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three wheeler electric mobility Komaki E Scooter

बुज़ुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए बना है यह ख़ास थ्री व्हीलर इलेक्ट्रिक स्कूटर

दिल्ली की इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने वाली कंपनी कोमाकी ने, इस महीने की शुरुआत में बुजुर्ग और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए XGT X5 – ई स्कूटर लॉन्च किया। इस स्मार्ट थ्री व्हीलर की खासियत इसके सेफ्टी और मैकेनिकल पार्किंग फीचर हैं, जो इसे दुर्घटना से बचाते हैं।

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इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की बात करें, तो भारत में दिव्यांग और बुजुर्गों को हमेशा नज़रअन्दाज़ किया जाता रहा है।  लेकिन हाल-फिलहाल में दिल्ली के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी वेंचर कोमाकी ने उनकी जरूरतों को समझा और खास उनके लिए एक नया इलेक्ट्रिक मॉडल XGT X5  मार्किट में उतारा है। साल 2016 में स्थापित, अपनी मूल कंपनी केएलबी के दिल्ली स्थित वेंचर (उद्यम) के साथ कोमाकी ने सेफ्टी और मैकेनिकल पार्किंग सुविधाओं से लैस इस स्मार्ट थ्री व्हीलर को लॉन्च किया है। ये कंपनी तीन दशकों से अधिक समय से ऑटोमोटिव बिजनेस में है।

स्कूटर को मार्केट में उतारने के बाद से, कोमाकी अपने इस मॉडल की 1000 से ज्यादा यूनिट बेच चुका है। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर के दो वर्जन हैं। 72V24AH लीथियम आयन बैटरी वर्जन की एक्स शोरूम कीमत 90,500 रुपये है, जबकि VRLA GEL बैटरी वाले XGT X5 GEL की कीमत 72,500 रुपये रखी गई है। कंपनी का दावा है कि दोनों ही स्कूटर एक बार चार्ज करने के बाद 80 से 90 किलोमीटर की दूरी तय कर सकते हैं और इनकी स्पीड 25 किलोमीटर प्रति घंटा है। ई-स्कूटर को पूरी तरह चार्ज होने में 4-5 घंटे का समय लगता है।

क्यों है खास?

ली-आयन बैटरी पर 2 साल +1 की वारंटी दी जाती है, जबकि वीआरएल आरए बैटरी पर आजीवन वारंटी दी गई है। मोटर के साथ-साथ कंट्रोलर पर भी ग्राहक को एक से पांच साल की वारंटी मिलती है, जिसका लाभ कोमाकी के इन हाउस ऐप से लिया जा सकता है। अगर हम बात करें कि इस ई स्कूटर में ऐसा क्या है, जो इसे बाकी सबसे अलग करता है, तो वह है इसका ‘सेल्फ रिपेयर फंक्शन’।

द बेटर इंडिया से बातचीत करते हुए कोमाकी इलेक्ट्रिकल व्हीकल डिविजन की निदेशक गुंजन मल्होत्रा कहती हैं, “सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए XGTA X5 मॉडल में रिजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम और एक रिपेयर स्विच दिया गया है। यह बाइक में कोई खराबी आने पर समस्या को पहचानकर उसे खुद से ठीक कर देता है। ताकि बाइक सवार, अपनी मंजिल तक सुरक्षित पहुंच जाए।”

मतलब कि यह स्कूटर आपको सड़क पर धोखा नहीं देगा। एक बार रिपेयर मोड सक्रिय हो जाने पर, ई-स्कूटर 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलता है, जिससे व्यक्ति घर या फिर वर्कशॉप तक आसानी से पहुंच जाएगा। 

दिव्यांग व बुजुर्गों की सुविधा का रखा गया खास ध्यान

कोमाकी के ऑपरेशन हेड सुभाष शर्मा कहते हैं, “हमने अक्टूबर-नवंबर 2020 में XGT X5 का एक प्रोटोटाइप मॉडल तैयार कर लिया था। लगभग तीन महीने पहले इसका ट्रायल रन किया गया। एक बार जब ट्रायल रन सफल हो गया, तब हमने आईसीएटी प्रमाणपत्र लिया। फिर इसकी मैनुफैक्चरिंग शुरू कर दी और डीलरों तक इसको पहुंचाने में लग गए।”

पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतें लोगों की जेब खाली कर रही हैं। ई-स्कूटर बनाकर आप उस पैसे को तो बचा देंगे। लेकिन इसके अलावा ऐसा क्या है, जो इसे बुजुर्गों और विकलांगों के लिए स्पेशल बनाता है?

