मैक्सिको में उगने वाला यह फल देश के कई राज्यों में उगाया जा रहा है। बहुत से किसानों ने एवोकैडो की बागवानी और नर्सरी शुरू की है तो कई लोग अपने घरों के बगीचे में इसे उगा रहे हैं। एवेकैडो विटामिन से भरपूर होता है और यह एंटीओक्सिडेंट का अच्छा स्रोत भी है। यह फल काफी महंगा होता है। ज़्यादातर भारत में यह फल बाहर से ही इम्पोर्ट होता है क्योंकि अपने यहां एवोकैडो की खेती बड़े स्तर पर नहीं हो रही है।

ऐसे में, सबसे अच्छा और सरल तरीका है कि आप अपने घर में ही एवोकैडो का पौधा लगा लें। वैसे तो जमीन में एवोकैडो का पौधा लगाने पर यह आम के पेड़ की तरह घना विकसित होता है। लेकिन अगर किसी के घर में इतनी जगह नहीं है तो इसे बालकनी या छत पर किसी बड़े गमले या कंटेनर में लगाया जा सकता है। भोपाल में पिछले कई सालों से छत पर बागवानी कर रहे तरुण उपाध्याय कहते हैं कि एवोकैडो को छत पर कंटेनर में लगाने के लिए समय-समय पर इसकी कटाई-छंटाई करते रहना होगा। 

Tarun Upadhyay

तरुण अपनी छत पर 30 से भी ज्यादा किस्म के फल और सब्ज़ियां उगाते हैं, जिनमें अंजीर, अमरुद (थाई और लाल वैरायटी), थाई एप्पल बेर, मलबरी (लाल और हरी वैरायटी), स्टार फ्रूट, चीकू, आम्रपाली आम, पपीता, लाल बैल पैपर, स्ट्रॉबेरी, पालक, मैक्सिकन पुदीना, पुदीना, लेमन ग्रास, करोंदा, सीताफल (शरीफा), टमाटर, तुलसी, करी पत्ता और ऐवोकैडो आदि शामिल है। उन्होंने अपने बगीचे में कंटेनर में ही एवोकैडो का पौधा लगाया हुआ है और यह अच्छे से विकसित हो रहा है। इसलिए आज द बेटर इंडिया के माध्यम से वह बता रहे हैं कि आप कैसे एवोकैडो का पौधा लगा सकते हैं!

कैसे लगाएं एवोकैडो

तरुण कहते हैं कि सबसे पहले आप तय करें कि आप किस कंटेनर में एवोकैडो का पौधा लगाएंगे। इसके सही विकास के लिए जरुरी है कि आप कम से कम 80 लीटर का ड्रम लें या फिर 200 लीटर के ड्रम को दो भागों में काटकर इस्तेमाल करें। इसके बाद, आपको सही तरीके से इसके लिए पॉटिंग मिक्स तैयार करना चाहिए। क्योंकि आपका पेड़ कंटेनर में होगा। इसलिए आप इसे पॉटिंग मिक्स के माध्यम से सही पोषण दे सकते हैं। साथ ही, पॉटिंग मिक्स को हल्का रखने की कोशिश करें ताकि छत पर ज्यादा वजन न हो। 

इसके लिए आप बिना मिट्टी का पॉटिंग मिक्स तैयार कर सकते हैं। जिसके लिए आपको वर्मीकंपोस्ट 30%, गोबर की खाद 30%, कोकोपीट 15%, पर्लाइट/वर्मीक्यूलाइट 15% और एडिटिव जैसे नीमखली, सरसोंखली 10% की मात्रा में मिलाएं। इन सभी चीजों को मिलकर एक डिब्बे में बंद कर दें और एक हफ्ते तक बंद रहने दें। हफ्ते भर बाद आप इस पॉटिंग मिक्स को एवोकैडो लगाने के लिए प्रयोग कर सकते हैं। 

