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घर-घर सिलिंडर पहुंचाने वाले रितेश कुमार अब खेलेंगे नेशनल एथलेटिक्स में!

त्तर-प्रदेश के रहनेवाले रितेश कुमार आज सीनियर नेशनल ऐथलेटिक्स प्रतियोगिता में प्रतिभागी हैं। लेकिन उनका यहां तक का सफर बिलकुल भी आसान नहीं रहा है।

अपने भाई-बहनों में सबसे बड़े होने के नाते, रितेश पर घर चलाने की ज़िम्मेदारी भी रही है। इसलिए वे गुड़गांव में एक गैस एजेंसी के लिए घर-घर गैस सिलिंडर पहुंचाने का काम करते हैं। इस काम से उन्हें प्रति माह नौ हज़ार रूपये तनख्वाह मिलती है, जिसमें से ज्यादातर पैसे वे अपने घर भेज देते हैं।

अपनी नौकरी के बावजूद रितेश अपनी प्रैक्टिस कभी भी नहीं छोड़ते। रोज सुबह 8 बजे से शाम के 3:30 बजे तक लोगों के घर-घर जाकर सिलिंडर पहुंचाते हैं और शाम 4:30 बजे से 7 बजे तक मैदान में जमकर मेहनत करते हैं।

रितेश बताते हैं कि 25 से 27 सितंबर तक उड़ीसा के भुवनेश्वर में सीनियर नेशनल ऐथलेटिक्स प्रतियोगिता में 5 किमी रन के लिए उनका चयन हुआ है।

रितेश के कोच रामनिवास उनकी हर संभव मदद करते हैं। रितेश का कॉलेज में दाखिला भी उनके कोच ने ही करावाया है। इसके अलावा रितेश कभी भी मेहनत करने से पीछे नहीं हटते।

उनके कोच का कहना है कि रितेश काफी मेहनती हैं और इसी मेहनत ने उन्हें नेशनल में जगह दिलाई है। वे इंटरनेशनल में भी अपनी दावेदारी पक्की करेंगे और देश के लिए मेडल भी जीतकर लौटेंगे।

फ़िलहाल वे गुड़गांव में एक गाँव कासन में रह रहे हैं और यहाँ से सेक्टर-38 स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में प्रैक्टिस के लिए जाते हैं।

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संपादन – मानबी कटोच


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Written by निशा डागर

Blessed with a talkative nature, Nisha has done her masters with the specialization in Communication Research. Interested in Development Communication and Rural development, she loves to learn new things. She loves to write feature stories and poetry. One can visit https://kahakasha.blogspot.com/ to read her poems.

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