इस सवाल का जवाब देते हुए, गुंजन बताती हैं, “कोमाकी ने XGT X5  को खासतौर पर दिव्यांग और बुजुर्गों को ध्यान में रखकर बनाया है। ताकि ड्राइविंग के दौरान उन्हें कोई परेशानी न हो। इसमें मैकेनिकल पार्किंग सुविधा को जोड़ा है, जिसे इस्तेमाल करना काफी आसान है। हैंडलबार पर एक स्विच लगा है, जो ब्रेक लिवर से जुड़ा होता है। यह फीचर गाड़ी को लुढ़कने से रोकता है। एक बार इस बटन को दबाने के बाद स्कूटर आगे या पीछे नहीं चलेगा। स्विच को जब तक दुबारा नहीं दबाएंगे तब तक स्कूटर खड़ा ही रहेगा। यह थ्री व्हीलर अपना संतुलन बनाए रखता है और पतली व छोटी गलियों में भी आराम से चलाया जा सकता है। अच्छी बात तो यह है कि इसके पिछले हिस्से को काफी सोच समझकर संकरा बनाया गया है।”

Komaki three wheeler e scooter
Komaki XGT X5

क्या कहते हैं कस्टमर्स?

सुभाष कहते हैं, “फोर टायर मॉडल के उलट हमने डिफरेंशियल ब्रेकिंग सिस्टम से लैस तीन टायर लगाए हैं। ये खास उनके लिए हैं, जिन्हें दोपहिया वाहनों को संभालने में मुश्किल आती है। इसके अलावा, ई-स्कूटर क्रूज कंट्रोल, रिवर्स और पार्क मोड में भी आता है। इसमें एक डिजिटल डैश भी है, जो आपको बताएगा कि स्कूटर में अभी कितनी चार्जिंग बची है। इसके अलावा, और भी जरुरी जानकारियां इसमें डिसप्ले होती रहेंगी। एलईडी हेडलाइट के साथ-साथ इसमें टेल लैंप भी है।”

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द बेटर इंडिया से बात करते हुए, चेन्नई के एक 45 साल के दिव्यांग ग्राहक अभिजीत रेड्डी कहते हैं, “कोमाकी XGT X5  मॉडल खरीदने के बाद, मुझे ऐसा लगता है जैसे पृथ्वी को बचाने के लिए मैने भी अपना थोड़ा सा योगदान दे दिया है। अब मुझे पेट्रोल खरीदने के लिए लंबी-लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। बजाय इसके, मैं इसे घर पर ही आराम से चार्ज कर सकता हूं। लेकिन जो चीज़ मेरे लिए सबसे अलग है वह है इसका मकैनिकल फीचर। अपने पुराने स्कूटर में, मुझे टायर के नीचे ईंट रखनी पड़ती थी ताकि वह लुढ़क न जाए। कोमाकी XGT X5  ने इस परेशानी को एक साधारण से बटन में बदल दिया है। ये एक अच्छा फीचर है, जिससे काफी सोच समझकर तैयार किया गया है। मेरे जैसे तीन पहिया स्कूटर की सवारी करने वाले लोगों के लिए बहुत मायने रखता है।”

60 प्रतिशत कलपुर्जे हैं स्थानीय मार्किट से

XGT X5 को दिल्ली एनसीआर के कापसहेड़ा इलाके में 40 हजार वर्ग फुट में फैली कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में बनाया गया है। इसकी उत्पादन क्षमता हर साल 60 हजार वाहनों की है। ई-स्कूटर बनाने के लिए कंपनी ने 60 प्रतिशत कलपुर्जे स्थानीय मार्किट से खरीदे हैं। जबकि 40 प्रतिशत कलपुर्जों को आयात किया गया है। फिर भी इनका उद्देश्य आने वाले समय में 100 प्रतिशत कलपुर्जों के लिए स्थानीय मार्केट पर निर्भर रहने का है।

अब तक कोमाकी वेंचर में 80 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया जा चुका है। साल 2016 में इसने कम स्पीड वाले नौ ई- स्कूटर लॉन्च किए थे। पिछले साल M5 जैसी ई बाईक लांच की गई, जो एक बार चार्ज करने पर 70 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलती है। XGT X5 की तरह इसमें सेल्फ रिपेयर फंक्शन भी है और यह डिटेचेबल ली आयन बैटरी के साथ आता है। इनकी एक और हाई स्पीड ई बाईक T 95 है, जो एक बार चार्ज करने पर 150 किलोमीटर तक चलती है। इसकी स्पीड 70 किलोमीटर प्रति घंटा है।

“लोगों की खुशी में करते हैं निवेश”

कोमाकी इलेक्ट्रिक व्हीकल डिविजन की निदेशक गुंजन मल्होत्रा कहती हैं, “इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने की एक अग्रणी कंपनी होने के नाते सबकी जरूरतों का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है। हम स्वच्छ और हरित भारत के अपने विजन के साथ खड़े हैं और अपने ग्राहकों को खुश करने के लिए कुछ न कुछ नया लाते रहते हैं। हम, लोगों की खुशी में निवेश करने में विश्वास रखते हैं और हमें पता है कि हम जहां भी कदम रखेंगे, लोग हमारे साथ बने रहेंगे।“

मूल लेखः- रिनचेन नोर्बु वांगचुकय

संपादनः अर्चना दुबे

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