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पिता की मृत्यु की खबर सुनने के बाद भी साथी कमांडर को सुरक्षित घर वापिस लाने के लिए आगे बढ़ता रहा यह जवान!

प्रतीकात्मक तस्वीर

क्षिणी हिंद महासागर में फंसे हुए एक भारतीय नौसेना कमांडर अभिलाष टोमी को सोमवार को एक फ्रांसीसी जहाज ओसीरिस (जिसका इस्तेमाल मछली पकड़ने के लिए होता है) द्वारा बचाया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार अभिलाष की हालत अभी ठीक है और वे बात कर पा रहे हैं। उन्हें एम्स्टर्डम के एक टापू पर ले जाया गया है।

दरअसल, 1 जुलाई को फ्रांस में शुरू हुई गोल्डन ग्लोब रेस में विशेष आमंत्रण पर हिस्सा लेने पहुंचे अभिलाष की नाव शुक्रवार को हिंद महासागर में फंस गई थी। उनका संपर्क भी टूट गया था। जिसके बाद उन्हें नौसेना के पी8आई एयरक्राफ्ट के जरिए रविवार को ढूंढ लिया गया।

एम्स्टर्डम से उन्हें भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सतपुड़ा द्वारा मॉरीशस ले जाया जायेगा। जहां पर उनका आगे इलाज़ होगा। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक कमांडर टोमी की नाव थुरिया बेहद खराब मौसम और समुद्र में तेज लहरों के चलते तहस-नहस हो गयी थी। जिसमें कमांडर टोमी बुरी तरह से घायल हो गए।

इसकी खबर मिलते ही, सुरक्षा बल ने तुरंत आईएनएस सतपुड़ा को चेतक हेलीकॉप्टर के साथ उनके बचाव के लिए भेजा। इसी बीच खबर मिली कि आईएनएस सतपुड़ा के कप्तान आलोक आनंद के पिता की मृत्यु हो गयी है। मुज़फ्फरनगर में उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली।


लेकिन कप्तान आनंद ने अपने कर्तव्य को ऊपर रखते हुए कमांडर टोमी का बचाव अभियान जारी रखा। एक पूर्व नौसेना कमांडर अरुण ज्योति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके बताया कि जब कप्तान आनंद को टोमी के बारे में खबर मिली तो उन्होंने तुरंत अपने जहाज को एम्स्टर्डम की तरफ मोड़ दिया और जब वे तेजी से अपनी मंजिल की तरफ बढ़ रहे थे तो उन्हें उनके पिता के देहांत के बारे में पता चला। लेकिन अब जहाज को वापिस नहीं मोड़ा जा सकता था क्योंकि उन्हें एक ज़िन्दगी को बचाना था।


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

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