आप चाहें तो एवोकैडो को बीज से भी लगा सकते हैं। इसके लिए आपको पहले बीज से पौधा तैयार करना होगा। किसी भी ग्रो बैग या गमले में पॉटिंग मिक्स भरकर आप एवोकैडो के बीज को इस तरह लगाएं कि यह आधा पॉटिंग मिक्स के अंदर हो और आधा इसके बाहर। नियमित रूप से इसे पानी दें। एवोकैडो के बीज को अंकुरित होने में समय लग सकता है। इसलिए धैर्य रखें। लगभग एक-डेढ़ महीने में आपका पौधा इतना बड़ा हो जाएगा कि आप इसे बड़े कंटेनर में ट्रांसप्लांट कर सकें। 

तरुण कहते हैं, “बीज से लगाए हुए एवोकैडो पर फल आने में पांच से आठ साल लग जाते हैं। इसलिए सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपने आसपास की नर्सरी से ग्राफ्टेड एवोकैडो का पौधा खरीदें और इसे अपने बगीचे में लगाएं। इसकी नियमित देखभाल करने पर यह अच्छे से विकसित होने लगता है। और जल्दी आपको फल मिलने लगते हैं।” 

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ऐसे करें देखभाल 

तरुण कहते हैं कि एवोकैडो के पौधे को ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां इसे दिन में चार-पांच घंटे की धूप मिले। हालांकि, इसे गर्मियों के मौसम में दोपहर की तेज धूप से बचाव की जरूरत होती है। इसलिए गर्मियों के मौसम में आप इसके ऊपर शेडनेट लगा दें। अगर आपके इलाके का तापमान 30 डिग्री तक रहता है तो एवोकैडो बहुत अच्छे से विकसित होते हैं। 

कंटेनर में एवोकैडो को नियंत्रित पोषण मिलता है। इसलिए आपको हर दो हफ्तों में इसे खाद देनी चाहिए। 

  • इसके लिए आप 500 ग्राम केंचुआ खाद, 500 ग्राम गोबर की खाद, 100 ग्राम नीम खली पाउडर और 100 ग्राम सरसों खली पाउडर मिलाकर मिश्रण तैयार करें। फरवरी-मार्च, जून और सितंबर के महीने में इस मिश्रण की एक-दो इंच मोटी परत कंटेनर में पॉटिंग मिक्स के ऊपर बिछा दें। 
  • एवोकैडो की छाल, पत्तियों और बीज से एक प्राकृतिक पदार्थ निकलता है, जिसे परसिन कहते हैं। यह सभी तरह के कीटों को दूर रखता है। हालांकि, यह इंसान के लिए हानिकारक नहीं है। लेकिन फिर भी कीटों से बचाने के लिए आप बीच-बीच में में नीम के तेल का स्प्रे कर सकते हैं। 
Grow Avocado in Conatiner
  • नियमित रूप से पानी देते रहें। 
  • पौधे को लगाने के एक साल बाद इसकी कटाई-छंटाई शुरू करनी चाहिए। सामान्य तरीके से कटाई-छंटाई तो कभी भी हल्के गर्म मौसम में की जा सकती है। लेकिन अगर इसकी कई शाखाएं काटनी-छांटनी हों तो फरवरी में यह काम करें। 

इस पेड़ पर नर और मादा दोनों तरह के फूल आते हैं। इसलिए आपको पोलीनेशन के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं होगी। अगर आप ग्राफ्टेड पौधा लगा रहे हैं तो इसमें दो सालों में फूल आने लगते हैं। 

तो देर किस बात की, आज से ही करें अपने घर में एवोकैडो लगाने की तैयारी। तरुण उपाध्याय से संपर्क करने के लिए आप उन्हें tarunupadhyaya@gmail.com पर ईमेल कर सकते हैं!

हैप्पी गार्डंनिंग!

संपादन- जी एन झा

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